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गुरुग्राम में बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस से टकराई कार, बालाजी मंदिर से लौट रहे दंपति और बेटी की मौतहरियाणा
30 अक्तू॰ 2026, 12:44 am (8 दिन पहले)· 2

गुरुग्राम में बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस से टकराई कार, बालाजी मंदिर से लौट रहे दंपति और बेटी की मौत

राजस्थान के बालाजी मंदिर से दिल्ली लौट रहे एक परिवार की कार सोहना के पास एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस से टकरा गई। इस हादसे में पति, पत्नी और उनकी बच्ची की जान चली गई, जबकि दो मासूम बच्चे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

गुरुग्राम जिले के सोहना इलाके में बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा घटित हुआ। राजस्थान स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लौट रहे एक ही परिवार के सदस्यों की कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी एक बस से सीधे टकरा गई। इस दर्दनाक टक्कर के चलते परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी और एक मासूम बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

गुरुवार तड़के धुनेला गांव के निकट हुआ हादसा

यह भीषण सड़क हादसा गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हुआ, जब बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां अपनी सामान्य रफ्तार से दौड़ रही थीं। सोहना क्षेत्र के धुनेला गांव के समीप मुख्य मार्ग पर एक बस पहले से किनारे खड़ी हुई थी। उसी दौरान राजस्थान की दिशा से आ रही कार धुनेला के पास पहुंची और अचानक अपना नियंत्रण खो बैठी। अनियंत्रित होते ही कार सीधे जाकर उस खड़ी बस के पिछले हिस्से में जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक और जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।

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बालाजी मंदिर में दर्शन के बाद दिल्ली लौट रहा था परिवार

हादसे का शिकार बना यह परिवार मूल रूप से दिल्ली के रजोकरी इलाके में किराए के मकान में रहता था। परिवार के मुखिया बम बम कुमार पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे और अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह अपनी पत्नी रूपा देवी और तीनों बच्चों को साथ लेकर श्रद्धाभाव से राजस्थान में स्थित बालाजी मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर में विधिवत दर्शन और पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद सभी लोग कार में सवार होकर दिल्ली स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही यह अनहोनी घट गई।

तीन लोगों की मौके पर मौत, दो बच्चे अस्पताल में भर्ती

इस भीषण टक्कर में कार चालक बम बम कुमार, उनकी धर्मपत्नी रूपा देवी और उनकी बेटी माही की गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कार में सवार 11 वर्षीय आयुष और मात्र 1 वर्ष की एक मासूम बच्ची लहूलुहान हालत में अंदर ही फंस गए। भयानक आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और एक्सप्रेसवे पर नियमित गश्त कर रही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में तब्दील हो चुकी कार से सभी हताहतों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से पास के अस्पताल पहुंचाया गया।

आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे मासूम

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही बम बम कुमार, रूपा देवी और माही को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल 11 साल के आयुष और 1 साल की मासूम बच्ची को तत्काल गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। चिकित्सकों की देखरेख में दोनों बच्चों का सघन इलाज चल रहा है, लेकिन दोनों की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है।

पुलिस ने शुरू की दुर्घटना के कारणों की जांच

श्रद्धा और भक्ति की पावन यात्रा से लौट रहे एक हंसते-खेलते परिवार के उजड़ जाने की खबर मिलते ही रजोकरी में उनके परिजनों और पड़ोसियों के बीच मातम पसर गया है। पुलिस प्रशासन ने तीनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की औपचारिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एक्सप्रेसवे पर कार का संतुलन अचानक कैसे बिगड़ा, क्या चालक को झपकी आई थी या फिर किसी तकनीकी खराबी के चलते यह अनियंत्रित हुई। फिलहाल मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।

सवाल-जवाब

यह सड़क हादसा कब और किस स्थान पर हुआ?
यह भीषण दुर्घटना गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हरियाणा के गुरुग्राम जिले में सोहना के धुनेला गांव के पास बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर हुई।
हादसे का शिकार हुआ परिवार कहां से आ रहा था?
यह परिवार राजस्थान के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद कार से अपने घर दिल्ली लौट रहा था।
इस दुर्घटना में किन लोगों की जान गई है?
हादसे में टैक्सी ड्राइवर बम बम कुमार, उनकी पत्नी रूपा देवी और उनकी बेटी माही की मौके पर मौत हो गई।
हादसे में घायल बच्चों की स्थिति कैसी है?
हादसे में 11 वर्षीय आयुष और 1 वर्ष की मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है।
टक्कर किस वाहन के साथ और कैसे हुई?
एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित हुई कार सड़क किनारे पहले से खड़ी एक बस के पिछले हिस्से में सीधे जा टकराई।
यह परिवार दिल्ली में कहां रहता था?
यह परिवार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रजोकरी इलाके में किराए के मकान में रहता था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·7 दिन पहले

बालाजी से खुशी-खुशी लौट रहा परिवार पल भर में उजड़ गया, सोचकर ही दिल कांप उठता है। सड़क किनारे खड़े होने वाले ऐसे लापरवाह वाहन अक्सर जानलेवा साबित होते हैं और पीछे सिर्फ दर्द छोड़ जाते हैं। आईसीयू में लड़ रहे बच्चों के लिए बस दुआ ही की जा सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

सुबह चार बजे एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाना और ऊपर से खड़ी बस दिख न पाना, सोचकर ही रूह कांप जाती है। वो एक साल की बच्ची अब बिना माता-पिता के कैसे बड़ी होगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 दिन पहले

रविकेश जी, सही कहा आपने। वो एक साल की बच्ची और ग्यारह साल का आयुष अब इस दुनिया में बिल्कुल अकेले रह गए हैं। सोचकर ही कलेजा कांप जाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

एक साल की बच्ची और ग्यारह साल का बच्चा आईसीयू में हैं, सोचकर ही कलेजा कांप जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·7 दिन पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है, बच्चों का क्या कसूर था? एक्सप्रेसवे पर खड़ी वो बस बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी के आखिर वहां क्यों खड़ी थी?

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