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हरिद्वार में गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे 18 कांवड़िए, SDRF की त्वरित कार्रवाई से बची जानउत्तराखंड
8 अग॰ 2026, 7:19 pm (45 दिन पहले)· 0

हरिद्वार में गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे 18 कांवड़िए, SDRF की त्वरित कार्रवाई से बची जान

हरिद्वार में सावन कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा स्नान करते समय तेज बहाव और फिसलन के कारण 18 शिवभक्त संकट में फंस गए, जिन्हें SDRF की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया।

उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में पवित्र सावन माह के दौरान उमड़ रही कांवड़ यात्रियों की विशाल भीड़ की सुरक्षा को लेकर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) अत्यंत मुस्तैद नज़र आ रहा है। 08 अगस्त 2026 को हरिद्वार के विभिन्न गंगा घाटों पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पवित्र स्नान के दौरान अचानक पैर फिसलने और पानी के प्रचंड वेग की वजह से 18 शिवभक्त नदी की धारा में बहने लगे। मौके पर तैनात SDRF के जवानों ने बिना समय गंवाए साहसिक अभियान चलाया और सभी 18 श्रद्धालुओं को सुरक्षित पानी से बाहर निकालकर एक बड़ी त्रासदी होने से टाल दिया।

हरिद्वार और ऋषिकेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सावन के पवित्र महीने में देश के कोने-कोने से लाखों की तादाद में श्रद्धालु गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचते हैं। गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के घाटों पर रोजाना लाखों लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। जल स्तर में अचानक बढ़ोतरी और बहाव में तेजी के कारण अक्सर अप्रिय हादसे होने का खतरा बना रहता है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने इस वर्ष NDRF और SDRF की कई टीमों को संवेदनशील घाटों पर तैनात किया है। इसी मुस्तैदी का नतीजा रहा कि संकट में फंसे 18 कांवड़ियों को समय रहते सकुशल बचा लिया गया।

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रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं का ब्योरा

जल पुलिस और SDRF टीम द्वारा सुरक्षित बचाए गए 18 शिवभक्तों का विवरण इस प्रकार है

  • मिथलेश: निवासी एटा, उत्तर प्रदेश
  • सर्वेश: निवासी एटा, उत्तर प्रदेश
  • सुमित: उम्र 13 वर्ष, पुत्र कुलदीप, निवासी नयागांव, बहादरगढ़, हरियाणा
  • राजू: उम्र 21 वर्ष, पुत्र ओमपाल, निवासी मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
  • फूल कुमार मंडल: उम्र 17 वर्ष, पुत्र अमूल्य मंडल, निवासी गली नंबर 12, साकेत ब्लॉक, मंडावली, दिल्ली
  • अनिमेश मंडल: उम्र 27 वर्ष, पुत्र मृणाल मंडल, निवासी गली नंबर 12, साकेत ब्लॉक, मंडावली, दिल्ली
  • सुनील: उम्र 23 वर्ष, पुत्र सतीश, निवासी पलवल, हरियाणा
  • साहिल: उम्र 24 वर्ष, पुत्र रोहताश, निवासी बक्करवाला, दिल्ली
  • रणवीर: उम्र 26 वर्ष, पुत्र बाबूराम, निवासी पलवल, हरियाणा
  • नितिन: उम्र 16 वर्ष, पुत्र रामप्रकाश, निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
  • शहजाद: उम्र 25 वर्ष, पुत्र मुस्तफा, निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार
  • कृष्णा: उम्र 18 वर्ष, पुत्र पप्पी सिंह, निवासी सौंडारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
  • विक्रम: उम्र 22 वर्ष, पुत्र मंगल सिंह, निवासी रोहतक, हरियाणा
  • सचिन कुमार: उम्र 25 वर्ष, पुत्र राधेश्याम, निवासी पानीपत, हरियाणा
  • विजेंद्र: उम्र 26 वर्ष, पुत्र मांगेराम, निवासी पानीपत, हरियाणा
  • हरमन: पुत्र चिड़िया सिंह, निवासी गांव अलीका, सिरसा, हरियाणा
  • अमित: उम्र 30 वर्ष, पुत्र रमेश चंद, निवासी गांव मंडलाना, नारनौल, हरियाणा
  • कपिल दुहन: पुत्र सत्यवान दुहन, निवासी रोहतक, हरियाणा

SDRF सेनानायक की श्रद्धालुओं से विशेष अपील

SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा में भाग ले रहे प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करना SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले सभी कांवड़ियों और अन्य दर्शनार्थियों से आग्रह किया कि वे स्नान करते समय केवल चिन्हित तथा सुरक्षित बनाए गए घाटों का ही इस्तेमाल करें।

सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने चेतावनी दी कि नदियों में पानी का स्तर और बहाव अचानक बदल सकता है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में गहरे पानी या तेज धाराओं के समीप जाने का जोखिम न उठाएं। उन्होंने सभी भक्तों से घाटों पर मौजूद पुलिस एवं SDRF के जवानों के सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और दुर्घटनामुक्त संपन्न हो सके।

सवाल-जवाब

हरिद्वार में 18 कांवड़ियों का रेस्क्यू कब और कैसे हुआ?
08 अगस्त 2026 को हरिद्वार के घाटों पर स्नान के दौरान पैर फिसलने और गंगा के तेज बहाव में बह जाने के कारण 18 श्रद्धालु संकट में आ गए थे, जिन्हें SDRF टीम ने समय पर बचा लिया।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालु मुख्य रूप से किन राज्यों के निवासी हैं?
बचाए गए श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और स्थानीय उत्तराखंड के निवासी शामिल हैं।
SDRF सेनानायक ने श्रद्धालुओं को क्या सुरक्षा निर्देश दिए हैं?
SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने श्रद्धालुओं से गहरे पानी और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने और केवल सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने का आग्रह किया है।
सावन के दौरान घाटों पर क्या सुरक्षा व्यवस्था की गई है?
हरिद्वार और ऋषिकेश के संवेदनशील घाटों पर SDRF और पुलिस जवानों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं जो लगातार निगरानी कर रही हैं।
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