असम के डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया के टैंक फार्म में लगी भीषण आग, एक की मौत और छह घायलत्योहारी खरीदारी में मिला है खराब सामान, तो इस तरह आसानी से वापस मिल जाएंगे आपके पैसेजमशेदपुर के जलेबी लाइन बाजार में सजी मिठाइयों की महफिल, दिवाली पर बारह तरह के लड्डू और नमकीन की भारी मांगऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई की मार, नैनीताल में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार 30 प्रतिशत तक गिराज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के सभी चुनावी नतीजों की हो व्यापक समीक्षा, जयपुर में सचिन पायलट की बड़ी मांगझारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL के दो हजार सफल अभ्यर्थियों को राहत और परीक्षा रद्द करने का आदेश खारिजजैसलमेर के रामदेवरा में दीपावली पर अनूठी सजावट, 500 किलो फूलों से महका बाबा रामदेव का दरबारहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपरासुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदासिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायल
झज्जर के अयान लोहचब ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, मां बोलीं- चूरमा खिलाकर करेंगे स्वागतहरियाणा
27 सित॰ 2026, 2:41 pm (40 दिन पहले)· 1

झज्जर के अयान लोहचब ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, मां बोलीं- चूरमा खिलाकर करेंगे स्वागत

एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है, जिसमें झज्जर के अयान लोहचब ने अहम भूमिका निभाई। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से बुपनिया गांव और पूरे परिवार में जश्न का माहौल है।

झज्जर के रहने वाले युवा खिलाड़ी अयान लोहचब ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स के दौरान देश का मान बढ़ाया है। भारतीय कबड्डी टीम ने बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा करते हुए तमाम प्रतिद्वंद्वी टीमों को पीछे छोड़ दिया और प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस विजेता भारतीय दल का हिस्सा रहे अयान लोहचब ने मैदान पर दमदार प्रदर्शन किया, जिससे उनके पैतृक गांव बुपनिया में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस सफलता पर पूरा परिवार और ग्रामीण बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

जापान में तिरंगा फहराने वाले अयान का सफर

जापान में चल रहे एशियन गेम्स के मंच पर भारतीय टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इस स्वर्णिम सफलता में झज्जर ज़िले के बुपनिया गांव के लाल अयान लोहचब की भूमिका बेहद अहम रही। अयान की इस शानदार उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके घर में बधाइयों का तांता लग गया। उनकी मां सोनिया, दादी खजानी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने अपनी खुशी खुलकर ज़ाहिर की। परिजनों का कहना है कि अयान ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। इससे पहले अयान प्रो कबड्डी लीग में भी अपने खेल का जलवा बिखेर चुके हैं।

ये भी पढ़ें

मां का लाड़ और पारंपरिक चूरमा

अयान की मां सोनिया ने अपने बेटे की रवानगी और उसकी पसंद को याद करते हुए एक दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि जब अयान प्रतियोगिता के लिए रवाना हो रहे थे, तब उनकी दादी खजानी देवी ने उन्हें खास तौर पर चूरमा खिलाकर आशीर्वाद के साथ विदा किया था। अब परिवार को अपने बेटे की घर वापसी का इंतज़ार है। मां सोनिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब उनका बेटा मेडल जीतकर वापस घर लौटेगा, तो वह अपने हाथों से उसे एक बार फिर वही पारंपरिक चूरमा खिलाएंगी। परिवार को पूरा भरोसा है कि अयान भविष्य में भी देश के लिए इसी तरह से मेडल जीतते रहेंगे।

30 सितंबर को होगा भव्य स्वागत

अयान लोहचब की इस बड़ी सफलता के बाद उनके गृह जनपद में जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अयान के भाई सुमित ने जानकारी दी कि 30 सितंबर को जब वह अपने घर लौटेंगे, तो बुपनिया गांव में उनका बेहद भव्य स्वागत किया जाएगा। गांव के लोग अपने इस होनहार खिलाड़ी की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि अयान का यह सफर आने वाली पीढ़ी के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

सवाल-जवाब

अयान लोहचब किस खेल से जुड़े हैं?
अयान लोहचब कबड्डी के जाने-माने खिलाड़ी हैं जो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं।
एशियन गेम्स का आयोजन कहाँ किया जा रहा था?
एशियन गेम्स का आयोजन जापान में किया जा रहा था, जहाँ भारतीय कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
अयान लोहचब का संबंध किस स्थान से है?
अयान लोहचब हरियाणा के झज्जर जिले के बुपनिया गांव के रहने वाले हैं।
अयान लोहचब के घर वापसी पर स्वागत कब होगा?
अयान लोहचब के घर लौटने पर 30 सितंबर को बुपनिया गांव में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा।
अयान की मां ने विदाई के समय उन्हें क्या खिलाया था?
अयान की मां सोनिया ने बताया कि रवाना होने से पहले उनकी दादी खजानी देवी ने उन्हें चूरमा खिलाकर विदा किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·39 दिन पहले

दादी के हाथ का वो चूरमा ही असली ऊर्जा होगी, खेल के मैदान में मंगल ग्रह का बल ऐसे ही थोड़ी मिलता है!

Ravikash Gupta@ravikash·39 दिन पहले

अयान की इस शानदार जीत पर गांव वाले 30 सितंबर को बड़ा स्वागत कर रहे हैं, पर क्या प्रो कबड्डी के बाद उनका अगला लक्ष्य सीधे ओलंपिक में देश के लिए खेलना होगा?

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 दिन पहले

रविकेश, ओलंपिक में कबड्डी है ही नहीं तो वहां कैसे खेलेगा! मैं जब पिछली बार झज्जर गया था, वहां के युवाओं में इस खेल का गजब का क्रेज देखा था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 दिन पहले

अयान की इस बड़ी जीत से बुपनिया गांव में जश्न का माहौल देखकर बहुत अच्छा लगा। मां के हाथ का पारंपरिक चूरमा खाने के लिए अब उसे 30 सितंबर तक का इंतज़ार करना होगा। वैसे जापान से लौटते वक्त खिलाड़ियों का शेडूल काफी थका देने वाला होता है, क्या वह तय तारीख पर गांव पहुंच पाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

करण भाई, सुमित ने खुद 30 सितंबर को स्वागत की बात कही है तो पहुँच ही जाएगा। शेड्यूल लंबा ज़रूर होता है, पर ऐसे मौकों पर परिवार के पास लौटने की जल्दी अलग ही होती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp