कर्नाटक की सियासत में उठे कथित स्टिंग ऑपरेशन के विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्दारमैया ने सोमवार को नई दिल्ली का रुख किया। राष्ट्रीय राजधानी पहुंचकर उन्होंने एआईसीसी महासचिव केसी. वेणुगोपाल के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उनके साथ राज्य के कई प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे। पूरे प्रकरण के केंद्र में आने के बाद सिद्दारमैया के लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से भी मिलने की संभावना जताई जा रही है, ताकि शीर्ष नेतृत्व के सामने घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट की जा सके।
शीर्ष नेतृत्व के सामने बात रखने की तैयारी
पार्टी गलियारों में माना जा रहा है कि इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य नेतृत्व को समूचे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है। सिद्दारमैया इस पहलू पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं कि क्या इस कथित साजिश में संगठन के भीतर के ही कुछ लोग शामिल हैं। राष्ट्रीय राजधानी आने से पूर्व वह अपने विश्वस्त सहयोगियों के साथ इस गंभीर विषय पर विस्तृत मंत्रणा कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने मामले की जांच की प्रक्रिया पर असंतोष जाहिर करते हुए संकेत दिया था कि वह इसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
साजिश और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप
इस पूरे मामले को सिद्दारमैया ने अपने खिलाफ रचा गया सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर इसे एक सोची-समझी ब्लैकमेल साजिश बताते हुए एक पत्रकार और मंगलुरु की कृपा अल्वा की भूमिका पर संदेह जताया। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब यह विवाद राज्य की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है, जहां पार्टी के कुछ अंदरूनी सदस्यों की संलिप्तता की आशंकाओं ने बहस को और संवेदनशील बना दिया है।
लंबे राजनीतिक जीवन और आरोपों का खंडन
पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा के दौरान उन पर कभी इस तरह के लांछन नहीं लगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी कोई गलत आचरण नहीं किया है और कुछ अज्ञात तत्व राजनीतिक लाभ हासिल करने के मकसद से ब्लैकमेलिंग का सहारा ले रहे हैं। सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित उस वीडियो को उन्होंने पूरी तरह आधारहीन बताया, जिसमें वर्ष 2011 की एक कथित घटना के हवाले से यौन शोषण के दावे किए गए हैं। उनका कहना है कि यह केवल उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा दुर्भावनापूर्ण अभियान है।
कानूनी कदम और अदालती रोक की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिद्दारमैया ने बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त के समक्ष एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने आग्रह किया है कि इस मनगढ़ंत विवाद के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों को सामने लाने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने बेंगलुरु सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट का रुख किया है, ताकि समाचार पत्रों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया मंचों पर इस असत्यापित वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर तुरंत रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश प्राप्त किया जा सके। फिलहाल सीसीबी इस कथित स्टिंग ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग, परिस्थितियों और वीडियो के प्रसार से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।


















