बिहार के जहानाबाद शहर में अनैतिक देह व्यापार और गैरकानूनी गतिविधियों के संचालन की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सघन तलाशी अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित छह अलग-अलग दस्तों ने रेलवे स्टेशन परिसर के समीपवर्ती इलाकों से लेकर अरवल मोड़ तक फैले पांच प्रमुख होटलों और विश्राम गृहों में एक साथ दबिश दी। अचानक शुरू हुई इस घेराबंदी और सघन तलाशी के दौरान कुल 25 युवक और युवतियों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे कारोबारी इलाके में हड़कंप मच गया।
गोपनीय सूचना पर गठित हुईं छह विशेष टीमें
प्रशासनिक अधिकारियों को लंबे समय से गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं कि नगर के कई वाणिज्यिक लॉज, रेस्ट हाउस और होटल तय सरकारी मानकों व नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों पर अनैतिक गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ पहचान छिपाकर और वैध अभिलेखों की पड़ताल किए बिना नाबालिगों तक को कमरे आवंटित करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल छह विशेष टीमों की संरचना की। इन विशेष दस्तों के जमीनी संचालन की जिम्मेदारी नगर थानाध्यक्ष आलोक कुमार तथा अंचल पुलिस निरीक्षक दिवाकर कुमार विश्वकर्मा को सौंपी गई थी।
स्टेशन परिसर और अरवल मोड़ पर एक साथ दबिश
योजनाबद्ध तरीके से दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र और अरवल मोड़ पर स्थित लक्षित होटलों को चारों तरफ से घेर लिया। विभिन्न कमरों की जांच के दौरान कई युवक और युवतियां आपत्तिजनक अवस्था में पाए गए, जिनमें से सर्वाधिक संख्या स्टेशन के पास स्थित एक खास होटल से मिली। दिनदहाड़े बड़े पैमाने पर हुई इस छापेमारी की भनक लगते ही संबंधित सड़कों पर स्थानीय नागरिकों और तमाशबीनों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा जमावड़े को नियंत्रित कर तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दस्तावेजों, उम्र और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच
हिरासत में लिए गए सभी 25 व्यक्तियों को पुलिस वाहनों के जरिए तुरंत नगर थाने ले जाया गया। वहां मौजूद जांच अधिकारी सभी के पहचान पत्रों, निवास प्रमाणों तथा वास्तविक आयु का मिलान कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने संबंधित होटलों के अतिथि पंजिकाओं (रजिस्टर), दैनिक एंट्री विवरण और सीसीटीवी कैमरों की डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग को अपने अधिकार में ले लिया है। इन अभिलेखों के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि होटल प्रबंधन की इसमें क्या भूमिका रही है और क्या जानबूझकर बिना वैध परिचय पत्र के लोगों को कमरे दिए जा रहे थे।
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पूरी प्रशासनिक कार्रवाई का ब्योरा साझा करते हुए सदर एसडीपीओ अनिकेत कुमार द्विवेदी ने बताया कि अवैध देह व्यापार चलाने और नाबालिगों को नियम विरुद्ध कमरे उपलब्ध कराने की गोपनीय जानकारी की तस्दीक के बाद ही पुलिस अधीक्षक के आदेश पर यह कदम उठाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में संदेह के दायरे में आए 25 व्यक्तियों से गहन पूछताछ चल रही है। यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि का साक्ष्य नहीं मिलता है, तो उन्हें पीआर बॉन्ड भरवाकर नियमानुसार रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि, यदि रैकेट संचालन में संलिप्तता अथवा नाबालिगों के शोषण से जुड़ा कोई भी ठोस प्रमाण सामने आता है, तो होटल संचालकों और जुड़े तमाम व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में बेहद सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इससे कुछ महीने पहले पटना में भी देह व्यापार के संदेह में अनेक ब्यूटी पार्लरों और स्पा केंद्रों पर पुलिस प्रशासन ने व्यापक छापेमारी की थी।























