राजस्थान की राजधानी जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी फैल गई जब मर्सिडीज कंपनी के एक बड़े वर्कशॉप परिसर से भयंकर लपटें उठने लगीं. देखते ही देखते इस आग ने पूरे वर्कशॉप के एक बड़े हिस्से को अपने घेरे में ले लिया, जिससे परिसर में काम कर रहे लोगों और आसपास की इकाइयों में हड़कंप मच गया. इस भयानक घटनाक्रम में वर्कशॉप के भीतर खड़ी करीब 8 कारें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं. गाड़ियों के अलावा वहां भारी मात्रा में रखी गई कारों की एसेसरीज, नए-पुराने कलपुर्जे और अन्य तकनीकी उपकरण भी लपटों की भेंट चढ़ गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन दल के कर्मी तुरंत राहत व बचाव कार्यों के लिए रवाना हुए.
आसपास खड़ी 50 से अधिक कारों पर मंडराया गंभीर खतरा
जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय वर्कशॉप परिसर के अंदर 50 से ज्यादा नई और पुरानी कारें अलग-अलग हिस्सों में खड़ी थीं. परिसर में वाहनों की इतनी बड़ी तादाद होने और ऑटोमोबाइल से जुड़े ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग के बहुत तेजी से पूरी वर्कशॉप में फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई थी. जैसे-जैसे आग का दायरा बढ़ रहा था, धुएं के घने गुबार ने आसमान को ढक लिया और पूरे औद्योगिक क्षेत्र में बेचैनी का माहौल बन गया. मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने तुरंत अपनी रणनीति तय की और सबसे पहले आग की लपटों को उस हिस्से की तरफ बढ़ने से रोका जहां दर्जनों अन्य कारें कतारबद्ध खड़ी थीं. राहत दलों की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बेहद बड़े नुकसान को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई.
10 दमकलों ने दो दर्जन से ज्यादा फेरे लगाकर पाया काबू
लगातार फैलती आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल विभाग को करीब 10 गाड़ियां मोर्चे पर उतारनी पड़ीं. दमकल कर्मियों ने लगभग दो घंटे तक बिना रुके पानी और अन्य जरूरी अग्निशामक संसाधनों की मदद से लपटों पर चौतरफा वार किया. पानी की भारी खपत को पूरा करने के लिए दमकल की इन गाड़ियों को दो दर्जन से ज्यादा फेरे लगाने पड़े, तब जाकर आग की तीव्रता को कम किया जा सका. गाड़ियों के टायर, प्लास्टिक पार्ट्स और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण अंदर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया था, जिससे ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं. पूरी आग बुझ जाने के बाद भी राहत दलों ने वर्कशॉप के हर कोने और मलबे की बारीकी से जांच की, ताकि कहीं दबी हुई चिंगारी दोबारा से भयानक रूप न अख्तियार कर ले.
एहतियातन बिजली काटी गई, शॉर्ट सर्किट का अंदेशा
आग की भयावहता को देखते हुए और किसी भी अतिरिक्त खतरे से बचने के लिए प्रशासन ने सबसे पहले सीतापुरा के संबंधित इलाके की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद करा दी. बिजली कटने से दमकल कर्मियों को बिना किसी करंट के खतरे के राहत कार्य चलाने में काफी सहूलियत मिली. इसी बीच पुलिस बल ने पूरे वर्कशॉप के आसपास सुरक्षा घेरा तैयार किया और वहां जमा हो रही लोगों की भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया. प्राथमिक स्तर पर माना जा रहा है कि यह भीषण हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हो सकता है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक और वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
नुकसान के आकलन और कारणों की तकनीकी जांच जारी
फिलहाल पुलिस और संबंधित तकनीकी विभागों की संयुक्त टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि वर्कशॉप में आग की शुरुआत कहां से और कैसे हुई. इसके लिए परिसर में लगे विद्युत उपकरणों, वायरिंग के स्तर और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल की जा रही है. इसके साथ ही जली हुई 8 कारों और खाक हुए पार्ट्स से हुए कुल वित्तीय नुकसान का भी आकलन तैयार किया जा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा संतोषजनक पहलू यह रहा कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से 50 से अधिक कीमती कारों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया, वरना क्षति का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था. पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी.



















