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गुरुग्राम हिट एंड रन केस: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में धरा गया कल्याण बैंसलाहरियाणा
15 सित॰ 2026, 8:43 pm (7 दिन पहले)· 0

गुरुग्राम हिट एंड रन केस: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में धरा गया कल्याण बैंसला

गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कल्याण बैंसला ने पेशाब करने का बहाना बनाकर पुलिस से भागने का प्रयास किया, हालांकि गिरने के बाद उसे दोबारा दबोच लिया गया।

गुरुग्राम में एक महिला बाइकर को अपनी गाड़ी से टक्कर मारने के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पुलिस हिरासत से भाग निकलने की एक नाकाम कोशिश की है। मंगलवार को हुई इस घटना के दौरान आरोपी ने पेशाब करने की अनुमति मांगी और मौका मिलते ही वहां से भाग खड़ा हुआ। हालांकि, भागने के दौरान वह संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया और उसका प्राथमिक उपचार कराया। आरोपी की पहचान पलवल के चांदहट निवासी 33 वर्षीय कल्याण बैंसला के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने राजस्थान के दौसा और राजगढ़ के बीच से दबोचा था।

राजस्थान से हुई गिरफ्तारी और भागने की फिल्मी कोशिश

गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम आरोपी की तलाश में लगातार जुटी हुई थी और इसी क्रम में टीम राजस्थान पहुंची थी। मंगलवार को जब टीम ने दौसा और राजगढ़ के मध्य कल्याण को धर दबोचा, तो उसने चालाकी दिखाने की कोशिश की। गिरफ्तारी के फौरन बाद उसने पुलिसकर्मियों से पेशाब जाने की इच्छा जताई। जैसे ही उसे इसकी इजाजत मिली, उसने भागने की ठान ली और तेजी से दौड़ पड़ा। हालांकि, वह ज्यादा दूर तक नहीं भाग सका और रास्ते में गिर पड़ा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरने की वजह से उसे मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें दूर करने के लिए उसे नजदीकी अस्पताल ले जाकर फर्स्ट एड दिया गया।

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घटना में इस्तेमाल गाड़ी बरामद और रिश्तेदार हिरासत में

कानून का शिकंजा कसते हुए पुलिस ने उस कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिसका इस्तेमाल महिला बाइकर को कुचलने या टक्कर मारने के लिए किया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि यह गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति यानी आरोपी के दोस्त के नाम पर पंजीकृत है। इस बीच, पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए कल्याण के एक रिश्तेदार और कथित सहयोगी लवनीश को भी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरी वारदात की परतें खोली जा सकें और यह पता लगाया जा सके कि इस दौरान कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुला था पूरा राज

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिला बाइकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गुरुग्राम की व्यस्त गोल्फ कोर्स रोड पर किस तरह एक कार चालक ने महिला बाइकर को टक्कर मारी थी। यह भयानक घटना 13 सितंबर की सुबह की बताई गई थी। सामने आए इस वीडियो में गाड़ी चलाने वाले शख्स का चेहरा भी बिल्कुल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इसी वीडियो को अहम सबूत बनाते हुए पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त की और उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया।

मीडिया के सामने आने के बाद हो गया था भूमिगत

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, तब कल्याण बैंसला खुद मीडिया के सामने आया था और उसने इस दुर्घटना को लेकर अपनी दलीलें रखी थीं। हालांकि, मीडिया के सामने आने के तुरंत बाद उसने अपना मोबाइल फोन हमेशा के लिए बंद कर लिया और कथित तौर पर पुलिस से बचने के लिए छिप गया। इस बीच, पुलिस ने इस गंभीर मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में औपचारिक मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाना शुरू किया।

भारतीय न्याय संहिता की कड़ी धाराएं जोड़ी गईं

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की गहन जांच-पड़ताल के बाद इस केस में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 109 भी शामिल कर दी है। आपको बता दें कि यह धारा हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी हुई है। इसके अलावा, पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 78 और 79 को भी इस प्राथमिकी में जोड़ दिया है। पुलिस अब इस आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है और आगे की पूछताछ के लिए उसकी पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस आपराधिक मामले में अभी जांच जारी है और कई अन्य खुलासे होने बाकी हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना 13 सितंबर की सुबह गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर हुई थी।
मुख्य आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी की पहचान 33 साल के कल्याण बैंसला के रूप में हुई है, जो हरियाणा के पलवल के चांदहट का रहने वाला है।
आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को राजस्थान में दौसा और राजगढ़ के बीच से गिरफ्तार किया।
पुलिस हिरासत से भागने के दौरान क्या हुआ?
पेशाब करने की इजाजत लेकर भागने की कोशिश करते समय आरोपी गिर गया, जिससे उसे मामूली चोट आई और उसे अस्पताल ले जाया गया।
इस मामले में कौन सी नई कानूनी धाराएं जोड़ी गई हैं?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 78 और 79 जोड़ी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·6 दिन पहले

गुरुग्राम की इस घटना में सोशल मीडिया के डिजिटल सबूतों की शक्ति और पुलिस हिरासत से भागने की यह फिल्मी कोशिश न्याय प्रणाली के सामने एक गंभीर चुनौती पेश करती है। जिस तरह एक वायरल वीडियो ने आरोपी को बेनकाब किया और उसकी गिरफ्तारी के बाद लापरवाही सामने आई, वह जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस मामले में गाड़ी के मालिक और रिश्तेदार की संलिप्तता से यह स्पष्ट होता है कि अपराध के बाद शरण देने वाले सहयोगियों पर शिकंजा कसना बेहद जरूरी है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

गुरुग्राम के इस हिट एंड रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी और हिरासत से भागने की फिल्मी कोशिश ने कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया के डिजिटल सबूतों और वायरल वीडियो की ताकत ने इस मामले को तूल दिया है, जिससे कॉर्पोरेट और शहरी इलाकों में बढ़ते सड़क सुरक्षा संकट और कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपनाए जा रहे हथकंडों का पर्दाफाश हुआ है। आगे की पुलिस जांच में यह देखना अहम होगा कि इस प्रकरण में उसके सहयोगियों की संलिप्तता कितनी गहरी है और वित्तीय या सामाजिक स्तर पर उसे किन लोगों का संरक्षण मिल रहा था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

यह घटना न केवल शहरी इलाकों में बिगड़ती सड़क सुरक्षा और वीआईपी संस्कृति के अहंकार को बेनकाब करती है, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसी पॉश जगहों पर ऐसी दुस्साहसिक वारदातें यह दर्शाती हैं कि त्वरित न्याय और सख्त ट्रैफिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की सख्त जरूरत है। अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर होना चाहिए कि आरोपी को फरार होने में किस स्तर पर संरक्षण मिला और क्या स्थानीय नेटवर्क ने उसकी मदद की थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

इस मामले में आरोपी द्वारा हिरासत से भागने का प्रयास और सोशल मीडिया पर वीडियो का वायरल होना कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है। गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर हुई इस घटना के बाद गिरफ्तार आरोपी से जुड़े सहकर्मी की हिरासत और गाड़ी की बरामदगी से यह साफ है कि जांच अभी कई दिशाओं में आगे बढ़ेगी। अदालती प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल साक्ष्य और सह-आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार हो, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

इस पूरी घटना में आरोपी की गिरफ्तारी और उसके बाद भागने की कोशिश ने पुलिस की चौकसी पर असहज सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब जब मामला सोशल मीडिया के माध्यम से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया था। अब जबकि मुख्य आरोपी और उसका सहयोगी दोनों पुलिस गिरफ्त में हैं, सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि अभियोजन पक्ष डिजिटल सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट को तकनीकी रूप से इतना पुख्ता बनाए कि अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष को कोई ढील न मिले।

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