पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्याननागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलरपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया याद
जोधपुर में पहली बार सजा बाबा श्याम का भव्य हिंडोला उत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़राजस्थान
4 सित॰ 2026, 8:34 am (21 दिन पहले)· 5

जोधपुर में पहली बार सजा बाबा श्याम का भव्य हिंडोला उत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

राजस्थान के जोधपुर में बाबा श्याम के चल शीश के तीसरे वार्षिक उत्सव और पहली बार आयोजित हिंडोला उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विदेशी फूलों से हुए भव्य श्रृंगार और भजनों की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

राजस्थान के सांस्कृतिक केंद्र जोधपुर में इन दिनों आस्था और भक्ति की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहाँ देर रात तक श्रद्धालु भजनों की धुनों पर झूमते नजर आए। यह पूरा माहौल बाबा श्याम के चल शीश के तीसरे वार्षिक उत्सव और शहर में पहली बार आयोजित किए गए भव्य हिंडोला उत्सव के दौरान बना। सिंधु महल में रखे गए इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्याम भक्तों ने शिरकत की और देवता के अलौकिक व दिव्य रूप के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।

हिंडोला उत्सव और विदेशी फूलों से सजावट

इस पूरे आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण बाबा श्याम का हिंडोला उत्सव रहा। दुनिया भर को अपनी कृपा से झूला झुलाने वाले प्रभु को भक्तों ने पूरी श्रद्धा और भावुकता के साथ हिंडोला समर्पित किया। इस खास मौके पर बाबा का बेहद खास और अद्भुत श्रृंगार किया गया था। इस श्रृंगार को और अधिक भव्य बनाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी खास फूल और मालाएं मंगवाई गई थीं। इन सजावटों में शामिल गुलाबी रंग की आकर्षक मालाएं वहां मौजूद सभी लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रहीं और हर किसी की नजरें उन पर टिक गईं।

ये भी पढ़ें

चल शीश की स्थापना के पूरे हुए तीन साल

आयोजन से जुड़ी डिंपल कौर बेदी ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बाबा श्याम के चल शीश को जोधपुर लाए जाने के तीन साल पूरे हो चुके हैं, और इसी खुशी में यह तीसरा वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है। बाबा का यह चल शीश शहर में होने वाले बड़े कीर्तन आयोजनों में विशेष रूप से स्थापित किया जाता है। इसकी पूरी सेवा माँ झंडेवाली दरबार जोधपुर द्वारा संभाली जाती है। इसके अतिरिक्त, जोधपुर के चौदह सेक्टर स्थित श्री मंछापूर्ण महादेव श्री श्याम मंदिर में भी बाबा श्याम की पावन प्रतिमा स्थापित है, जहाँ स्थानीय भक्तों की गहरी और अटूट आस्था जुड़ी हुई है।

भजन गायकों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जयपुर के जाने-माने भजन गायक आयुष सोमानी और जोधपुर के लोकप्रिय गायक सोनू वाधवानी ने मंच संभाला। दोनों कलाकारों ने बाबा श्याम और माँ झंडेवाली के एक से बढ़कर एक मनमोहक भजन गाए, जिससे पूरा पंडाल पूरी तरह भक्ति रस में डूब गया। भजनों की लय और ताल पर श्रद्धालु अपने हाथ उठाकर नाचने और झूमने लगे। स्थिति यह हो गई कि पूरा आयोजन स्थल श्याम प्रेमियों से खचाखच भर गया और हर तरफ केवल जय श्री श्याम के जयकारे गूंजते रहे।

सवाल-जवाब

जोधपुर में यह उत्सव कहाँ आयोजित किया गया था?
यह भव्य धार्मिक आयोजन जोधपुर के सिंधु महल में संपन्न हुआ।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण क्या था?
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बाबा श्याम का हिंडोला उत्सव और विदेशों से मंगवाए गए फूलों से हुआ विशेष श्रृंगार था।
बाबा श्याम का चल शीश जोधपुर में कितने वर्षों से है?
बाबा श्याम का चल शीश जोधपुर में लाए जाने के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं।
इस धार्मिक कार्यक्रम में किन भजन गायकों ने प्रस्तुतियां दीं?
कार्यक्रम में जयपुर के आयुष सोमानी और जोधपुर के सोनू वाधवानी ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·20 दिन पहले

जोधपुर में पहली बार आयोजित यह भव्य हिंडोला उत्सव स्पष्ट करता है कि राजस्थान में सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे बड़े धार्मिक अनुष्ठान न केवल स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द और सहभागिता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और आतिथ्य सत्कार जैसे क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करते हैं। भविष्य में इस तरह के आयोजनों से धार्मिक आयोजनों के प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक प्रभावों का दायरा और अधिक विस्तृत होने की पूरी संभावना है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 दिन पहले

रोहन जी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के विशाल धार्मिक आयोजनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो जाता है। इतने बड़े पैमाने पर विदेशी फूलों की सजावट और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आयोजकों को यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के सांस्कृतिक अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp