भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हनोई पहुंचकर वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों पर व्यापक बातचीत की। इस आधिकारिक बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा साझेदारी की प्रगति का ब्योरा लिया और साझा हितों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक तालमेल को और प्रगाढ़ करने का संकल्प दोहराया। दोनों एशियाई देशों के बीच गहराते रणनीतिक रिश्ते क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग की व्यापक समीक्षा
हनोई स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार दोनों नेताओं ने अब तक के संयुक्त रक्षा प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। बातचीत के दौरान जनरल फान वान जियांग और अजीत डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली और हनोई रक्षा क्षेत्र में अपनी संयुक्त पहलों को निर्बाध गति से जारी रखेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाना है ताकि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आपसी समन्वय बना रहे।
उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को जमीन पर उतारने की पहल
अजीत डोभाल रविवार को अपनी आधिकारिक यात्रा पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि इसी साल मई में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। यह राजनयिक अपग्रेडेशन रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार व्यापार जैसे क्षेत्रों में मजबूत जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का यह दौरा उसी उच्चस्तरीय समझौते के तहत तय प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने का प्रयास है।
2030 तक 25 अरब डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य पर जोर
मई में हुए रणनीतिक समझौते के तहत दोनों सरकारों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब अमेरिकी डॉलर के पार ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया था। रक्षा संबंधों में मजबूती आने से वाणिज्यिक और निवेश से जुड़े समझौतों को भी सीधा समर्थन मिलता है। अजीत डोभाल की हनोई यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न आयामों को मजबूती प्रदान करते हुए दोनों देशों के बीच नए आर्थिक और सुरक्षा अवसरों के द्वार खोलने की दिशा में एक ठोस कदम है।



















