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जालोर में 56 फ्लेवर के मोदक, कीमत 480 रुपये किलो से शुरूराजस्थान
16 सित॰ 2026, 8:05 am (9 दिन पहले)· 1

जालोर में 56 फ्लेवर के मोदक, कीमत 480 रुपये किलो से शुरू

गणेश महोत्सव के मौके पर जालोर की गुप्ता स्वीट शॉप पर 56 अलग-अलग वैरायटी के मोदक उतारे गए हैं, जिन्हें खाने के साथ-साथ बप्पा की सजावट के लिए भी खरीदा जा रहा है।

गणेश महोत्सव का त्योहार आते ही बाजार में मोदक की मांग में काफी तेजी आ गई है। जालोर की गुप्ता स्वीट शॉप पर इस बार ग्राहकों को लुभाने के लिए मोदक की कई अनोखी और आकर्षक वैरायटी तैयार की गई हैं। यहां मावा, काजू, ड्राइफ्रूट और चॉकलेट जैसे खास स्वादों के साथ कुल करीब 56 प्रकार के मोदक बनाए जा रहे हैं। विभिन्न स्वादों और सुंदर डिजाइनों में मिलने वाले इन मोदकों की मदद से ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। इस त्योहारी सीजन में पारंपरिक मिठास के साथ नए फ्लेवर भी जुड़ने से मिठाई खरीदने का पूरा अनुभव काफी खास हो गया है।

सजावट के लिए भी खास इंतजाम

इस दुकान पर मोदक सिर्फ प्रसाद के रूप में भोग लगाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें गणेश प्रतिमाओं की भव्य सजावट के लिए बड़े आकार में भी तैयार किया जा रहा है। बड़ी मूर्तियों के आसपास डेकोरेशन के लिए इन विशाल मोदकों को शामिल किया जा रहा है, जिससे उत्सव की सजावट में एक नया आकर्षण जुड़ जाता है। इस प्रकार इन मोदकों का उपयोग केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि पंडालों और मूर्तियों के परिवेश को संवारने के लिए भी किया जा रहा है। अलग-अलग आयामों में गढ़े गए ये बड़े मोदक देखने में बेहद मनमोहक लगते हैं और उत्सव के माहौल को और जीवंत बनाते हैं।

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गोल्डन वर्क और आकर्षक लुक

मोदक की कई चुनिंदा वैरायटी को बेहद खूबसूरत और शाही लुक देने के लिए उन पर सोने का काम यानी गोल्डन वर्क भी किया गया है। सुनहरी चमक वाले ये खास मोदक सामान्य मिठाइयों से काफी अलग और प्रीमियम नजर आते हैं। गणेश उत्सव की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए इन मोदकों का उपयोग सजावट के काम में भी बखूबी किया जा रहा है। कारीगरों ने मोदक के बेहतरीन स्वाद के साथ-साथ उनके बाहरी रूप और प्रस्तुति पर भी बहुत बारीकी से काम किया है, जो आने वाले ग्राहकों का ध्यान खींच रहा है।

विभिन्न स्वादों की बात करें तो दुकान पर मावा, काजू, ड्राइफ्रूट और चॉकलेट के अलावा कई अन्य बेजोड़ कॉम्बिनेशन उपलब्ध हैं। इन ढेरों विकल्पों की वजह से हर उम्र के लोगों को उनकी पसंद की मिठाई आसानी से मिल जाती है। पारंपरिक मावा और काजू कतली प्रेमियों के लिए जहां पुराने स्वाद मौजूद हैं, वहीं चॉकलेट और रिच ड्राइफ्रूट के शौकीनों के लिए आधुनिक वैरायटी भी काउंटर पर सजी हैं। दुकान पर कुल मिलाकर लगभग 56 तरह के मोदक बनाए जा रहे हैं, जिससे खरीदारों को एक ही छत के नीचे विविधता का अनूठा खजाना मिल जाता है।

