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जोधपुर में सजेगा तरंग शक्ति युद्धाभ्यास का मंच, माउंट आबू में वायुसेना ने टाला बड़ा अग्निकांडराजस्थान
22 सित॰ 2026, 12:48 pm (3 दिन पहले)· 3

जोधपुर में सजेगा तरंग शक्ति युद्धाभ्यास का मंच, माउंट आबू में वायुसेना ने टाला बड़ा अग्निकांड

भारतीय वायुसेना 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति का आयोजन करेगी, वहीं माउंट आबू में एयर वॉरियर्स ने आग की लपटों के बीच से गैस सिलेंडर निकालकर बड़ा हादसा टाल दिया।

भारतीय वायुसेना अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में शुमार तरंग शक्ति-2026 के भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटी है। राजस्थान स्थित वायुसेना स्टेशन जोधपुर में यह व्यापक सैन्य अभ्यास 28 सितंबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इस वृहद युद्धाभ्यास के दौरान भारत के आसमान में कई प्रमुख मित्र देशों की वायुसेनाएं एक साथ नजर आएंगी, जो जटिल हवाई युद्धाभ्यास, सामरिक रणनीतियों और संयुक्त अभियानों के जरिए अपनी परिचालन क्षमता का लोहा मनवाएंगी।

वैश्विक भागीदारी और रणनीतिक समन्वय पर जोर

इस बड़े आयोजन को लेकर मंगलवार को वायुसेना की ओर से महत्वपूर्ण जानकारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस बहुपक्षीय अभ्यास में एशिया और यूरोप समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों के सैन्य दल और आधुनिक लड़ाकू विमान शिरकत करेंगे। विदेशी वायुसेना दल यहां भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों के साथ मिलकर आसमान में विभिन्न प्रकार के जटिल मिशनों को अंजाम देंगे। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य मकसद अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच आपसी समझ, परिचालन तालमेल और आधुनिक युद्ध कौशल को साझा करना है।

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सैन्य रणनीतिकारों के अनुसार, इस पूरे अभ्यास की रूपरेखा ऐसे तैयार की गई है जिससे भाग लेने वाले सभी देश एक-दूसरे की सामरिक कार्यप्रणालियों और व्यावहारिक अनुभवों से सीख सकें। कठिन भौगोलिक और सामरिक परिस्थितियों में किस तरह से संयुक्त अभियानों को कुशलता से संचालित किया जाए, इसका गहन परीक्षण जोधपुर के आसमान में किया जाएगा। इस आयोजन के तहत 10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस तय किया गया है, जहां उपस्थित गणमान्य अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों को विभिन्न देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना तथा संयुक्त हवाई अभियानों को प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिलेगा।

माउंट आबू में वायुसेना के जवानों ने दिखाई अदम्य बहादुरी

एक तरफ जहां वायुसेना अपने सामरिक अभ्यास की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके जांबाज जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए एक भीषण दुर्घटना को होने से रोक लिया। राजस्थान के माउंट आबू क्षेत्र में देर रात एक जगह अचानक भीषण आग लग गई। इस आपात स्थिति की सूचना मिलते ही माउंट आबू स्थित वायुसेना स्टेशन के एयर वॉरियर्स ने बिना किसी देरी के तुरंत मोर्चा संभाला। वायुसेना की यह टीम संकटग्रस्त स्थल पर पहली प्रतिक्रिया देने वाली टीम बनकर पहुंची और तेजी से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

घटनास्थल पर हालात बेहद नाजुक और जानलेवा बने हुए थे। वायुसेना की एयर कमांड द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जब तक बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक आग की तपिश की वजह से एक रसोई गैस सिलेंडर में पहले ही जोरदार धमाका हो चुका था। सबसे खतरनाक पहलू यह था कि आग की भीषण लपटों के ठीक बीच में कई अन्य गैस सिलेंडर भी फंसे हुए थे। यदि वे अन्य सिलेंडर भी अत्यधिक गर्मी के कारण एक के बाद एक फट जाते, तो पूरे रिहायशी इलाके में भारी तबाही मच सकती थी और आसपास जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

जान जोखिम में डालकर सुरक्षित निकाले गए ज्वलनशील सिलेंडर

खतरे की भीषणता को भांपते हुए एयर वॉरियर्स ने असाधारण तत्परता और जांबाजी का परिचय दिया। जवानों ने आग की भयावह लपटों पर पानी डालकर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया और साथ ही अपनी जान दांव पर लगाकर आग के बीच से अत्यधिक ज्वलनशील सिलेंडरों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला। जवानों के इस त्वरित और साहसिक हस्तक्षेप के कारण बाकी सिलेंडरों में विस्फोट होने की आशंका पूरी तरह खत्म हो गई और आग को और ज्यादा फैलने से सफलतापूर्वक रोक लिया गया।

सवाल-जवाब

तरंग शक्ति-2026 अभ्यास कब और कहां आयोजित किया जाएगा?
यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक राजस्थान के वायुसेना स्टेशन जोधपुर में आयोजित किया जाएगा।
इस युद्धाभ्यास में किन देशों की वायुसेनाएं भाग ले रही हैं?
इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ यूरोप और एशिया समेत कई प्रमुख मित्र देशों की वायुसेनाएं और लड़ाकू विमान शामिल होंगे।
इस युद्धाभ्यास का विशिष्ट आगंतुक दिवस कब है?
अभ्यास का विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस 10 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है।
माउंट आबू में वायुसेना के जवानों ने क्या कार्रवाई की?
माउंट आबू में देर रात लगी भीषण आग के दौरान जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला।
माउंट आबू की आग में मुख्य खतरा क्या था?
आग में एक गैस सिलेंडर पहले ही फट चुका था और बाकी अन्य गर्म हो रहे सिलेंडरों के फटने से व्यापक जानमाल के नुकसान का गंभीर खतरा बना हुआ था।
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टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·2 दिन पहले

माउंट आबू में सिलेंडर निकाल लेना वाकई बड़ी बहादुरी है, पर मुझे समझ नहीं आ रहा कि इतनी भयंकर आग के बीच कोई बिना झिझक कैसे कूद पड़ा। जांबाज तो हैं, फिर भी थोड़ा शक होता है कि क्या हालात सच में उतने ही खतरनाक थे जितने बताए जा रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

जोधपुर में तरंग शक्ति का इंतज़ार है, और माउंट आबू में जवानों ने जिस तरह जान पर खेलकर सिलेंडर निकाले, वो कमाल का साहस है।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

अर्जुन, बात तो सही है, जोधपुर वाला युद्धाभ्यास तो बड़ा होगा ही पर माउंट आबू में जवानों ने जिस फुर्ती से गैस सिलेंडर बाहर निकाले, असली जांबाजी तो वही थी।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

जोधपुर में होने वाले इस बड़े युद्धाभ्यास में कौन-कौन से देश अपने लड़ाकू विमान लेकर आ रहे हैं, इसकी पूरी सूची अभी सामने क्यों नहीं आई? माउंट आबू में वायुसेना के जवानों ने जिस हिम्मत से गैस सिलेंडर बचाए, वह वाकई कमाल का था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, सूची अभी पूरी तरह सार्वजनिक न होने के पीछे रणनीतिक कारण भी हो सकते हैं, पर माउंट आबू वाली बात पर मैं पूरी तरह सहमत हूँ— जवानों ने वाक़ई गज़ब का साहस दिखाया है।

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