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डीप डिप्रेशन की तेज हवाओं से जटणी-पिपिली मार्ग पर विशाल पेड़ धराशायी, दो घंटे थमा रहा आवागमनओडिशा
24 सित॰ 2026, 11:03 am (7 दिन पहले)· 0

डीप डिप्रेशन की तेज हवाओं से जटणी-पिपिली मार्ग पर विशाल पेड़ धराशायी, दो घंटे थमा रहा आवागमन

ओडिशा में सक्रिय गहरे दबाव के चलते भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। बचाव कर्मियों द्वारा पेड़ हटाने के बाद मार्ग सुचारू हुआ।

ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन के असर से तेज हवाओं और लगातार बारिश का दौर जारी है। इसी मौसमी उथल-पुथल के बीच जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर अचानक एक बड़ा पेड़ सड़क के ठीक बीच में आ गिरा। इस भारी पेड़ के गिरने के कारण दोनों दिशाओं का संपर्क पूरी तरह कट गया और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 2 घंटे तक यात्रियों और स्थानीय वाहन चालकों को भारी जाम से जूझना पड़ा, जिसके बाद बचाव कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटकर हटाया और सड़क पर आवाजाही बहाल कराई।

सड़क पर पेड़ गिरने से लगा लंबा जाम और राहत कार्य

जटणी और पिपिली को जोड़ने वाली इस व्यस्त सड़क पर पेड़ धराशायी होते ही दोनों तरफ से गाड़ियों का पहिया पूरी तरह थम गया। दैनिक यात्रियों, आवश्यक सेवाओं और निजी वाहनों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू दलों ने कई देर तक सघन अभियान चलाकर गिरे हुए पेड़ के तनों और शाखाओं को मशीनों से काटा। इसके बाद मलबे को सड़क से दूर किया गया, तब जाकर तकरीबन दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।

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तट पार कर उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश पहुंचा मौसमी तंत्र

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, समुद्र में बना यह डीप डिप्रेशन तट रेखा को पार कर चुका है और फिलहाल उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के इलाके पर केंद्रित है। इस मौसमी तंत्र ने पिछले 6 घंटों के सफर में करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर अपनी चाल बढ़ाई। इसने 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की देर रात 1 बजे के दरम्यान आंध्र प्रदेश स्थित कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम भाग में तट को डीप डिप्रेशन के स्तर पर पार किया था। लैंडफॉल की इस प्रक्रिया के दौरान हवा की निरंतर रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि बीच-बीच में हवा के झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।

वर्तमान स्थिति और आगामी 24 घंटों का पूर्वानुमान

तारीख 24 सितंबर को सुबह 5:30 बजे के वक्त डीप डिप्रेशन का मुख्य केंद्र उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 18.3° उत्तर अक्षांश और 83.7° पूर्व देशांतर पर मौजूद था। भौगोलिक दूरी के लिहाज से यह केंद्र कलिंगपट्टनम से लगभग 50 किलोमीटर पश्चिम दिशा में, विशाखापट्टनम से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर तथा ओडिशा के गोपालपुर से तकरीबन 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में अवस्थित रहा।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह मौसमी प्रणाली अगले करीब 12 घंटे तक इसी तीव्रता के साथ डीप डिप्रेशन के रूप में सक्रिय रहेगी और शुरुआती दौर में उत्तर-पश्चिम दिशा में सफर तय करेगी। तत्पश्चात, अगले 24 घंटों की समयसीमा में यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम रुख अपनाते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगी। इस मौसमी बदलाव के चलते आसपास के क्षेत्रों में तेज झोंके वाली हवाएं और वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं, जिसके कारण बुनियादी ढांचे और सड़कों पर पेड़ गिरने जैसी बाधाएं पैदा हो रही हैं।

सवाल-जवाब

जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर यातायात क्यों बाधित हुआ था?
डीप डिप्रेशन की वजह से चली तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण सड़क के बीच एक बड़ा पेड़ गिर गया था, जिससे रास्ता रुक गया।
सड़क पर आवाजाही कितने समय तक बंद रही?
पेड़ गिरने की वजह से इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन लगभग 2 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा।
राहत टीमों ने सड़क को कैसे खाली कराया?
बचाव कर्मियों ने मशीनों से पेड़ के तनों और टहनियों को काटकर हटाया, जिसके बाद दोनों तरफ से यातायात सामान्य हो पाया।
डीप डिप्रेशन ने तट को कब और कहां पार किया?
इस तंत्र ने 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की रात 1 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम में तट को पार किया।
तट पार करते समय हवाओं की रफ्तार कितनी दर्ज की गई?
इस दौरान लगातार हवा की गति 55 से 65 किमी प्रति घंटा रही और तेज झोंके 75 किमी प्रति घंटा तक पहुंचे।
24 सितंबर की सुबह डीप डिप्रेशन का केंद्र कहां स्थित था?
सुबह 5:30 बजे यह कलिंगपट्टनम से करीब 50 किमी पश्चिम और विशाखापट्टनम से 80 किमी उत्तर-उत्तर पूर्व में केंद्रित था।
मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का आगे क्या अनुमान है?
यह अगले 12 घंटे तक डीप डिप्रेशन बना रहेगा और फिर अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·6 दिन पहले

75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली हवाओं के झोंके सुनकर ही अंदाज़ा हो रहा है कि बाहर निकलना कितना मुश्किल रहा होगा। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

मौसम की यह मार बहुत भारी पड़ रही है। रास्ते में पेड़ गिरने से दो घंटे तक जाम लगना रोजमर्रा के सफर को और मुश्किल बना देता है, गनीमत रही कि बचाव टीम ने जल्दी रास्ता साफ कर दिया।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·6 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले साल जब मैं खुद ओडिशा में एक फिल्म की शूटिंग कवर कर रही थी, तो अचानक आए ऐसे ही तूफान में हमारी गाड़ी भी घंटों जाम में फंसी रही थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

गनीमत रही कि पेड़ गिरने से किसी को चोट नहीं आई, दो घंटे जाम में फंसना बहुत मुश्किल रहा होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

करण, आप ठीक कह रहे हैं कि किसी को चोट नहीं आई, लेकिन दो घंटे का जाम महज़ एक मुश्किल नहीं थी, बल्कि इतनी व्यस्त सड़क पर आपातकालीन सेवाओं का रास्ता रुक जाना बहुत खतरनाक था।

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