योगी आदित्यनाथ ने जल सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना कीराजस्थान की झुग्गी-झोपड़ी से निकला पारंपरिक ममीरा सुरमा, सोशल मीडिया के दम पर बना सुशीला सपेरा का ग्लोबल ब्रांडगुरुग्राम हिट एंड रन मामले में राजस्थान से गिरफ्तार आरोपी कल्याण बैसला की पहली तस्वीर आई सामने, चेहरे पर नहीं दिखा कोई पछतावाफेडरल रिजर्व की ब्याज दर बैठक से पहले वैश्विक बॉन्ड यील्ड में हलचल, डॉलर मजबूत होने से सोने और प्रमुख मुद्राओं पर दबावगुवाहाटी में जापानी स्वादों का उत्सव, रेडिसन ब्लू के नेस्टएशिया में 20 सितंबर तक चलेगा खास कैसेकी फूड फेस्टपंजाब के कई जिलों पर बलूचिस्तान का दावा, नया राष्ट्रीय नक्शा जारी कर 64 प्रतिशत क्षेत्रफल का किया ऐलानसिंह राशि में केतु के गोचर से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, 81 दिनों तक होगी धनवर्षाउत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़, अखिलेश यादव का सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड और योगी आदित्यनाथ का नया चक्रव्यूहअसम में सरकारी बसों का कायाकल्प, यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरू होगा स्मार्ट ट्रैकिंग और पैनिक बटन सिस्टमभीलवाड़ा के मालासेरी डूंगरी में सजता है दरबार, भगवान देवनारायण के साथ नीले घोड़े की होती है विशेष पूजा
फरक्का एक्सप्रेस में गर्मी से बचने के जुगाड़ ने बढ़ाई मुसीबत, चार्जिंग सॉकेट से पंखा जोड़ने पर रेलवे की सख्त चेतावनीभारत
31 जुल॰ 2026, 3:18 pm (46 दिन पहले)· 0

फरक्का एक्सप्रेस में गर्मी से बचने के जुगाड़ ने बढ़ाई मुसीबत, चार्जिंग सॉकेट से पंखा जोड़ने पर रेलवे की सख्त चेतावनी

फरक्का एक्सप्रेस (15734) के जनरल कोच में एक यात्री का मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट से पंखा चलाने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उत्तर रेलवे ने चार्जिंग सॉकेट में घरेलू उपकरण लगाने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बताते हुए चेतावनी जारी की।

भीषण गर्मी में रेल यात्रा करने वाले आम यात्रियों की परेशानी अक्सर सोशल मीडिया पर सामने आती रहती है, लेकिन इस बार मामला महज शिकायत तक सीमित नहीं रहा बल्कि एक सुरक्षा चेतावनी में बदल गया। फरक्का एक्सप्रेस के जनरल कोच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक यात्री गर्मी से राहत पाने के लिए मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट में सीधे एक छोटा पंखा जोड़कर चलाता नजर आ रहा है।

वीडियो में क्या दिख रहा है

वायरल वीडियो के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। इसमें दिख रहा यात्री जनरल कोच में सीट नंबर 75 के ठीक सामने बैठा था और उसने अपने पंखे का प्लग सीट के पास लगे मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में डाल रखा था। गर्मी और भीड़ से जूझ रहे यात्री ने भले ही राहत के लिए यह तरीका अपनाया हो, लेकिन बिजली के इस जुगाड़ ने खुद उसकी और आसपास बैठे बाकी यात्रियों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया। जनरल कोच में गर्मी के मौसम में भीड़ और उमस पहले से ही यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनी रहती है, और यही वजह है कि कई यात्री राहत के लिए अपने स्तर पर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

ये भी पढ़ें

यात्री ने एक्स पर दी रेलवे को जानकारी

इस पूरे मामले की जानकारी सबसे पहले कपिल शुक्ल नाम के एक यात्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। उन्होंने रेलवे मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए बताया कि बालुरघाट जा रही फरक्का एक्सप्रेस में एक यात्री मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट से पंखा चला रहा है। कपिल शुक्ल ने आगाह करते हुए लिखा, "इससे किसी बड़ी घटना होने की संभावना है।" उन्होंने यह भी बताया कि यात्री जनरल कोच में आगे से पहली सीट यानी सीट नंबर 75 के सामने बैठा है, और साथ लगाई गई तस्वीरें सुबह करीब 8:30 बजे की हैं।

