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गुजरात में वंदे भारत पर पत्थरों से हमला करने वाले तीन युवक दबोचे गएगुजरात
25 अक्तू॰ 2026, 3:04 am (4 दिन पहले)· 2

गुजरात में वंदे भारत पर पत्थरों से हमला करने वाले तीन युवक दबोचे गए

सूरत और उत्राण रेलवे स्टेशनों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव कर शीशे तोड़ने के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने केवल मनोरंजन के लिए ट्रेन पर पत्थर फेंके थे।

गुजरात के सूरत में प्रीमियम हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाने के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों ने किसी विवाद, रंजिश या लूट के इरादे से नहीं बल्कि महज मौज-मस्ती और खुद का मनोरंजन करने के लिए चलती ट्रेन पर पत्थर बरसाए थे। इस गैरजिम्मेदाराना हरकत के कारण ट्रेन के शीशे टूट गए और कोच में बैठे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।

उत्राण और सूरत स्टेशन के बीच हुआ था पथराव

यह घटना 18 अक्टूबर की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे सामने आई थी, जब ट्रेन उत्राण और सूरत रेलवे स्टेशनों के मध्य से गुजर रही थी। उदयपुर सिटी से चलकर सूरत की ओर आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस जब इस ट्रैक से निकल रही थी, तभी उपद्रवियों ने उस पर पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। यह पथराव मुख्य रूप से ट्रेन के कोच सी-6 और पेंट्री कार को निशाना बनाकर किया गया था। अचानक हुए इस हमले से कोच के भीतर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी।

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खिड़कियों के तीन शीशे टूटे, यात्री रहे सुरक्षित

उपद्रवियों द्वारा फेंके गए पत्थरों के सीधे टकराने की वजह से ट्रेन की दो खिड़कियों के तीन शीशे बुरी तरह चकनाचूर हो गए। पत्थरों की गति इतनी तेज थी कि खिड़कियों के कांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस अप्रत्याशित पथराव में किसी भी रेलयात्री अथवा रेलवे के कर्मचारी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और सभी बाल-बाल बच गए। नुकसान केवल ट्रेन की सार्वजनिक संपत्ति तक ही सीमित रहा।

सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए तीनों आरोपी

हमले की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई और मामले की गहन तफ्तीश शुरू की गई। घटनास्थल और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिससे पुलिस को आरोपियों की स्पष्ट पहचान करने में सफलता मिली। शुक्रवार की शाम पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

रेलवे पुलिस निरीक्षक दिनेश यादव के अनुसार, पकड़े गए व्यक्तियों की शिनाख्त गोलू कुमार चौधरी (उम्र 22 वर्ष), संदेश कुमार (उम्र 18 वर्ष) और मंतोष मुखिया (उम्र 18 वर्ष) के तौर पर हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और पिछले दो वर्षों से रेलवे ट्रैक के समीप स्थित एक कारखाने में मजदूरी का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने केवल खेल-खेल में और मजे लेने के लिए ट्रेन पर पत्थर उछाले थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सवाल-जवाब

यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना 18 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे गुजरात में उत्राण और सूरत रेलवे स्टेशनों के बीच हुई थी।
ट्रेन को कितना नुकसान पहुंचा और क्या कोई यात्री घायल हुआ?
ट्रेन की दो खिड़कियों के तीन शीशे टूट गए, लेकिन सौभाग्य से किसी भी यात्री या रेलकर्मी को चोट नहीं आई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय गोलू कुमार चौधरी, 18 वर्षीय संदेश कुमार और 18 वर्षीय मंतोष मुखिया के रूप में हुई है, जो बिहार के रहने वाले हैं।
आरोपियों ने ट्रेन पर पत्थर क्यों फेंके थे?
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने किसी दुश्मनी या लूट के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ मजे और मनोरंजन के लिए पत्थर बरसाए थे।
आरोपियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की गई है?
रेलवे पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·3 दिन पहले

सिर्फ मजे के लिए ट्रेन पर पत्थर फेंकना कौन सा पागलपन है? इनके परिवार वालों को भी पता है या नहीं कि ये क्या कर रहे हैं?

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 दिन पहले

बचपन में ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना और पटरी के पास खड़े होकर निकलती गाड़ियों को ताड़ना बहुत अच्छा लगता था। कभी यह नहीं सोचा था कि कोई महज मजे के लिए उस पर पत्थर भी बरसा सकता है। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, वरना खेल-खेल में बड़ा हादसा हो जाता।

Ravikash Gupta@ravikash·3 दिन पहले

अरे अर्जुन भाई, सही कह रहे हो। पर क्या सच में इन्हें सिर्फ खेल-खेल में ही ऐसा करने का सूझा या इसके पीछे कोई और बात थी?

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

मनोरंजन के लिए वंदे भारत पर पत्थर फेंकने वाली बात गले नहीं उतरती। रोज़ाना फैक्ट्री में मजدूरी करने वाले इन लड़कों को क्या सच में नहीं पता था कि इससे किसी की जान जा सकती है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पर क्या पुलिस अब इनके मालिकों या ठेकेदार से भी पूछताछ करेगी जिनके कारखाने के पास ये काम करते थे?

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