पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलर
जयपुर की मंगलम सिटी में बेसमेंट पार्किंग में भीषण आग, कई गाड़ियां जलकर खाकराजस्थान
23 अग॰ 2026, 8:58 pm (32 दिन पहले)· 2

जयपुर की मंगलम सिटी में बेसमेंट पार्किंग में भीषण आग, कई गाड़ियां जलकर खाक

जयपुर के कालबड़ रोड स्थित मंगलम सिटी के बेसमेंट में भीषण आग लगने से दर्जनों वाहन जल गए। समय रहते दमकल विभाग के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।

जयपुर से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जहां राजधानी के कालबड़ रोड पर स्थित मंगलम सिटी की एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस खतरनाक अग्निकांड के कारण मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर खुले में आ गए। आग इतनी भीषण थी कि बेसमेंट में खड़े कई वाहन इसकी चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गए। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग को समय पर सूचना मिल गई, वरना यह लपटें ऊपर बने फ्लैट्स तक पहुंचकर किसी भारी जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती थीं।

घटना के समय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने बहुत कम समय में ही एक विकराल रूप धारण कर लिया था। मंगलम सिटी के बेसमेंट की इस पार्किंग में तमाम वाहन पार्क किए गए थे, जो अचानक लगी इस आग की चपेट में आ गए। इस भयंकर हादसे में करीब 12 से ज्यादा मोटरसाइकिलें और 3 कारें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। वाहनों के जलने से निकला घना और काला धुआं आसमान में काफी दूर तक छा गया, जिसे देखकर आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने की फिक्र में रहवासी तुरंत अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की तरफ दौड़ पड़े।

ये भी पढ़ें

दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत से आग पर पाया गया नियंत्रण

इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग के वाहन तुरंत सक्रिय हो गए और बिना किसी देरी के घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। आग की ऊंची उठती लपटों और धुएं के भारी गुबार के बीच दमकल कर्मियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। दमकल की टीमों ने युद्धस्तर पर पानी की बौछारें करते हुए कुछ ही वक्त में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि आग इमारत के बाकी हिस्सों या आसपास के इलाकों तक न फैल सके।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है आग की मुख्य वजह

प्रारंभिक जांच-पड़ताल में इस भयानक आग के भड़कने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बेसमेंट की बिजली की वायरिंग या किसी वाहन के नजदीक मौजूद इलेक्ट्रिक पॉइंट में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी निकली होगी, जिसने पास खड़े वाहनों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हालांकि, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते यह आग इतनी तेजी से फैली।

सुरक्षा इंतजामों और पार्किंग व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस खतरनाक हादसे ने एक बार फिर से जयपुर की तमाम रेजिडेंशियल कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स की बेसमेंट पार्किंग में मौजूद सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी है। वहां रहने वाले निवासियों का कहना है कि बेसमेंट जैसे बंद स्थानों पर इस तरह के हादसों से निपटने के लिए वेंटिलेशन और अग्निशमन यंत्रों की पुख्ता व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है। प्रशासन और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी अपार्टमेंट्स में पार्किंग से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी बड़ी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

जयपुर में यह आग कहां लगी थी?
यह भीषण आग जयपुर के कालबड़ रोड स्थित मंगलम सिटी की एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में लगी थी।
आग लगने से कितने वाहन जलकर खाक हुए?
इस अग्निकांड में लगभग 12 से अधिक मोटरसाइकिलें और 3 कारें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं।
आग लगने का संभावित कारण क्या बताया जा रहा है?
शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है।
क्या इस हादसे में कोई जनहानि हुई?
समय रहते दमकल विभाग के पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे ऊपर के फ्लैट्स तक आग पहुंचने से टल गई और बड़ा नुकसान बचा लिया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·32 दिन पहले

जयपुर की इस घटना ने आवासीय परिसरों में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के वित्तीय पहलुओं को उजागर किया है। बेसमेंट पार्किंग में इस तरह के हादसे केवल जान-माल का जोखिम नहीं बढ़ाते, बल्कि सोसायटियों की संपत्ति के बीमा क्लेम, संपत्तियों के मूल्यांकन और रखरखाव के लिए मिलने वाले फंड्स पर भी भारी असर डालते हैं। यदि समय रहते अग्नि सुरक्षा और वायरिंग जैसे बुनियादी मानकों पर सख्त वित्तीय ऑडिट नहीं कराया गया, तो भविष्य में रियल एस्टेट सेक्टर और निवेशकों का विश्वास प्रभावित हो सकता है, साथ ही कॉलोनियों पर भारी आर्थिक बोझ भी आ सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 दिन पहले

यह हादसा केवल एक स्थानीय दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी शासन और स्थानीय निकायों की नियामक विफलता का गंभीर प्रमाण है। जब तक रेजिडेंशियल कॉलोनियों में फायर एनओसी और बेसमेंट के सुरक्षा मानकों की आॅडिट प्रक्रिया को अनिवार्य और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक ऐसे खतरों से निपटना नामुमकिन होगा। प्रशासनिक उदासीनता के चलते नागरिकों की सुरक्षा ताक पर रख दी गई है, जिस पर स्थानीय प्रशासन को तुरंत जवाबदेह ठहराते हुए सख्त भू-नीति और सुरक्षा अधिनियम लागू करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा संकट दोबारा न उभर सकें।

Rohan Verma@rohan-verma·32 दिन पहले

यह घटना आवासीय परिसरों के बेसमेंट में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। शॉर्ट सर्किट की आशंका दर्शाती है कि वायरिंग और विद्युत उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही बरती गई। स्थानीय निकायों को सभी बहुमंजिला इमारतों में वेंटिलेशन और अग्निशमन यंत्रों की अनिवार्यता की सख्त जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के भीषण हादसों को रोका जा सके और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 दिन पहले

यह हादसा आवासीय परिसरों में बेसमेंट पार्किंग को लेकर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। यदि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आ रही है, तो यह विद्युत सुरक्षा ऑडिट की अनिवार्यता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को यह जांच करनी होगी कि क्या इमारत में नियमानुसार फायर एनओसी और नियमित मेंटेनेंस हो रहा था या नहीं। यदि नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो बिल्डर और संबंधित प्रबंधन समिति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लग सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp