ओडिशा के गंजाम जिले स्थित गिडिपाबाली गांव में चक्रवात अर्नब के कारण आई प्राकृतिक आपदा ने एक पूरा परिवार पूरी तरह उजाड़ दिया है। बीते सात दिनों से जारी बचाव एवं राहत अभियान के दौरान गुरुवार को बचावकर्मियों ने मलबे के भारी ढेर के नीचे से एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद किए। इस भयावह घटना में माता-पिता और उनके तीन अबोध बच्चों की जान चली गई। गुरुवार को इन पांचों शवों को बाहर निकाले जाने के साथ ही एक हफ्ते से चले आ रहे इस दर्दनाक तलाश अभियान का बेहद दुखद अंत हुआ। इसके साथ ही इस भीषण भूस्खलन की घटना में कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 7 तक पहुंच गया है।
मृतक परिवार के सदस्यों की शिनाख्त
इस भीषण प्राकृतिक हादसे में जान गंवाने वाले सभी पांचों लोग एक ही घर के सदस्य थे और गिडिपाबाली गांव के रहने वाले थे। परिजनों द्वारा की गई शिनाख्त के अनुसार, मृतकों में 27 वर्ष की भूमिका प्रधान, 25 वर्षीय विजय प्रधान, 7 साल का बालक अरुण प्रधान, 6 वर्ष की बालिका विजयलक्ष्मी प्रधान और केवल 1 साल की मासूम बच्ची जयलक्ष्मी प्रधान शामिल हैं। मलबे से शव निकाले जाने के तुरंत बाद परिजनों ने उनकी पहचान की, जिसके पश्चात शोक संतप्त माहौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। प्रशासन के अनुसार, इससे पूर्व इस आपदा में दो अन्य ग्रामीणों के शव पहले ही मलबे से निकाले जा चुके थे, जिससे कुल मृतक संख्या 7 हो गई है।
गंगाबाली पहाड़ी धंसने से 9 घर जमींदोज
यह दुखद हादसा गत 28 अक्टूबर की रात को घटित हुआ था। कंधमाल और गंजाम जिलों की सीमा पर स्थित गंगाबाली पहाड़ी में भारी बारिश के कारण अचानक भीषण भूस्खलन हो गया था। पहाड़ी से भारी मात्रा में गीली मिट्टी, बड़ी चट्टानें और बोल्डर तेजी से ढलान की ओर बहे और नीचे बसे गिडिपाबाली गांव पर आ गिरे। इस अचानक आई आफत की वजह से गांव के कम से कम 9 मकान पूरी तरह तबाह और ध्वस्त हो गए। मकानों के मलबे में दबने से कई ग्रामीण लापता हो गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।
बचाव कार्य में जुटीं 170 जवानों की टीमें
मलबे में फंसे और लापता लोगों की खोज के लिए कई सुरक्षा बलों और आपदा राहत एजेंसियों को तैनात किया गया है। वर्तमान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), राज्य अग्निशमन सेवा, जिला स्वयंसेवी बल और विशेष अभियान समूह के लगभग 170 जवान लगातार ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मलबे के विशाल ढेर के बावजूद बचावकर्मी हर संदिग्ध जगह की बारीक जांच कर रहे हैं।
बारिश से बाधित अभियान शुक्रवार को फिर शुरू
क्षेत्र में हो रही अनवरत बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों में गंभीर चुनौतियां पेश आ रही हैं। बुधवार को अत्यधिक बारिश और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य को कुछ घंटों के लिए अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार से तलाशी अभियान को दोबारा पूर्ण रूप से संचालित करने की योजना बनाई गई है। बचाव दल आने वाले दिनों में भी प्रभावित स्थल पर तैनात रहेंगे ताकि मलबे में दबे अन्य किसी संभावित लापता व्यक्ति को ढूंढा जा सके और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।





