किफायती दाम और वैरायटी

इन सभी स्वादिष्ट और सुंदर मोदकों की शुरुआती कीमत 480 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है। अलग-अलग फ्लेवर, वजन और डिजाइन के आधार पर ग्राहकों के लिए कई मूल्य वर्ग के विकल्प मौजूद हैं। उत्सव के इस पावन अवसर पर बेहतरीन स्वाद और शानदार सजावटी डिजाइनों से सजे ये मोदक मिठाई की दुकान पर आने वाले हर शख्स के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

सवाल-जवाब

जालोर की किस दुकान पर 56 तरह के मोदक मिल रहे हैं?
जालोर की गुप्ता स्वीट शॉप पर 56 तरह के मोदक तैयार किए जा रहे हैं।
मोदक की शुरुआती कीमत क्या है?
इन मोदकों की कीमत 480 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है।
कौन-कौन से मुख्य फ्लेवर उपलब्ध हैं?
यहाँ मावा, काजू, ड्राइफ्रूट और चॉकलेट समेत कई फ्लेवर के मोदक मिल रहे हैं।
क्या मोदक सजावट के लिए भी उपलब्ध हैं?
हाँ, बड़ी गणेश प्रतिमाओं की सजावट के लिए बड़े आकार के मोदक तैयार किए जा रहे हैं।
क्या कुछ मोदकों पर कोई विशेष सजावट भी है?
हाँ, कुछ मोदकों को आकर्षक लुक देने के लिए उन पर गोल्डन वर्क किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·8 दिन पहले

गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर अब एक भव्य सांस्कृतिक और विजुअल अनुभव बन चुका है। मनोरंजन उद्योग की तरह ही सार्वजनिक उत्सवों में भी प्रस्तुतिकरण और विजुअल अपील की भूमिका बेहद अहम हो गई है। जालोर में मोदक को केवल प्रसाद तक सीमित न रखकर पंडालों की सजावट और भव्य रूप में प्रस्तुत करना यह दर्शाता है कि त्योहारों में कलात्मक डिज़ाइन और विजुअल सेट-अप का चलन बढ़ रहा है। आधुनिक उपभोक्ता अब परंपरा के साथ-साथ भव्यता और विविधता की मांग कर रहे हैं, जो उत्सव संस्कृति के बदलते रुख को रेखांकित करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

यह खबर दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक त्योहार अब स्थानीय अर्थव्यवस्था और खुदरा कारोबार के लिए एक मजबूत आर्थिक उत्प्रेरक बन रहे हैं। 56 प्रकार की विविधता और 480 रुपये प्रति किलोग्राम से शुरू होने वाली शुरुआती कीमत यह साबित करती है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। इस तरह के कॉर्पोरेट और पारिवारिक उत्सव छोटे खुदरा विक्रेताओं को अपनी री-ब्रैंडिंग और उत्पादों के विविधीकरण का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में वित्तीय तरलता बढ़ती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

यह आर्थिक बदलाव इस बात का स्पष्ट संकेत है कि त्योहारी मांग अब महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी उपभोक्ता की क्रय शक्ति और खर्च करने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। जब स्थानीय बाजार इस तरह के नवाचार और विविधीकरण अपनाते हैं, तो इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह तेज होता है और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बड़े स्तर पर अपनी क्षमता का विस्तार करने का मंच मिलता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

एक क्राइम रिपोर्टर के रूप में, इस त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा और मिलावट पर नजर रखना हमारी प्राथमिकता है। यद्यपि 56 प्रकार के मोदक और उनकी सजावट ग्राहकों को लुभा रही है, लेकिन खाद्य विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गोल्डन वर्क और विभिन्न रंगों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन हो, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कोई जोखिम न आए।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर लगाम कसने के लिए स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को सक्रिय रहना होगा। 56 प्रकार के इन मोदकों में इस्तेमाल होने वाले रंग, मावा और विशेष रूप से 'गोल्डन वर्क' की शुद्धता की जांच अनिवार्य है ताकि जनता की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो।

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