नवरात्रि के समापन के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। 19 अक्टूबर की सुबह से ही वातावरण में ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। रात के समय पारा गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिसकी वजह से लोगों ने घरों में हल्के कंबल निकालने शुरू कर दिए हैं। पंखों की रफ्तार भी धीमी कर दी गई है, क्योंकि तेज गति में पंखा चलाने पर अब सिहरन महसूस होने लगी है। दोपहर के समय खिली धूप के बावजूद सुबह और देर रात की आबोहवा में शरद ऋतु की आहट साफ महसूस की जा सकती है।
तापमान में आई कमी और दैनिक जीवन पर असर
मौसम के इस बदलाव का सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर देखने को मिल रहा है। सुबह के वक्त वातावरण में हल्की सिहरन होने के कारण लोग अब ठंडे पानी से स्नान करने से बचने लगे हैं। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे दोपहर के समय धूप थोड़ी तेज महसूस होती है। हवा की गति सामान्य स्तर पर बनी हुई है और वातावरण में मध्यम नमी है। इस वजह से दिन का वक्त काफी सुखद और आरामदायक बना हुआ है, जबकि शाम ढलते ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।
20 और 21 अक्टूबर का मौसमी पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मंगलवार 20 अक्टूबर और बुधवार 21 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ बना रहेगा। इन दोनों दिनों में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की संभावना है। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। आने वाले इन दो दिनों में बादलों की आवाजाही की कोई संभावना नहीं जताई गई है और न ही वर्षा का कोई योग बन रहा है। धूप खिली रहने से दिन का तापमान सामान्य रहेगा, परंतु रातें और अधिक सर्द हो सकती हैं।
सप्ताहांत तक लगातार जारी रहेगा ऐसा ही मिजाज
गुरुवार से लेकर शनिवार तक के मौसम में भी किसी बड़े फेरबदल की उम्मीद नहीं है। इस दौरान दिन में अच्छी धूप खिली रहेगी और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के पारे में हल्की स्थिरता दिखेगी और यह 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। रविवार और अगले सोमवार को भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है। उस समय भी दिन का पारा 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास टिके रहने का अनुमान लगाया गया है। हल्की से मध्यम गति से बहने वाली हवाएं लोगों को उमस और गर्मी से पूरी राहत दिलाए रखेंगी।
स्वास्थ्य को लेकर वैज्ञानिकों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में शरीर को नए तापमान के अनुकूल ढलने में वक्त लगता है। ऐसे में सुबह और देर शाम के समय घर से बाहर निकलते वक्त हल्के गर्म अथवा पूरे बाजू के कपड़े पहनना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि तापमान के इस उतार-चढ़ाव में मौसमी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि वायु गुणवत्ता फिलहाल सामान्य रहने की संभावना है, फिर भी धूलकणों और हल्के प्रदूषण से बचाव के लिए संवेदनशील लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। किसी प्रकार की मौसमी चेतावनी न होने से आने वाले दिन बाहर के कामकाज और यात्रा के लिए बेहद अनुकूल रहेंगे।






















