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दुर्गापुर के हॉस्टल में पंखे से लटका मिला बिहार के मेडिकल छात्र अभिषेक कुमार का शव, परीक्षा के तनाव की आशंकापश्चिम बंगाल
28 अग॰ 2026, 10:19 pm (15 दिन पहले)· 5

दुर्गापुर के हॉस्टल में पंखे से लटका मिला बिहार के मेडिकल छात्र अभिषेक कुमार का शव, परीक्षा के तनाव की आशंका

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित राजबंध में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 21 वर्षीय छात्र अभिषेक कुमार फंदे से लटके मिले। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक निजी चिकित्सा संस्थान के हॉस्टल परिसर से प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्र का शव बरामद किया गया है। मृतक छात्र की पहचान बिहार के सीतामढ़ी निवासी 21 वर्षीय अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। शुक्रवार दोपहर को हॉस्टल के बंद कमरे से उनका शव फंदे पर लटकता हुआ मिलने से पूरे कैंपस और छात्र समुदाय में गहरा हड़कंप मच गया। प्राथमिक अनुमानों के अनुसार, आगामी महत्वपूर्ण परीक्षा के अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव के कारण छात्र ने यह घातक कदम उठाया हो सकता है। कांकसा थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

हॉस्टल परिसर में इस तरह सामने आई घटना

घटनाक्रम के विवरण के अनुसार, 21 साल के अभिषेक कुमार राजबंध स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर के समय उनका सहपाठी किसी काम से हॉस्टल के कमरे से बाहर गया हुआ था। कुछ समय पश्चात जब सहपाठी वापस लौटा, तो उसने कमरे का दरवाजा भीतर से मजबूती से बंद पाया। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया और अभिषेक को आवाजें दीं, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। निरंतर प्रयास के बावजूद जब कोई जवाब नहीं आया, तो सहपाठी को अनहोनी की आशंका हुई। उसने बिना समय गंवाए तुरंत हॉस्टल प्रबंधन, सुरक्षाकर्मियों और आसपास रहने वाले अन्य साथी छात्रों को सतर्क किया।

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घटना की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल के अधिकारी और छात्र बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। जब भीतर से कुंडी खोलने का कोई प्रयास सफल नहीं हुआ, तो छात्रों और कर्मचारियों ने मिलकर कमरे के दरवाजे का ताला तोड़ दिया। अंदर प्रवेश करते ही कमरे का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया, क्योंकि अभिषेक कुमार का शरीर फंदे से लटक रहा था। साथी छात्रों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन्हें नीचे उतारा और इलाज के लिए पास में ही स्थित निजी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचाया।

चिकित्सकों ने घोषित किया मृत, परिजनों को दी गई सूचना

अस्पताल परिसर में पहुंचते ही आपातकालीन चिकित्सा दल ने छात्र का गहन परीक्षण किया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों ने जानकारी दी कि छात्र को बेहद गंभीर स्थिति में इमरजेंसी में लाया गया था, परंतु जीवन रक्षा के तमाम प्रयास निष्फल साबित हुए। चिकित्सकों द्वारा मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि किए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय कांकसा पुलिस स्टेशन को सूचित किया। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भेजने की व्यवस्था की।

पुलिस और अस्पताल सूत्रों का कहना है कि अभिषेक की निकट भविष्य में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक परीक्षा होने वाली थी। शुरुआती आकलन में यह आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा के अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव को न झेल पाने के कारण छात्र गहरे अवसाद में चले गए थे। हालांकि, आधिकारिक तौर पर आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

पुलिस जांच और अधिकारियों का आधिकारिक बयान

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन ने मृतक छात्र के बिहार स्थित परिजनों को दुखद घटना की जानकारी दे दी है, जिसके बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस दल हॉस्टल के कमरे की बारीकी से तलाशी ले रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या छात्र ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था या घटना के पीछे कोई अन्य संदिग्ध कारण तो नहीं है।

मामले के संदर्भ में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर रसप्रीत सिंह ने बताया कि छात्र का शव हॉस्टल के कमरे से बरामद किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजनों को घटना की सूचना भेज दी गई है और पुलिस हर संभावित कोण से जांच आगे बढ़ा रही है। डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तथा गहन जांच संपन्न होने के पश्चात ही संभव हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सहपाठियों और हॉस्टल अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।

सवाल-जवाब

दुर्गापुर में मृत पाए गए मेडिकल छात्र का क्या नाम था और वह कहाँ के निवासी थे?
मृतक छात्र का नाम अभिषेक कुमार था, जिनकी उम्र 21 वर्ष थी। वह मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे और दुर्गापुर के राजबंध स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के छात्र थे।
छात्र का शव कहाँ और किस स्थिति में बरामद हुआ?
अभिषेक कुमार का शव शुक्रवार दोपहर को उनके हॉस्टल के कमरे के अंदर फंदे से लटकता हुआ मिला, जब उनके सहपाठी और हॉस्टल कर्मचारियों ने ताला तोड़कर कमरे में प्रवेश किया।
इस घटना के पीछे क्या मुख्य कारण माना जा रहा है?
अस्पताल और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आगामी महत्वपूर्ण परीक्षा के अत्यधिक मानसिक दबाव और अवसाद को प्राथमिक कारण माना जा रहा है।
मामले में पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
डिप्टी कमिश्नर रसप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और ऑटोप्सी रिपोर्ट के बाद होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

यह घटना देश के मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में बढ़ते मानसिक तनाव और अकादमिक दबाव की एक और गंभीर बानगी है। एक तरफ जहां परीक्षा के भारी बोझ और दूरदराज के राज्यों से आकर अकेले रहने वाले युवाओं की काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन और शिक्षण संस्थानों के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि वे परिसरों में सुदृढ़ मनोवैज्ञानिक सपोर्ट सिस्टम स्थापित करें ताकि इस तरह के जानलेवा कदमों को समय रहते रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 दिन पहले

यह दुखद मामला इस बात की सख्त मांग करता है कि पुलिस और फोरेंसिक टीम केवल परीक्षा के तनाव के शुरुआती एंगल तक सीमित न रहें, बल्कि हॉस्टल की आंतरिक सुरक्षा, रूममेट के बयानों और संस्थान की ओर से छात्रों की काउंसलिंग व्यवस्था की भी गहराई से पड़ताल करें। जांच का दायरा यह भी देखे कि क्या समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता या किसी प्रकार की रैगिंग व अन्य दबाव तो जिम्मेदार नहीं थे, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों की तह तक पहुंचा जा सके।

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