भीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआतम्यांमार सीमा तक दौड़ेगी ट्रेन: मिजोरम में 230 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सीएम लालदुहोमा ने की समीक्षा बैठकराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
गुजरात में कांग्रेस संग नई पारी की तैयारी में शंकरसिंह वाघेला, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद होगा अंतिम फैसलागुजरात
30 सित॰ 2026, 9:08 pm (28 दिन पहले)· 2

गुजरात में कांग्रेस संग नई पारी की तैयारी में शंकरसिंह वाघेला, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद होगा अंतिम फैसला

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला 86 वर्ष की आयु में कांग्रेस में लौटने को तैयार हैं, लेकिन उनका औपचारिक फैसला राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही होगा।

गुजरात की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने लगभग दस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस में लौटने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। 86 वर्ष के अनुभवी नेता, जिन्हें समर्थक आदर से बापू भी बुलाते हैं, राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा को कड़ी चुनौती देने के उद्देश्य से मुख्य विपक्षी दल के साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस उम्र में वे संगठन से किसी सरकारी पद, संगठनात्मक ओहदे या निजी लाभ की लालसा नहीं रखते, बल्कि अपने जीवनभर के राजनीतिक अनुभवों को विपक्ष की मजबूती के लिए समर्पित करना चाहते हैं।

राहुल गांधी से मुलाकात पर टिका अंतिम निर्णय

कांग्रेस के केंद्रीय और प्रांतीय रणनीतिकारों के साथ वरिष्ठ राजनेता की चर्चा अब अंतिम मुकाम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने गुजरात मामलों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी के साथ गहन विचार-विमर्श किया है। इन मुलाकातों के बाद भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में उनकी वापसी की आधिकारिक घोषणा तभी संभव होगी, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ आमने-सामने बैठकर बातचीत पूरी हो जाएगी।

ये भी पढ़ें

वाघेला ने 29 सितंबर को साफ शब्दों में कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य मौजूदा सरकार को हटाना है और इसके लिए वे कांग्रेस में शामिल होने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी उजागर किया कि करीब छह महीने पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तत्कालीन राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक से भी संपर्क साधा था, लेकिन उस समय उन्हें कोई ठोस उत्तर नहीं मिला था। हाल ही में मुकुल वासनिक की जगह रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का नया प्रभार सौंपा गया है, जिसके बाद बातचीत ने अचानक गति पकड़ी है।

2027 चुनाव को माना अपना अंतिम सियासी संग्राम

शंकरसिंह वाघेला 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव को सक्रिय चुनावी राजनीति में गहरा असर छोड़ने का अपना आखिरी अवसर मान रहे हैं। अपने राजनीतिक संकल्प को जाहिर करते हुए उन्होंने 2 अक्टूबर से प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी के पुनर्गठन और राज्यव्यापी अभियान को तेज करने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा चुनाव उनके जीवन का अंतिम मौका है, क्योंकि आने वाले वर्षों में शारीरिक रूप से इतना सक्रिय रह पाना संभव नहीं होगा। उनका कहना है कि वे भाजपा के खिलाफ संघर्ष में अपना योगदान दर्ज कराना चाहते हैं। कांग्रेस नेतृत्व के साथ सकारात्मक रुख सामने आने के बाद, 2 अक्टूबर को अपनी अलग पार्टी खड़ी करने की इस योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

संगठन के भीतर अलग-अलग राय

पार्टी गलियारों में इस पुराने दिग्गज की संभावित वापसी को लेकर वरिष्ठ नेताओं के विचार बंटे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने 29 सितंबर को पत्रकारों से संवाद करते हुए बताया कि कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए ज़मीनी तैयारी तेज कर दी है। उन्होंने रेखांकित किया कि आगामी समय में अनेक असंतुष्ट नेता कांग्रेस के मंच पर साथ आएंगे और राज्य में सत्ता परिवर्तन की दिशा में साझा संघर्ष करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ, गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी का कहना है कि आज आम जनता राहुल गांधी को एक ऐसे दृढ़ नेता के तौर पर देख रही है जो देश और संविधान की रक्षा कर सकते हैं, यही वजह है कि पार्टी समान सोच रखने वाले सभी साथियों का स्वागत करने के लिए खुली है। इसके बावजूद पार्टी के एक प्रभावी खेमे में वाघेला को लेकर संशय और सतर्कता बनी हुई है, जिसके पीछे 2017 में उनके अचानक पार्टी छोड़ने की पृष्ठभूमि मुख्य कारण है।

