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वीरता पुरस्कार विजेता सैनिकों और उनके परिवारों को भारतीय रेलवे में मिलेगी आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधाभारत
16 सित॰ 2026, 4:25 pm (28 मिनट पहले)· 0

वीरता पुरस्कार विजेता सैनिकों और उनके परिवारों को भारतीय रेलवे में मिलेगी आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा

रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायु सेना पदक से सम्मानित जांबाज जवानों और उनके परिवारों के लिए भारतीय रेलवे में आजीवन मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जारी होने वाले पास से लाभार्थी एसी श्रेणियों में सफर कर सकेंगे।

देश की सीमाओं और सुरक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सेना के जवानों और उनके निकटतम परिजनों को अब भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त सफर करने का अवसर दिया जाएगा। 1 नवंबर से प्रभावी हो रही इस विशेष कल्याणकारी पहल के तहत सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) पाने वाले सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिक पात्र होंगे। सरकार के इस कदम से न केवल शूरवीरों के योगदान को पहचान मिली है, बल्कि उनके आश्रितों के प्रति भी राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की गई है।

किन लोगों को प्राप्त होगा मुफ्त रेल यात्रा का अधिकार?

इस योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का अधिकार केवल पदक विजेता सैनिक तक सीमित नहीं रखा गया है। सैनिक के साथ-साथ उनकी पत्नी या पति भी आजीवन इस सुविधा का लाभ उठाने के हकदार होंगे। यदि किसी वीर सैनिक का निधन हो चुका है, तो उनकी विधवा या विधुर को यह सुविधा तब तक मिलती रहेगी जब तक कि वे पुनर्विवाह नहीं कर लेते। यदि पुनर्विवाह होता है, तो यह पात्रता समाप्त हो जाएगी।

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इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय ने उन अविवाहित जवानों के परिवारों का भी विशेष ध्यान रखा है जिन्होंने कर्तव्य के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे मामले में, जहां अविवाहित सैनिक को मरणोपरांत वीरता पदक से नवाजा गया है, वहां उनके माता-पिता को इस सुविधा के लिए पात्र लाभार्थी माना जाएगा। यह व्यवस्था शहीदों के माता-पिता की गरिमा और उनकी देखभाल को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से बनाई गई है।

रेलवे की इन प्रीमियम श्रेणियों में कर सकेंगे यात्रा

पात्र लाभार्थियों को आरामदायक और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए भारतीय रेल की प्रमुख श्रेणियों में सीट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत लाभार्थी निम्नलिखित श्रेणियों में मुफ्त सफर कर सकेंगे

  • प्रथम श्रेणी (First Class): पारंपरिक प्रथम श्रेणी के डिब्बों में बिना शुल्क यात्रा।
  • द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी (AC 2-Tier): लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी द्वितीय श्रेणी कोच।
  • एसी चेयर कार (AC Chair Car): दिन के समय चलने वाली अंतर-शहर ट्रेनों में वातानुकूलित चेयर कार सीट।

इन सभी श्रेणियों में यात्रा के दौरान लाभार्थियों को टिकट का कोई भुगतान नहीं करना होगा। पास के आधार पर ही उनकी बोगी में जगह आरक्षित की जाएगी।

कागज रहित और पूरी तरह डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था

प्रक्रिया को पारदर्शी और परेशानी मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रणाली को डिजिटल किया गया है। सैनिकों या उनके परिवारों को किसी भी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।

ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद संबंधित रक्षा विभागों द्वारा उनका सत्यापन और प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र व्यक्ति के नाम पर एक डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी कर दिया जाएगा। इस इलेक्ट्रॉनिक पास के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा 1 नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के IRCCP वेब पोर्टल के जरिए शुरू की जाएगी। इससे कागजी औपचारिकताओं और लंबी कतारों से पूरी तरह निजात मिलेगी।

राष्ट्र निर्माण में बलिदान और सम्मान का संदेश

रक्षा मामलों के विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम को सिर्फ एक आर्थिक छूट या यात्रा रियायत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह फैसला देश के उन नायकों के प्रति सर्वोच्च आदर भाव का प्रतीक है, जिन्होंने जान की परवाह न करते हुए सीमाओं की रक्षा की है।

जब कोई जवान मोर्चे पर डटा होता है, तो उसका परिवार भी हर पल मानसिक तनाव और त्याग से गुजरता है। ऐसे में परिवारों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर यह सुविधा देना उनकी गरिमा को और बढ़ाता है। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि अपने वीर सपूतों को सुविधाएं देने में कोई लालफीताशाही या प्रशासनिक बाधा आड़े नहीं आने दी जाएगी।

सवाल-जवाब

मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा किन वीरता पदकों के लिए लागू की गई है?
यह सुविधा सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सभी जवानों के लिए लागू की गई है।
क्या सैनिक के अलावा उनके परिवार वाले भी मुफ्त यात्रा कर सकते हैं?
हां, वीरता पुरस्कार विजेता सैनिक के साथ उनकी पत्नी या पति भी इस सुविधा के पात्र हैं। इसके अलावा, अविवाहित शहीद सैनिकों के मामले में उनके माता-पिता को भी यह अधिकार दिया गया है।
ट्रेन की किन श्रेणियों में मुफ्त सफर की इजाजत होगी?
पात्र लाभार्थी भारतीय रेलवे की प्रथम श्रेणी (First Class), द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी (AC 2-Tier) और एसी चेयर कार (AC Chair Car) में मुफ्त सफर कर सकेंगे।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कैसे करना होगा?
लाभार्थियों को भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। सत्यापन के बाद इलेक्ट्रॉनिक पास जारी किया जाएगा।
आईआरसीसीपी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग कब से शुरू होगी?
इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुक करने की सुविधा 1 नवंबर 2026 से IRCCP वेब पोर्टल के जरिए शुरू होगी।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिजनों के लिए यह निर्णय सम्मानजनक तो है ही, साथ ही प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस कल्याणकारी योजना में रक्षा विभागों द्वारा ऑनलाइन सत्यापन और डिजिटल ई-पास की व्यवस्था धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजीकरण और कॉन्सेशन पास के गलत इस्तेमाल को रोकने में बेहद कारगर साबित होगी। जब सरकारी सुविधाओं को पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता है, तो न केवल वास्तविक लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के अधिकार मिलते हैं, बल्कि कानूनी सुरक्षा और व्यवस्था भी मजबूत होती है। यह पहल सार्वजनिक नीति और सुरक्षा कल्याण तंत्र के बीच बेहतर समन्वय का एक अच्छा उदाहरण है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 मिनट पहले

करण के प्रशासनिक और डिजिटल सत्यापन वाले विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, नीतिगत और आर्थिक दृष्टिकोण से यह निर्णय सार्वजनिक कल्याणकारी संसाधनों के कुशल प्रबंधन को दर्शाता है। रक्षा कल्याण को भारतीय रेलवे के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना यह सिद्ध करता है कि पारदर्शी तकनीक के ज़रिए बिना किसी अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ के लक्षित वर्ग तक लाभ पहुँचाया जा सकता है। कागज़ रहित व्यवस्था से वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित होती है और लीकेज की गुंजाइश समाप्त होती है। अंतर-विभागीय डिजिटल एकीकरण का यह मॉडल भविष्य की अन्य सार्वजनिक और कल्याणकारी योजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए एक मजबूत बेंचमार्क स्थापित करता है।

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