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जल संकट की मार झेल रहे फरह के वार्ड 5 के लोग, मथुरा में 5 महीने बाद भी सूखी पड़ी हैं बिछाई गई पाइपलाइनउत्तर प्रदेश
22 अग॰ 2026, 1:04 pm (68 दिन पहले)· 3

जल संकट की मार झेल रहे फरह के वार्ड 5 के लोग, मथुरा में 5 महीने बाद भी सूखी पड़ी हैं बिछाई गई पाइपलाइन

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित नगर पंचायत फरह के वार्ड नंबर 5 में पिछले 5 महीनों से पानी की पाइपलाइन बिछने के बावजूद जल आपूर्ति ठप है। स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष सालगिराम बटिया के खिलाफ नाराजगी जताते हुए समस्या हल न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित नगर पंचायत फरह के वार्ड नंबर 5 में स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता आम लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। शाही सराय मोहल्ला के निवासी पिछले पांच से छह महीनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि नगर पंचायत की ओर से पूरे इलाके में पानी की नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नलों में पानी नहीं आ रहा है। बुनियादी सुविधा का अभाव होने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है।

सूखी पाइपलाइन और खाली नल से बढ़ रही लोगों की परेशानी

जल हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है, लेकिन फरह के इस मोहल्ले में लोग महीनों से जल संकट के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। कस्बे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के इरादे से गलियों में जल आपूर्ति की लाइनें बिछाई गई थीं। इसके बावजूद पिछले 5 महीनों से इन पाइपों से पानी का प्रवाह शुरू नहीं हो पाया है। रास्तों पर लगी सार्वजनिक चोटियां और नोजल बिना पानी के खाली पड़े हैं। पानी की अनुपलब्धता के कारण खाना बनाने, साफ-सफाई और अन्य जरूरी दैनिक कार्यों में हर परिवार को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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शिकायतों पर सुनवाई न होने से स्थानीय निवासियों में रोष

महीनों से जारी इस विकट स्थिति के बाद भी स्थानीय निकाय प्रशासन का रवैया उदासीन बना हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष फैल रहा है। वार्ड नंबर 5 के शाही सराय मोहल्ला निवासी दलबीर सिंह के अनुसार, पेयजल संकट की वजह से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस स्थिति में सुधार के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष सालगिराम बटिया को कई बार लिखित आवेदन दिए और मौखिक रूप से भी अपनी बात रखी। लेकिन नागरिकों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला उनकी शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय उन्हें अनदेखा कर रहा है।

समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों का मानना है कि उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं के निवारण और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद में नगर पंचायत चेयरमैन का चुनाव किया था, लेकिन वर्तमान में वही प्रशासनिक उपेक्षा जनता की परेशानी का कारण बन गई है। आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय नागरिक लीलावती, लखन लाल और पप्पू बघेल ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर जलापूर्ति शुरू करानी चाहिए। निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पाइपलाइन में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की जाती है, तो वार्ड नंबर 5 के सभी नागरिक एकजुट होकर उग्र आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे।

सवाल-जवाब

मथुरा के फरह नगर पंचायत के किस इलाके में पानी की समस्या है?
यह समस्या फरह नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 स्थित शाही सराय मोहल्ला में पिछले 5 से 6 महीनों से बनी हुई है।
पाइपलाइन बिछने के बाद भी पानी क्यों नहीं आ रहा है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पाइपलाइन डाल दिए जाने के बावजूद पिछले 5 महीनों से जल आपूर्ति शुरू ही नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर किससे शिकायत की है?
निवासियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष सालगिराम बटिया को कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दी है।
समस्या का समाधान न होने पर निवासियों ने क्या चेतावनी दी है?
लीलावती, लखन लाल और पप्पू बघेल सहित स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि पानी की आपूर्ति बहाल न होने पर वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·67 दिन पहले

फरह के वार्ड 5 में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ निवेश तब व्यर्थ हो जाता है जब पांच महीने बाद भी नलों में पानी नहीं पहुंचता। यह केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रहन-सहन पर सीधा प्रहार है। जब जनता को रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह शासन तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है। यदि नगर पंचायत प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया, तो यह असंतोष बड़े पैमाने पर जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·67 दिन पहले

रविकेश जी ने बिल्कुल सही रेखांकित किया है कि यह मुद्दा केवल जलापूर्ति का नहीं, बल्कि स्थानीय स्वशासन की जवाबदेही का है। जब पाइपलाइन जैसी भौतिक पूँजी का उपयोग महीनों तक शून्य हो, तो यह नीतिगत क्रियान्वयन और जमीनी निगरानी में भारी अंतर को उजागर करता है। यदि समय रहते चेयरमैन सालगिराम बटिया ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह प्रशासनिक सुस्ती आगामी चुनावों में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·67 दिन पहले

मथुरा के फरह में पांच महीने से पाइपलाइन सूखी होना स्थानीय प्रशासन की बड़ी नाकामी और बुनियादी ढांचे के नियोजन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि नगर पंचायत अध्यक्ष और स्थानीय निकाय ने जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की, तो शाही सराय मोहल्ला का यह आक्रोश एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है और जनता का यह आंदोलन प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अन्य शहरी निकायों के लिए भी एक कड़ा संदेश साबित होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·67 दिन पहले

यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनहित से जुड़े फंड्स के इस्तेमाल और उसकी जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है। जब पाइपलाइन जैसी आधारभूत परियोजनाएं महीनों तक चालू नहीं होतीं, तो यह सरकारी संसाधनों की बर्बादी को दर्शाता है। यदि समय रहते जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

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