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गाजियाबाद में फेसबुक फ्रॉड का शिकार हुई महिला को साइबर सेल ने दिलाए 4.83 लाख रुपयेउत्तर प्रदेश
10 अक्तू॰ 2026, 8:10 pm (18 दिन पहले)· 3

गाजियाबाद में फेसबुक फ्रॉड का शिकार हुई महिला को साइबर सेल ने दिलाए 4.83 लाख रुपये

गाजियाबाद साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फेसबुक पर ऑनलाइन ठगी की शिकार महिला के पूरे 4.83 लाख रुपये सकुशल वापस करा दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक महिला को बड़ी वित्तीय चपत से बचा लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अज्ञात लिंक के जरिए ठगी का शिकार हुई पीड़िता के खाते से उड़े पूरे 4 लाख 83 हजार रुपये पुलिस की सतर्कता से वापस मिल गए हैं। वेव सिटी थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने बैंकों से तालमेल बिठाकर डूबी हुई रकम को सुरक्षित बहाल कराया।

फेसबुक लिंक पर भुगतान करते ही खाते से उड़े थे लाखों

यह घटना लालकुआं स्थित मानसरोवर पार्क निवासी शशिकला के साथ घटी थी। उन्होंने फेसबुक पर दिखाई दिए किसी विज्ञापन अथवा लिंक पर भरोसा करके ऑनलाइन भुगतान किया था। इसके तत्काल बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी और कुल 4,83,000 रुपये निकाल लिए। इतनी बड़ी रकम गंवाने के बावजूद पीड़िता ने संयम बनाए रखा और फौरन कानूनी मदद लेने का फैसला किया।

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त्वरित शिकायत और पुलिस की सक्रियता से होल्ड हुई राशि

पीड़िता ने 18 जुलाई 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही वेव सिटी थाने की साइबर सेल सक्रिय हो गई। जांच अधिकारियों ने तत्काल संबंधित बैंकिंग संस्थानों से संपर्क साधा और धोखेबाजों के खातों में स्थानांतरित की गई धनराशि पर रोक (होल्ड) लगवा दी। इसके बाद चली कानूनी प्रक्रिया और पुलिस के निरंतर प्रयासों के चलते 10 अक्टूबर 2026 को पूरी राशि पीड़िता के खाते में सुरक्षित लौट आई। अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाकर पीड़िता ने पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ऑनलाइन भुगतान को लेकर पुलिस ने जारी किया सतर्कता संदेश

इस प्रकरण के उपरांत गाजियाबाद पुलिस ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने की हिदायत दी है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया मंचों पर खरीदारी या कोई भी डिजिटल भुगतान करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेब लिंक पर कतई विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो समय गंवाए बिना एनसीआरपी पोर्टल अथवा नजदीकी थाने के साइबर हेल्पडेस्क पर सूचना दें, ताकि समय रहते बैंक खातों में पैसे रोके जा सकें।

फर्जी बीमा गिरोह पर भी कसा गया था शिकंजा

उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम ने फर्जी बीमा पॉलिसी और गूगल विज्ञापनों के नाम पर जालसाजी करने वाले एक गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उस गिरोह ने विभिन्न लोगों से 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। पुलिस ने उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड, 2 चेकबुक, 1 पासबुक और 3000 रुपये नकद बरामद किए थे।

सवाल-जवाब

गाजियाबाद में महिला के साथ क्या घटना हुई थी?
लालकुआं की रहने वाली शशिकला के साथ फेसबुक पर एक लिंक के जरिए भुगतान करते समय 4,83,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी।
पीड़िता ने साइबर ठगी की शिकायत कब और कहां दर्ज कराई?
पीड़िता ने 18 जुलाई 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने ठगी की रकम वापस दिलाने के लिए क्या कदम उठाया?
वेव सिटी थाना साइबर सेल ने तुरंत संबंधित बैंकों से संपर्क कर स्थानांतरित राशि को होल्ड करा दिया और 10 अक्टूबर 2026 को पूरे पैसे वापस दिलाए।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने क्या सलाह दी है?
पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान लिंक या व्यक्ति पर भरोसा न करने और ऑनलाइन भुगतान करते समय पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
गाजियाबाद पुलिस ने हाल ही में किस गिरोह का पर्दाफाश किया था?
पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी और गूगल विज्ञापनों के जरिए 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले 7 आरोपियों के गिरोह को गिरफ्तार किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·18 दिन पहले

शुक्र है कि महिला ने घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर या पोर्टल पर शिकायत कर दी, वरना पैसे भूल जाओ समझो।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

साइबर सेल ने पैसे वापस दिलाए ये अच्छी बात है, पर फेसबुक पर ऐसे विज्ञापन खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? पुलिस को सिर्फ ठगी के बाद पैसे बचाने के बजाय इन फर्जी विज्ञापनों को रोकने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों पर भी शिकंजा कसना चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

अ अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब तक सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती नहीं होगी, ऐसे फर्जी विज्ञापन रुकेंगे नहीं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

फेसबुक के विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है, यह मामला इसका जीता-जागता उदाहरण है। गनीमत रही कि समय पर शिकायत करने से महिला के पैसे वापस मिल गए, वरना साइबर ठग तो सब साफ कर ही चुके थे।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

करन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले महीने ही मेरे एक रिश्तेदार के साथ भी ऐसा ही फर्जी लिंक वाला खेल हुआ था, गनीमत रही कि बैंक ने वक्त रहते हाथ खींच लिए थे वरना गाढ़ी कमाई डूब जाती।

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