उत्तर रेलवे ने जारी की सख्त चेतावनी

वीडियो के सामने आने के बाद उत्तर रेलवे हरकत में आया और यात्रियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की। रेलवे ने कहा कि "चार्जिंग पोर्ट केवल मोबाइल फोन और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए हैं।" रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे इन सॉकेट में पंखा, हीटर, इस्त्री या किसी भी अन्य घरेलू विद्युत उपकरण का प्लग न लगाएं, क्योंकि इससे वायरिंग पर दबाव बढ़ता है और वायरिंग गर्म होकर शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी गंभीर घटना का खतरा पैदा हो सकता है। रेलवे ने सभी यात्रियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की अपील की है जिससे खुद के साथ-साथ बाकी यात्रियों की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।

मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में पंखा लगाना खतरनाक क्यों है

ट्रेन के कोच में लगे चार्जिंग सॉकेट सीमित बिजली क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं, ताकि मोबाइल फोन, टैबलेट जैसे छोटे उपकरण आराम से चार्ज हो सकें। लेकिन पंखे जैसे उपकरण मोबाइल फोन के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली खींचते हैं। जब ऐसा कोई उपकरण इन सॉकेट से जोड़ा जाता है, तो सॉकेट और उससे जुड़ी वायरिंग पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। अगर यह दबाव लंबे समय तक बना रहे तो तार गर्म होने लगते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होने और आग भड़कने की आशंका काफी बढ़ जाती है। ट्रेन जैसी बंद और भीड़भाड़ वाली जगह में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है, इसलिए रेलवे इस तरह के जुगाड़ को लेकर बार-बार आगाह करता रहा है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया, जनरल कोच की सुविधाओं पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों की राय बंटी हुई नजर आई। कई यूजर्स ने पंखे का जुगाड़ लगाने वाले यात्री की लापरवाही की आलोचना करते हुए इस पर कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी तरफ कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि जनरल कोच में गर्मी और भीड़भाड़ इतनी ज्यादा होती है कि यात्री मजबूरी में ऐसे जोखिम भरे तरीके अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। कई यूजर्स ने रेलवे से जनरल कोच में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि अगर कोच में पर्याप्त वेंटिलेशन और अच्छी क्षमता वाले पंखों की व्यवस्था पहले से हो, तो यात्रियों को खुद ऐसे खतरनाक जुगाड़ का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

नियम क्या कहते हैं, यात्रियों से क्या अपील

रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेन में किसी भी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सफर के दौरान केवल उन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल करें जिनकी रेलवे ने खुद अनुमति दी है। यह पूरा मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सफर के दौरान की गई एक छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो उसकी जानकारी तुरंत टीटीई, रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ या रेलवे की हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।

सवाल-जवाब

यह वीडियो किस ट्रेन का है?
यह वीडियो फरक्का एक्सप्रेस के जनरल कोच का है, जो बालुरघाट जा रही थी।
यात्री ने चार्जिंग प्वाइंट में क्या लगाया था?
यात्री ने गर्मी से राहत पाने के लिए मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट में एक छोटे पंखे का प्लग लगा दिया था।
यह घटना कब की बताई जा रही है?
वायरल वीडियो और तस्वीरों के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे की है।
यह मामला रेलवे तक कैसे पहुंचा?
यात्री कपिल शुक्ल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रेलवे मंत्रालय के हैंडल को टैग करते हुए यह जानकारी साझा की।
रेलवे ने क्या चेतावनी दी?
उत्तर रेलवे ने कहा कि चार्जिंग पोर्ट केवल मोबाइल फोन और छोटे उपकरणों के लिए हैं, इनमें घरेलू उपकरण लगाने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा है।
यात्री कहां बैठा था?
यात्री जनरल कोच में सीट नंबर 75 के ठीक सामने बैठा था।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर यात्री क्या करें?
रेलवे ने अपील की है कि यात्री ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत टीटीई, आरपीएफ या हेल्पलाइन को दें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR