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दिल्ली हाईकोर्ट में अवमानना मामले का नया मोड़, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया से हटाई विवादित पोस्टभारत
4 अग॰ 2026, 7:01 pm (85 दिन पहले)· 0

दिल्ली हाईकोर्ट में अवमानना मामले का नया मोड़, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया से हटाई विवादित पोस्ट

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि विवादित पोस्ट डिलीट कर दी गई हैं, लेकिन उनका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित है।

दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के दिग्गजों और एक पत्रकार पर चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के दौरान एक नया घटनाक्रम सामने आया। यह पूरा प्रकरण न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की गई अभद्र टिप्पणियों और हितों के टकराव से जुड़े दावों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस ताज़ा सुनवाई के दौरान याचिका पक्ष की ओर से अदालत को जानकारी दी गई कि विवादित पोस्ट्स को अब इंटरनेट से हटा लिया गया है, हालांकि याचिकाकर्ता के पास इन सभी सामग्रियों का डिजिटल सबूत और रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित मौजूद है।

मामले की पृष्ठभूमि और सोशल मीडिया पोस्ट

इस पूरे विवाद की जड़ें 9 अप्रैल को उस वक्त जमी थीं, जब पत्रकार सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। उस दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही थीं। यह सुनवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई की उस याचिका पर चल रही थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं को मिली कानूनी राहत को चुनौती दी गई थी। पत्रकार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह आरोप लगाया था कि जज के बेटे और बेटी केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पैनल वकील के रूप में काम कर रहे हैं, जिसके चलते इस मामले में हितों का टकराव यानी कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट पैदा होता है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी थीं।

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अदालत में याचिकाकर्ता का पक्ष

इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच के समक्ष हुई, जिसमें न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंद्र दुडेजा शामिल थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और अधिवक्ता अशोक चैतन्य ने अदालत के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने पीठ को औपचारिक रूप से सूचित किया कि पत्रकार सौरव दास के अलावा आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं जैसे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय द्वारा साझा किए गए तमाम आपत्तिजनक संदेश और पोस्ट अब हटाए जा चुके हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भले ही ये पोस्ट अब ऑनलाइन नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन याचिका को आधार प्रदान करने वाले इन तमाम साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित रखा गया है, ताकि अदालत में कार्यवाही आगे बढ़ सके।

सवाल-जवाब

यह आपराधिक अवमानना याचिका किस अदालत में सूचीबद्ध थी?
यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंद्र दुडेजा की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने अदालत में क्या मुख्य जानकारी दी?
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अशोक चैतन्य ने अदालत को बताया कि प्रतिवादियों द्वारा विवादित सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए गए हैं, लेकिन उनके पास इसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित है।
यह पूरा विवाद किस जज और मामले से जुड़ा हुआ है?
यह मामला न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ की गई टिप्पणियों और दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई से संबंधित है।
इस मामले में किन-किन नेताओं और व्यक्तियों के नाम शामिल हैं?
इस मामले में पत्रकार सौरव दास तथा आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय के नाम शामिल हैं।
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