2017 की बगावत और अहमद पटेल का चुनाव

वाघेला ने अपने 77वें जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस छोड़ने की घोषणा करके राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी थी। यह कदम गुजरात में राज्यसभा की प्रतिष्ठापूर्ण सीट के चुनाव से ठीक कुछ हफ्ते पहले उठाया गया था। उस चुनाव में कांग्रेस संसदीय दल की वर्तमान चेयरपर्सन सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे दिवंगत अहमद पटेल बेहद मामूली अंतर से अपनी सीट बचाने में कामयाब हुए थे। उस दौरान वाघेला गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

उसी महीने आयोजित राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के कम से कम आठ विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग करने के आरोप सामने आए थे। उस चुनाव में रामनाथ कोविंद दो-तिहाई बहुमत हासिल करके देश के राष्ट्रपति चुने गए थे। इस घटनाक्रम के ठीक चार दिन बाद वाघेला ने अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी से नाता तोड़ लिया था, जिसकी टीस आज भी कांग्रेस के कई नेताओं के मन में बनी हुई है।

विधानसभा में सिमटती कांग्रेस और भविष्य की चुनौती

साल 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने पिछले तीन दशकों का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। साल 1995 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पहली बार कांग्रेस ने हार्दिक पटेल के पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौर में 182 सदस्यीय विधानसभा में 77 सीटें हासिल की थीं। हालांकि उस शानदार मुकाबले के बाद के वर्षों में पार्टी की सांगठनिक स्थिति निरंतर कमजोर होती चली गई।

वर्तमान समय में 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक बचे हैं, जो सदन में नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक दर्जा पाने के लिए तय न्यूनतम संख्या से भी कम है। संसदीय चुनावों में भी पार्टी 2014 और 2019 के आम चुनावों में राज्य की एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी थी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने बनासकांठा सीट जीतकर अपना खाता खोला, जहां से वर्तमान में गेनीबेन ठाकोर सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व कर रही हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में गांधीनगर नगर निगम और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वाघेला का ग्रामीण और क्षत्रिय-ओबीसी वर्ग में प्रभाव कांग्रेस के लिए नया राजनीतिक समीकरण बना सकता है।

सवाल-जवाब

शंकरसिंह वाघेला किस उम्र में कांग्रेस में वापसी कर रहे हैं?
शंकरसिंह वाघेला 86 वर्ष की उम्र में कांग्रेस में वापसी की तैयारी कर रहे हैं।
कांग्रेस में उनकी औपचारिक वापसी किस शर्त पर टिकी है?
उनकी औपचारिक घर वापसी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ आमने-सामने की बैठक के बाद ही तय होगी।
वाघेला ने अपनी किस पार्टी के अभियान को फिलहाल रोका है?
उन्होंने प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी के पुनर्गठन और 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
वाघेला ने 2017 में कांग्रेस से कब इस्तीफा दिया था?
उन्होंने अपने 77वें जन्मदिन पर पार्टी छोड़ी थी, जो अहमद पटेल के राज्यसभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले हुआ था।
वर्तमान में गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के कितने विधायक हैं?
182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में इस समय कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने गुजरात में कौन सी सीट जीती?
पार्टी ने 2024 में बनासकांठा लोकसभा सीट जीती, जिसका प्रतिनिधित्व सांसद गेनीबेन ठाकोर कर रही हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

बापू की इस उम्र में वापसी से गुजरात की राजनीति में कुछ हलचल तो जरूर मचेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

रोहन जी, बात हलचल की नहीं है, चुनाव के समय ऐसे पुराने खिलाड़ी मैदान में उतरें तो ज़मीनी समीकरण और थाने-चौकी से लेकर सियासी गलियारों तक का पूरा गणित बदल जाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp