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कोंडागांव में स्वास्थ्य व्यवस्था शर्मसार: अस्पताल में ताला होने के चलते बरामदे में हुआ प्रसवछत्तीसगढ़
28 जून 2026, 11:54 am (121 दिन पहले)· 4

कोंडागांव में स्वास्थ्य व्यवस्था शर्मसार: अस्पताल में ताला होने के चलते बरामदे में हुआ प्रसव

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल के बाहर बरामदे में बच्चे को जन्म देना पड़ा क्योंकि स्वास्थ्य केंद्र पर ताले लगे थे।

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोनाबाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाली एक गर्भवती महिला को उस समय भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा जब उसे अस्पताल का मुख्य द्वार बंद मिला। स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में न तो कोई स्टाफ मौजूद था और न ही कोई डॉक्टर, जिसके चलते महिला ने मजबूरी में अस्पताल के बरामदे में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी है।

परिजनों का गंभीर आरोप

महिला के रिश्तेदार सकाराम बघेल ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर वे उसे लेकर सोनाबाल अस्पताल पहुंचे थे। सकाराम के अनुसार, जब वे वहां पहुंचे तो अस्पताल का गेट बंद था और ताला लटका हुआ था। उन्होंने अस्पताल से जुड़े क्वॉर्टर में जाकर भी जांच की, लेकिन वहां भी कोई नहीं मिला। लाचार होकर महिला ने अस्पताल के बाहर बरामदे में प्रसव किया। सकाराम ने बताया कि बच्चे की नाल काटने के लिए उन्हें पास की दुकान से ब्लेड खरीदना पड़ा। उनके दावे के मुताबिक, स्टाफ घटना के काफी देर बाद वहां पहुंचा।

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पति ने दी पूरी जानकारी

महिला के पति अंगेत कश्यप ने बताया कि वे अपनी पत्नी को प्रसव के लिए घर से अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं मिली। हालांकि, सुखद बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। नवजात शिशु का वजन तीन किलो दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की सफाई

उधर, सोनाबाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम हिरमती साहू ने देर से पहुंचने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि वे उस समय भोजन कर रही थीं और जैसे ही उन्हें सूचना मिली, वे अपना खाना छोड़कर तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल में गार्ड ड्यूटी पर तैनात रहते हैं और वे ही वहां रात में सोते हैं। हिरमती साहू ने यह भी दावा किया कि अस्पताल पहुंचने के बाद बच्चे की नाल उन्होंने ही काटी थी। उन्होंने जोर दिया कि उनका घर अस्पताल के पास ही है और सूचना मिलते ही वे फौरन उपस्थित हो जाती हैं।

सवाल-जवाब

कोंडागांव में यह घटना कहां हुई?
यह घटना कोंडागांव जिले के सोनाबाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुई।
महिला को प्रसव कहां करना पड़ा?
अस्पताल में ताला बंद होने के कारण महिला को बरामदे में प्रसव करना पड़ा।
क्या जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं?
जी हां, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और बच्चे का वजन तीन किलो है।
स्टाफ का इस बारे में क्या कहना है?
एएनएम हिरमती साहू ने देरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं।
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