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जयपुर नगर निगम चुनाव में ज्वाला प्रसाद का पर्चा खारिज, अमीन कागजी ने उठाए सवालराजस्थान
1 सित॰ 2026, 6:05 pm (24 दिन पहले)· 2

जयपुर नगर निगम चुनाव में ज्वाला प्रसाद का पर्चा खारिज, अमीन कागजी ने उठाए सवाल

जयपुर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 111 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन आपराधिक मामला सामने आने पर खारिज हो गया है, जिसके बाद विधायक अमीन कागजी ने सत्ताधारी दल पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।

जयपुर नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। वार्ड नंबर 111 से पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे ज्वाला प्रसाद का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है। उनके विरुद्ध लंबित एक आपराधिक मामले और अदालत में आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया को इस कार्रवाई की मुख्य वजह बताया गया है, जिसके बाद से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कानूनी प्रावधानों के तहत हुई कार्रवाई

निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त जानकारियों के अनुसार, ज्वाला प्रसाद के खिलाफ एक सक्षम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण विचाराधीन चल रहा है। इस मामले में अदालत द्वारा पहले ही संज्ञान लिया जा चुका है और 29 अगस्त 2024 को उनके विरुद्ध औपचारिक रूप से आरोप भी तय किए जा चुके हैं। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा के प्रावधान वाले मामलों में आरोप तय होने की स्थिति में चुनाव लड़ने को लेकर सख्त नियम लागू होते हैं। इन्हीं कानूनी प्रावधानों और तकनीकी बिंदुओं के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने संवीक्षा के दौरान ज्वाला प्रसाद के पर्चे को वैध नहीं पाया और उसे खारिज कर दिया। मतदान की तारीख नजदीक आने से पहले ही वार्ड नंबर 111 में अपने आधिकारिक चेहरे से हाथ धोना कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।

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विधायक अमीन कागजी के तीखे आरोप

कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विधायक अमीन कागजी ने इस फैसले के बाद जिला प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल खड़े किए हैं। अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते समय उन्होंने दावा किया कि पार्टी की तरफ से दाखिल किए गए नामांकन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारियां पूरी तरह से दी गई थीं। विधायक अमीन कागजी ने यह भी बताया कि इस पूरे प्रकरण को लेकर उनकी जिला कलेक्टर के साथ विस्तार से चर्चा हुई थी और स्थिति को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने दो वकीलों को भी विशेष रूप से साथ भेजा था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह तय माना जा रहा था कि वह चुनाव मैदान में उतरेंगे, लेकिन इसके बावजूद ऐन वक्त पर उनका पर्चा खारिज कर दिया गया।

सत्ता पक्ष पर भेदभाव का गंभीर आरोप

उन्होंने सीधे तौर पर सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में आकर काम कर रहा है। उनका कहना था कि कांग्रेस उम्मीदवार का शपथ पत्र और नामांकन बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से खारिज कर दिया गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के मामलों में ऐसा रुख नहीं अपनाया जा रहा है और केवल नोटिस देकर ही जवाब तलब किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि भाजपा के किसी भी प्रत्याशी द्वारा नियमों की अनदेखी की गई है या गलत जानकारियां दी गई हैं, तो उसका नामांकन भी बिना किसी भेदभाव के तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।

सवाल-जवाब

ज्वाला प्रसाद का नामांकन क्यों खारिज किया गया?
उनके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होने और अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया।
यह घटना किस चुनाव से संबंधित है?
यह घटना जयपुर नगर निगम चुनाव के वार्ड नंबर 111 से जुड़ी हुई है।
ज्वाला प्रसाद के खिलाफ किस तारीख को आरोप तय हुए थे?
उनके खिलाफ सक्षम न्यायालय में 29 अगस्त 2024 को औपचारिक रूप से आरोप सुनाए गए थे।
इस मामले पर किस विधायक ने सवाल उठाए हैं?
स्थानीय विधायक अमीन कागजी ने जिला प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं।
विधायक अमीन कागजी का मुख्य आरोप क्या है?
उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासन सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है और कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा तुरंत खारिज कर दिया गया जबकि भाजपा उम्मीदवारों के मामलों में केवल नोटिस दिए जा रहे हैं।
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