राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की सघन निगरानी शुरू कर दी गई है। दिल्ली में विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से प्रभावी हो चुका है, जबकि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप की पाबंदियां पहले से ही लागू हैं। इस दोहरी व्यवस्था के तहत पड़ोसी शहरों से आने वाली उन तमाम गाड़ियों को सीमा पर ही रोका जा रहा है जो प्रदूषण रोकथाम के अनिवार्य नियमों पर खरी नहीं उतरती हैं। नियम विरुद्ध तरीके से दिल्ली की सीमा में घुसने का प्रयास करने वाले वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
36 घंटे के विशेष अभियान में 7657 वाहनों का निरीक्षण
पर्यावरण नियमों के सख्त अनुपालन के लिए नॉर्दर्न रेंज ट्रैफिक टीम ने सीमावर्ती चौकियों पर जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12 बजे से लेकर 2 नवंबर की दोपहर 12 बजे तक, यानी कुल 36 घंटे के भीतर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने 7657 गाड़ियों की गहन पड़ताल की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 609 गाड़ियों को दिल्ली सीमा से सीधे वापस लौटा दिया गया। जांच के दौरान कई चालकों ने प्रवेश देने का अनुरोध किया, परंतु पुलिसकर्मियों ने मानकों की अनदेखी न करते हुए किसी भी प्रकार की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया।
बीएस-VI से नीचे के मानकों पर कड़ा पहरा
दिल्ली सरकार द्वारा ग्रैप और विंटर एक्शन प्लान के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों के मुताबिक बीएस-VI उत्सर्जन मानकों से नीचे आने वाली गाड़ियों के राजधानी में प्रवेश पर पाबंदी है। इस नियम का जमीन पर कड़ाई से क्रियान्वयन कराने के लिए सीमा के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर नाकाबंदी मजबूत की गई है। नॉर्दर्न रेंज के डीसीपी ट्रैफिक डॉ. सचिन कुमार सिंघल के स्पष्ट निर्देशों के बाद विशेष एनफोर्समेंट दस्तों को तैनात किया गया है, जो बॉर्डर पर चौबीसों घंटे तैनात रहकर हर संदिग्ध और गैर-अनुमत वाहन की छंटनी कर रहे हैं।
प्रदूषण घटाने के लिए नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
सीमा पर चलाया जा रहा यह विशेष अभियान ग्रैप के परिवहन दिशा-निर्देशों को पूरी तरह अमल में लाने और तय मानकों से बाहर के वाहनों को रोकने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नॉर्दर्न रेंज ट्रैफिक पुलिस वाहनों से होने वाले धुएं और प्रदूषण को घटाने तथा दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े इन नियमों की अवहेलना करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी यह सख्त जांच निरंतर जारी रहेगी।


















