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डूसू चुनाव 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों का बड़ा संग्राम शुरू, डेढ़ लाख से अधिक युवा तय करेंगे नई सियासी तकदीरदिल्ली
18 सित॰ 2026, 8:39 am (42 दिन पहले)· 1

डूसू चुनाव 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों का बड़ा संग्राम शुरू, डेढ़ लाख से अधिक युवा तय करेंगे नई सियासी तकदीर

दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनावों के लिए आज मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें डेढ़ लाख से अधिक छात्र अपने नए प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं। कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के परिसरों में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है। देश के इस सबसे बड़े छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया आज आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सुबह के वक्त ठंडी हवाओं के बीच कॉलेजों के बाहर छात्रों की लंबी कतारें इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि यूनिवर्सिटी की राजनीति को लेकर युवाओं के बीच कितना भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में क्लासरूम में उपस्थिति की फिक्र करने वाले ये विद्यार्थी आज इस बात को लेकर ज्यादा उत्सुक हैं कि कॉलेज की कैंटीन से लेकर यूनिवर्सिटी के उच्च प्रशासन तक उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाने का काम कौन सा उम्मीदवार करेगा।

कैंपस में गरमाई राजनीति और चुनाव प्रचार

सुबह की चाय की चुस्कियों के साथ शुरू होने वाली चर्चाएं अब सीधे वोटिंग मशीनों तक पहुंच चुकी हैं। परिसरों में चारों तरफ पर्चे बांटते हुए समर्थक और जीत के बड़े-बड़े दावे करते हुए प्रत्याशी साफ नजर आ रहे हैं। पूरा विश्वविद्यालय परिसर इस समय पूरी तरह से चुनावी रंगों में रंग चुका है और हर कोई बस यही जानने के लिए बेताब है कि इस बार चुनाव में जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। छात्र अपने पसंदीदा चेहरों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं और माहौल पूरी तरह से गर्माया हुआ है।

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प्रशासन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से पूरी सख्ती से निपटने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही अपनी कमर कस ली है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी की अनुशासन समिति के अधिकारी भी चप्पे-चप्पे पर पूरी तरह मुस्तैद रहकर नजर रख रहे हैं। बीते वर्षों के दौरान हुए हंगामों और परिसरों की दीवारों पर गंदे पोस्टर्स चिपकाने की पुरानी संस्कृति से कड़ा सबक लेते हुए इस बार डीयू प्रशासन ने वीसी प्रो. योगेश सिंह के नेतृत्व में बेहद सख्त निर्देश और हिदायतें जारी की हैं, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।

सवाल-जवाब

डूसू चुनाव 2026 के लिए मतदान कब शुरू हुआ?
डूसू चुनाव 2026 के लिए मतदान आज सुबह शुरू हो चुका है।
इस चुनाव में कितने छात्र मतदान कर रहे हैं?
इस चुनाव में डेढ़ लाख से अधिक छात्र अपने नए प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कौन कर रहा है?
दिल्ली पुलिस के जवान और यूनिवर्सिटी की अनुशासन समिति के अधिकारी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं।
किसकी अगुवाई में सख्त हिदायतें दी गई हैं?
डीयू प्रशासन ने वीसी प्रो. योगेश सिंह की अगुवाई में बहुत सख्त हिदायतें दी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 दिन पहले

डूसू चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एक संवेदनशील चुनौती होती है। डेढ़ लाख से अधिक मतदाताओं के इस बड़े जमावड़े में लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों का पालन और संपत्ति विरूपण अधिनियम की सख्ती यह तय करेगी कि परिसरों में हिंसा या हुड़दंग की पुरानी घटनाएं दोबारा न दोहराई जाएं।

Rohan Verma@rohan-verma·41 दिन पहले

डूसू चुनावों का यह सियासी पारा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर उत्तर प्रदेश सहित आसपास के बड़े राज्यों के छात्र संघ चुनावों और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जब डेढ़ लाख से अधिक युवा मतदान प्रक्रिया में शामिल होते हैं, तो यह भविष्य के नेतृत्व की दिशा तय करता है। प्रशासनिक सख्ती और लिंगदोह समिति के नियमों का यह कड़ा इम्तिहान परिसरों में वैचारिक बहसों को और अधिक परिपक्व बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

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