त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हिंसक हमले के मामले में पुलिस ने आठ और लोगों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या अब 18 तक पहुंच गई है।
आशाबारी सीमा चौकी के पास भड़की थी हिंसा
यह पूरा मामला 2 नवंबर, सोमवार को आशाबारी सीमा चौकी के पास शुरू हुआ था। वहां तैनात BSF के जवानों ने संदिग्ध तस्करी के आरोप में एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ा था। इसके तुरंत बाद वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने जवानों का विरोध करना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने BSF की एक गाड़ी को भारी नुकसान पहुंचाया और जवानों से उनके हथियार छीनने का प्रयास किया। इस हिंसक झड़प में BSF के तीन जवान घायल हो गए, जिनमें एक असिस्टेंट कमांडेंट स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने प्रत्यक्ष रूप से हिंसा में शामिल 10 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया था। आगे की छानबीन के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि आठ अन्य आरोपियों की पहचान भी इस हमले से जुड़ी पाई गई, जिसके बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।
घटना के बाद स्थिति की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य प्रशासन, स्थानीय पुलिस, BSF, CRPF और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आशाबारी की घटना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अधिकारियों को सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सीमा पार होने वाली तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कड़ी करने को कहा।






















