हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम शहर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक 30 दिवसीय अभियान की रूपरेखा तैयार की है। इस विशेष कार्ययोजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित 100 सड़कों की मरम्मत और सुंदरीकरण का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन ने इस समूचे काम को पूरा करने के लिए 7 नवंबर तक की समयसीमा तय की है। इस नवीनीकरण मुहिम में केवल उन्हीं मार्गों को शामिल किया जा रहा है जिनकी लंबाई 500 मीटर से अधिक है। काम केवल सड़क की ऊपरी सतह ठीक करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फुटपाथ निर्माण, लेन मार्किंग, आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने और पूरे मार्ग के सौंदर्य संवर्धन को एक साथ पूरा किया जाएगा।
तीन प्रशासनिक संस्थाओं का संयुक्त अभियान
इस बड़े अभियान को धरातल पर उतारने के लिए तीन प्रमुख सरकारी एजेंसियों को एक मंच पर लाया गया है। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ गुरुग्राम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मिलकर इस कायाकल्प योजना को अमलीजामा पहना रहे हैं। मुख्य सचिव राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष परियोजना नियमित रखरखाव कार्यों से पूरी तरह अलग होगी। इसके अंतर्गत सड़कों पर गड्ढों, फैले हुए कूड़े-कचरे और खुले सीवर जैसी गंभीर समस्याओं का फौरी समाधान निकालने के लिए एक सख्त प्रणाली बनाई गई है, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
सड़क सुंदरीकरण और सूचना बोर्ड पर क्यूआर कोड
चयनित 100 सड़कों पर समग्र विकास कार्य संचालित किए जाएंगे। इनमें सभी गड्ढों को पूरी तरह भरने, खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने, नई लेन मार्किंग खींचने, पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ को दोबारा तैयार करने और नए साइन बोर्ड लगाने का काम शामिल है। इसके अलावा सड़कों के किनारों पर जमा कचरे और मलबे के ढेरों को पूरी तरह हटाया जाएगा। प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हर चयनित सड़क पर एक सूचना बोर्ड स्थापित किया गया है। इन बोर्डों पर क्यूआर कोड दर्ज किए गए हैं, जिन्हें अपने मोबाइल से स्कैन करके कोई भी नागरिक संबंधित कार्य की विस्तृत जानकारी देख सकता है। इस डिजिटल ब्योरे में कार्य के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम, मरम्मत शुरू होने का दिन और इसे पूरा करने की अंतिम तिथि साफ तौर पर दर्ज रहेगी। प्रशासन ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए हैं कि शहर की 10 सड़कों को विशेष मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता के पैमाने पर एक मिसाल बन सकें।
24 घंटे का समाधान चैलेंज और 5,000 रुपये का पुरस्कार
योजना में जनता की प्रत्यक्ष निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक प्रोत्साहन तंत्र भी लागू किया है। इसके तहत यदि कोई नागरिक सड़क पर बने गड्ढों, कूड़े के बड़े ढेरों, उफनती नालियों या बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की शिकायत दर्ज कराता है, तो संबंधित विभाग को समस्या की गंभीरता के आधार पर 24, 48 या 72 घंटे की निश्चित समयसीमा के भीतर समाधान करना होगा। समाधान के बाद मौके का औपचारिक निरीक्षण किया जाएगा। यदि निरीक्षण में काम अधूरा मिलता है या कोई कमी पाई जाती है, तो शिकायत करने वाले जागरूक नागरिक को 5,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस इनाम की पूरी राशि उस लापरवाह कर्मचारी या अधिकारी के वेतन से वसूल की जाएगी जो तय समय में काम पूरा करने में विफल रहा।


















