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गांधीनगर के छत्राल में केमिकल इकाई में जोरदार धमाके से चार श्रमिकों की मौतगुजरात
15 अक्तू॰ 2026, 7:39 pm (13 दिन पहले)· 2

गांधीनगर के छत्राल में केमिकल इकाई में जोरदार धमाके से चार श्रमिकों की मौत

गुजरात के गांधीनगर जिले में छत्राल जीआईडीसी स्थित एक डाई और केमिकल कारखाने में दोपहर के वक्त भीषण विस्फोट होने से चार प्रवासी मजदूरों की जान चली गई।

गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित छत्राल जीआईडीसी के फेज 4 क्षेत्र में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है। यहां संचालित कोविका डाइज एंड केमिकल्स नामक कारखाने में दोपहर के समय अचानक एक अत्यंत तीव्र धमाका हुआ। प्लांट के भीतर काम के दौरान हुए इस जोरदार विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हादसे के समय रोजमर्रा की तरह संयंत्र के अंदर कई मजदूर अपनी शिफ्ट का काम निपटा रहे थे। अचानक उठे धमाके और उसके असर की चपेट में सीधे आ जाने के कारण चार कामगारों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी सामने आते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और राहत बचाव दल के कर्मचारी तुरंत कारखाने के परिसर में पहुंचे। राहत कर्मियों ने प्लांट के भीतर से चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भिजवा दिया। प्रशासनिक स्तर पर आई प्राथमिक सूचनाओं में संयंत्र के बॉयलर में अचानक हुए तेज ब्लास्ट को इस अनहोनी की मुख्य वजह माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकनीकी जांच दल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन का जिम्मा संभाल लिया है।

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विस्फोट का समय और तकनीकी कारणों की पड़ताल

यह दर्दनाक घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे से दो बजे के बीच घटित हुई थी। उस वक्त सभी कर्मचारी कारखाने में अपने सामान्य कामकाज में पूरी तरह व्यस्त थे। अचानक कोविका कलर कंपनी के उत्पादन प्लांट में एक कानफोड़ू आवाज के साथ भयानक धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद वहां मौजूद कर्मचारियों और मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।

शुरुआती ब्योरों में बॉयलर फटने की बात सामने आई थी, लेकिन जांच एजेंसियां इस बात की भी गहन छानबीन कर रही हैं कि कहीं संयंत्र के भीतर किसी अनियंत्रित रासायनिक प्रतिक्रिया यानी केमिकल रिएक्शन की वजह से तो यह हादसा नहीं हुआ। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि केमिकल निर्माण की प्रक्रिया के दौरान कोई अत्यंत ज्वलनशील तत्व अचानक आग अथवा अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आ गया होगा, जिससे यह भयावह रूप ले बैठा।

बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों ने गंवाई जान

इस भीषण हादसे का शिकार बने चारों कामगार अपने घरों से दूर गुजरात में आजीविका की तलाश में आए प्रवासी मजदूर थे। गांधीनगर के एसपी रवि तेजा वासम शेट्टी ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।

एसपी रवि तेजा वासम शेट्टी ने कहा, "हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान विनोद सिंह, कालू टेडो, लक्ष्मण मीणा और रमेश के रूप में हुई है।"

इन चार कामगारों में से तीन मजदूर झारखंड राज्य के रहने वाले थे, जबकि एक श्रमिक राजस्थान का निवासी था। प्लांट में हुआ धमाका इतना प्रचंड था कि वहां मौजूद इन मजदूरों को संभलने अथवा खुद को सुरक्षित बाहर निकालने का एक पल का भी अवसर नहीं मिल सका, जिससे चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

फॉरेंसिक साक्ष्य और सुरक्षा मानकों की जांच

विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के उद्देश्य से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री यानी एफएसएल के विशेषज्ञों की एक टीम को तत्काल घटनास्थल पर तलब किया गया। एफएसएल के तकनीकी दल ने क्षतिग्रस्त फैक्ट्री परिसर से रासायनिक अवशेषों, मलबे और अन्य संबंधित घटकों के वैज्ञानिक नमूने एकत्र किए हैं।

पुलिस और तकनीकी जांच अधिकारी अब इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अनिवार्य औद्योगिक सुरक्षा नियमों या संयंत्र संचालन के मानकों में किसी किस्म की गंभीर चूक अथवा लापरवाही बरती गई थी। एकत्र किए गए रासायनिक नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही ब्लास्ट की वास्तविक तकनीकी वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने वैधानिक मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और कारखाने के प्रबंधकों से हादसे के सिलसिले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

सवाल-जवाब

गांधीनगर में यह केमिकल फैक्ट्री हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित छत्राल जीआईडीसी के फेज 4 में कोविका डाइज एंड केमिकल्स फैक्ट्री में दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच हुआ।
इस हादसे में कितने लोगों की जान गई है?
इस गंभीर औद्योगिक धमाके में कारखाने में कार्यरत चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक मजदूर कौन थे और वे कहां के निवासी थे?
मृतकों की पहचान विनोद सिंह, कालू टेडो, लक्ष्मण मीणा और रमेश के रूप में हुई है, जिनमें तीन झारखंड और एक राजस्थान के रहने वाले थे।
फैक्ट्री में धमाका किस वजह से हुआ?
प्रारंभिक सूचना में बॉयलर फटने की बात सामने आई है, लेकिन फॉरेंसिक टीम किसी रासायनिक प्रतिक्रिया या ज्वलनशील पदार्थ के आग पकड़ने की संभावना की भी जांच कर रही है।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, फॉरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र किए हैं और फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·13 दिन पहले

छत्राल के इस केमिकल कारखाने में सुरक्षा मानकों की अनदेखी साफ दिख रही है, आखिर कब तक ऐसे हादसों में गरीब मजदूरों की जान जाती रहेगी?

Ravikash Gupta@ravikash·13 दिन पहले

गांधीनगर के इस कारखाने में सुरक्षा के इंतज़ामों की भारी कमी साफ दिख रही है। चार गरीब मज़दूरों का यूं चले जाना दिल दहला देता है, और औद्योगिक इकाइयों में ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 दिन पहले

रविकश जी, बात तो सही है पर सीधे लापरवाही कहना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी, शायद केमिकल रिएक्शन का मामला हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 दिन पहले

कारखानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी मासूम मजदूरों की जान ले रही है।

Rohan Verma@rohan-verma·13 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं एक ऐसे ही हादसे की कवरेज पर गया था, तब भी लापरवाही ही मुख्य वजह पाई गई थी।

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