राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शनों के कारण प्रशासन ने सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं। कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) की अगुआई में चल रहे इस आंदोलन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी रहने के बावजूद उठाया गया यह कदम उन हजारों यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है जो दोपहर बाद बिहार जाने वाली ट्रेनों को पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने की तैयारी कर रहे थे।
दोपहर की ट्रेनों और यात्रियों पर सीधा असर
दोपहर के समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिहार जाने वाली और वहां से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का प्रस्थान होता है। इनमें तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनें शामिल हैं। मेट्रो स्टेशन बंद होने से यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बन सकती है। यह रेल मार्ग यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस पर ट्रेनों की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचती है और यह दिल्ली-बिहार संपर्क का मुख्य साधन है।
हालिया व्यवधानों और बदलावों से जूझ रहे यात्री
यह परेशानी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में इस रूट पर सफर करने वाले लोगों को कई अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हाल ही में 29 अप्रैल 2026 को पटना-दिल्ली मार्ग पर आए तेज आंधी-तूफान के कारण ट्रैक पर पेड़ गिर गए थे, जिससे एक्सप्रेस ट्रेनें कई घंटों की देरी से चली थीं। इसके अलावा, पटना में हुई भारी बारिश के कारण एक पांच मंजिला इमारत की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत भी हुई थी। यात्रियों के लिए दानापुर में तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति का ठहराव सुनिश्चित किए जाने और पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू होने की घोषणाओं के बीच किराए में हुई बढ़ोतरी ने भी उनकी जेब पर असर डाला है। जन साधारण से लेकर संपूर्ण क्रांति तक का किराया बढ़ जाने के बाद अब इस ताजा मेट्रो बंदी ने यात्रियों की राह और मुश्किल कर दी है।



















