भीषण गर्मी में रेल यात्रा करने वाले आम यात्रियों की परेशानी अक्सर सोशल मीडिया पर सामने आती रहती है, लेकिन इस बार मामला महज शिकायत तक सीमित नहीं रहा बल्कि एक सुरक्षा चेतावनी में बदल गया। फरक्का एक्सप्रेस के जनरल कोच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक यात्री गर्मी से राहत पाने के लिए मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट में सीधे एक छोटा पंखा जोड़कर चलाता नजर आ रहा है।
वीडियो में क्या दिख रहा है
वायरल वीडियो के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। इसमें दिख रहा यात्री जनरल कोच में सीट नंबर 75 के ठीक सामने बैठा था और उसने अपने पंखे का प्लग सीट के पास लगे मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में डाल रखा था। गर्मी और भीड़ से जूझ रहे यात्री ने भले ही राहत के लिए यह तरीका अपनाया हो, लेकिन बिजली के इस जुगाड़ ने खुद उसकी और आसपास बैठे बाकी यात्रियों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया। जनरल कोच में गर्मी के मौसम में भीड़ और उमस पहले से ही यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनी रहती है, और यही वजह है कि कई यात्री राहत के लिए अपने स्तर पर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।
यात्री ने एक्स पर दी रेलवे को जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी सबसे पहले कपिल शुक्ल नाम के एक यात्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। उन्होंने रेलवे मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए बताया कि बालुरघाट जा रही फरक्का एक्सप्रेस में एक यात्री मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट से पंखा चला रहा है। कपिल शुक्ल ने आगाह करते हुए लिखा, "इससे किसी बड़ी घटना होने की संभावना है।" उन्होंने यह भी बताया कि यात्री जनरल कोच में आगे से पहली सीट यानी सीट नंबर 75 के सामने बैठा है, और साथ लगाई गई तस्वीरें सुबह करीब 8:30 बजे की हैं।
उत्तर रेलवे ने जारी की सख्त चेतावनी
वीडियो के सामने आने के बाद उत्तर रेलवे हरकत में आया और यात्रियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की। रेलवे ने कहा कि "चार्जिंग पोर्ट केवल मोबाइल फोन और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए हैं।" रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे इन सॉकेट में पंखा, हीटर, इस्त्री या किसी भी अन्य घरेलू विद्युत उपकरण का प्लग न लगाएं, क्योंकि इससे वायरिंग पर दबाव बढ़ता है और वायरिंग गर्म होकर शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी गंभीर घटना का खतरा पैदा हो सकता है। रेलवे ने सभी यात्रियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की अपील की है जिससे खुद के साथ-साथ बाकी यात्रियों की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।
मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में पंखा लगाना खतरनाक क्यों है
ट्रेन के कोच में लगे चार्जिंग सॉकेट सीमित बिजली क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं, ताकि मोबाइल फोन, टैबलेट जैसे छोटे उपकरण आराम से चार्ज हो सकें। लेकिन पंखे जैसे उपकरण मोबाइल फोन के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली खींचते हैं। जब ऐसा कोई उपकरण इन सॉकेट से जोड़ा जाता है, तो सॉकेट और उससे जुड़ी वायरिंग पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। अगर यह दबाव लंबे समय तक बना रहे तो तार गर्म होने लगते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होने और आग भड़कने की आशंका काफी बढ़ जाती है। ट्रेन जैसी बंद और भीड़भाड़ वाली जगह में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है, इसलिए रेलवे इस तरह के जुगाड़ को लेकर बार-बार आगाह करता रहा है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया, जनरल कोच की सुविधाओं पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों की राय बंटी हुई नजर आई। कई यूजर्स ने पंखे का जुगाड़ लगाने वाले यात्री की लापरवाही की आलोचना करते हुए इस पर कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी तरफ कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि जनरल कोच में गर्मी और भीड़भाड़ इतनी ज्यादा होती है कि यात्री मजबूरी में ऐसे जोखिम भरे तरीके अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। कई यूजर्स ने रेलवे से जनरल कोच में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि अगर कोच में पर्याप्त वेंटिलेशन और अच्छी क्षमता वाले पंखों की व्यवस्था पहले से हो, तो यात्रियों को खुद ऐसे खतरनाक जुगाड़ का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
नियम क्या कहते हैं, यात्रियों से क्या अपील
रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेन में किसी भी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सफर के दौरान केवल उन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल करें जिनकी रेलवे ने खुद अनुमति दी है। यह पूरा मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सफर के दौरान की गई एक छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो उसकी जानकारी तुरंत टीटीई, रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ या रेलवे की हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।



















