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सिपाहीजाला सीमा विवाद मामले में कार्रवाई तेज, त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के आरोप में कुल 18 गिरफ्तारत्रिपुरा
6 नव॰ 2026, 4:57 pm (2 घंटे पहले)· 0

सिपाहीजाला सीमा विवाद मामले में कार्रवाई तेज, त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के आरोप में कुल 18 गिरफ्तार

त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में आशाबारी सीमा चौकी के पास सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने आठ और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस घटना में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।

त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हिंसक हमले के मामले में पुलिस ने आठ और लोगों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या अब 18 तक पहुंच गई है।

आशाबारी सीमा चौकी के पास भड़की थी हिंसा

यह पूरा मामला 2 नवंबर, सोमवार को आशाबारी सीमा चौकी के पास शुरू हुआ था। वहां तैनात BSF के जवानों ने संदिग्ध तस्करी के आरोप में एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ा था। इसके तुरंत बाद वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने जवानों का विरोध करना शुरू कर दिया।

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देखते ही देखते ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने BSF की एक गाड़ी को भारी नुकसान पहुंचाया और जवानों से उनके हथियार छीनने का प्रयास किया। इस हिंसक झड़प में BSF के तीन जवान घायल हो गए, जिनमें एक असिस्टेंट कमांडेंट स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश

शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने प्रत्यक्ष रूप से हिंसा में शामिल 10 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया था। आगे की छानबीन के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि आठ अन्य आरोपियों की पहचान भी इस हमले से जुड़ी पाई गई, जिसके बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।

घटना के बाद स्थिति की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य प्रशासन, स्थानीय पुलिस, BSF, CRPF और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आशाबारी की घटना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अधिकारियों को सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सीमा पार होने वाली तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कड़ी करने को कहा।

सवाल-जवाब

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के मामले में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने BSF जवानों पर हमले के सिलसिले में अब तक कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
BSF जवानों और ग्रामीणों के बीच यह हिंसक घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना 2 नवंबर, सोमवार को त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में स्थित आशाबारी सीमा चौकी के पास हुई थी।
सीमा चौकी के पास हिंसा भड़कने का मुख्य कारण क्या था?
BSF जवानों द्वारा संदिग्ध तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लेने के बाद ग्रामीणों की भीड़ उग्र हो गई और उसने जवानों पर हमला कर दिया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सभी आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, सीमा पार तस्करी पर शून्य सहनशीलता अपनाने और सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·35 मिनट पहले

असिस्टेंट कमांडेंट पर हमला! सच में हालात बहुत बिगड़ गए थे वहाँ।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

बीएसएफ जवानों पर ऐसा हमला देखकर बलिया की वो पुरानी घटना याद आ गई, जब तस्करी रोकने पर भीड़ बेकाबू हो गई थी। खाकी पर हाथ उठाना बहुत गलत है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। सुरक्षा बलों पर हमला कानून और व्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक मिसाल है, सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।

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