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जीरो संगीत उत्सव के बाद एचआईवी जांच की फर्जी सलाह पर स्वास्थ्य विभाग का खंडनअरुणाचल प्रदेश
29 सित॰ 2026, 8:50 am (28 दिन पहले)· 2

जीरो संगीत उत्सव के बाद एचआईवी जांच की फर्जी सलाह पर स्वास्थ्य विभाग का खंडन

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में आयोजित जीरो संगीत उत्सव में शामिल लोगों से एचआईवी जांच कराने की सोशल मीडिया पर फैल रही अपील को स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में स्थित जीरो संगीत उत्सव में भाग लेने वाले लोगों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इंटरनेट पर एक संदेश तेजी से साझा किया जा रहा था, जिसमें संगीत समारोह में पहुंचे प्रतिभागियों को तुरंत अपनी एचआईवी जांच कराने के लिए कहा जा रहा था। इस फर्जी चेतावनी को स्वास्थ्य अधिकारियों ने निराधार, अनाधिकृत और आम जनता को गुमराह करने वाला करार दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण

लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या ने इस संबंध में एक औपचारिक सर्कुलर जारी करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की। सर्कुलर में यह साफ किया गया कि प्रशासन या स्वास्थ्य तंत्र की ओर से ऐसा कोई दिशा-निर्देश अथवा परामर्श जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि उत्सव में राज्य से बाहर के एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति शामिल हुए थे, इसलिए सभी प्रतिभागियों को टेस्ट कराना अनिवार्य है। चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है और इसका स्वास्थ्य एजेंसियों से कोई सरोकार नहीं है।

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एड्स नियंत्रण सोसायटियों के नाम का दुरुपयोग

वायरल हो रहे संदेश में यह भ्रम फैलाया गया था कि यह चेतावनी एड्स नियंत्रण सोसायटी की तरफ से आई है। पोस्ट में लिखा गया था कि जो लोग उत्सव में पहुंचे हैं वे जल्द से जल्द एचआईवी जांच करा लें क्योंकि बाहरी राज्यों से पॉजिटिव लोग आए हैं। डॉ. मिल्लो कुन्या के सर्कुलर के अनुसार, न तो राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और न ही जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने ऐसा कोई बयान अथवा निर्देश प्रसारित किया है। विभाग ने पुष्टि की कि सरकारी संस्थानों के नाम का झूठा सहारा लेकर यह झूठी खबर बनाई गई है।

अफवाहों से बचने और अधिकृत सूचना पर विश्वास की अपील

प्रशासन ने आम जनता और मीडिया से ऐसी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करने और उन्हें आगे फॉरवर्ड करने से बचने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि बिना जांचे-परखे संदेशों को प्रसारित करने से समाज में अनावश्यक भय और असमंजस पैदा होता है। लोगों को केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से आने वाली सूचनाओं पर ही ध्यान देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जीरो संगीत उत्सव हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कलाकारों और संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है, और इसी लोकप्रियता का लाभ उठाकर यह दुष्प्रचार फैलाया गया था।

सवाल-जवाब

क्या जीरो संगीत उत्सव के प्रतिभागियों के लिए कोई एचआईवी जांच एडवाइजरी जारी की गई है?
नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई जांच एडवाइजरी जारी नहीं की गई है और वायरल दावा पूरी तरह फर्जी है।
यह आधिकारिक स्पष्टीकरण किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है?
यह सर्कुलर लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या द्वारा जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर क्या गलत दावा किया जा रहा था?
दावा किया जा रहा था कि उत्सव में बाहरी राज्यों से एचआईवी पॉजिटिव लोग आए थे, इसलिए सभी प्रतिभागियों को एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देश पर टेस्ट कराना चाहिए।
क्या राज्य या जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने कोई सूचना दी थी?
नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि न तो राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और न ही जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने ऐसा कोई निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने जनता और मीडिया से क्या अपील की है?
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों को साझा न करें और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों पर ही भरोसा रखें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·28 दिन पहले

जीरो फेस्टिवल की वो खूबसूरत वादियाँ और वहाँ का स्थानीय खाना हमेशा याद रहता है। ऐसी झूठी अफवाहों से फालतू में डर फैल जाता है, जो बिल्कुल ठीक नहीं है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 दिन पहले

सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे ऐसी अफवाहें फैलाने वाले लोगों पर प्रशासन कब और कैसे कार्रवाई करेगा?

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·28 दिन पहले

अर्जुन जी, सज़ा की बात ठीक है पर मुझे लगता है कि ये महज़ अफ़वाह नहीं, किसी की सोची-समझी शरारत लगती है।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

आजकल सोशल मीडिया पर कुछ भी फर्जी मैसेज फैलाकर बिना बात का डर पैदा कर देते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

रोहन जी, एकदम सही कहा। आजकल सोशल मीडिया की इस फेक न्यूज़ और अफवाहों की वजह से डिजिटल एसेट्स से लेकर हेल्थ सेक्टर तक, हर जगह गलत जानकारी तेजी से फैल जाती है।

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