हरियाणा के पानीपत स्थित साईं कॉलोनी में रहने वाली 20 साल की विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जान जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। मृतका के पति विशु द्वारा श्मशान घाट में बेहद गुपचुप तरीके से दाह संस्कार करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन ठीक उसी वक्त युवती के मायके पक्ष के लोगों को घटना की खबर लग गई। परिजनों ने तुरंत इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस महकमे को दी, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस टीम श्मशान घाट पहुंची और जलने से ठीक पहले चिता से शव को अपने कब्जे में लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया।
प्रेम विवाह और एक साल के भीतर गहराया विवाद
जांच पड़ताल में मृतका की पहचान पूनम (20) के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूनम और विशु ने तकरीबन एक साल पहले ही अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद से ही पूनम का अपने ससुराल पक्ष के साथ मनमुटाव शुरू हो गया था। घरेलू कलह और लगातार जारी विवादों के चलते पति-पत्नी परिवार से अलग होकर रहने लगे थे। इसी बीच तीन दिन पहले अचानक रसोई में रखा तेजाब पीने की बात सामने आई, जिसके बाद पूनम की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे तुरंत रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पिता की आत्महत्या और परिवार से टूटा संपर्क
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में एक और दिल दहला देने वाला पहलू जुड़ा हुआ है। पूनम के भाई ने खुलासा किया कि बेटी द्वारा प्रेम विवाह किए जाने के फैसले से आहत होकर उनके पिता ने पहले ही अपनी जान दे दी थी। भाई के अनुसार, उनका परिवार गोलगप्पे की रेहड़ी लगाकर अपना गुजारा करता था और पिता के आत्मघाती कदम के बाद उन्होंने पूनम से सारे संबंध खत्म कर लिए थे। भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद एक बार बहन का रोते हुए फोन आया था और अब अचानक पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है। श्मशान घाट में महज तीन लोग अर्थी लेकर पहुंचे थे और मायके वालों को अंतिम सांस तक की खबर नहीं दी गई।
उचित इलाज न कराने के आरोप और कानूनी मांग
मामले में पक्ष रखते हुए वकील नरेंद्र भिवान ने कहा कि विशु ने कम उम्र में यह विवाह किया था और तेजाब पीने के बाद भी ससुराल पक्ष ने युवती की उचित चिकित्सीय देखभाल नहीं कराई। उन्होंने इसे सीधे तौर पर दहेज हत्या का मामला करार दिया। वकील ने स्पष्ट किया कि लड़की के अंतिम संस्कार में सिर्फ तीन लोग ही शामिल थे और उसके मायके पक्ष को पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था। जिले में महिला एसपी तैनात होने का हवाला देते हुए उन्होंने पीड़ित परिवार को पूरी निष्पक्षता के साथ न्याय दिलाने की जोरदार मांग रखी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की जांच
मामले के जांच अधिकारी चंद्रपाल ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि मायके पक्ष की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर शव को अपनी निगरानी में लिया है। जांच अधिकारी के मुताबिक, विशु के परिजनों का दावा है कि युवती को जहर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली और सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तथा विस्तृत तफ्तीश पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।























