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कोटा के लैंडमार्क सिटी में दूसरी मंजिल से गिरी नीट अभ्यर्थी, 11 केवी बिजली लाइन से टकराने पर बची जानराजस्थान
16 अग॰ 2026, 3:13 pm (40 दिन पहले)· 2

कोटा के लैंडमार्क सिटी में दूसरी मंजिल से गिरी नीट अभ्यर्थी, 11 केवी बिजली लाइन से टकराने पर बची जान

राजस्थान के कोटा शहर में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई। बिजली के तार से टकराने के कारण वह करंट से बच गई लेकिन उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है।

राजस्थान के कोटा में कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लैंडमार्क सिटी में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक दुर्घटना घटी। यहां नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी 17 वर्षीय एक छात्रा इमारत की दूसरी मंजिल से अचानक नीचे गिर गई। हादसा सुबह करीब 11 बजे का बताया जा रहा है। नीचे गिरते समय छात्रा इमारत के पास से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गई। बिजली के तार से जोरदार टक्कर होने की वजह से तार टूट कर गिर गया, लेकिन इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते छात्रा बिजली के जानलेवा करंट की चपेट में आने से चमत्कारिक रूप से बच गई। हालांकि, जमीन पर तेज प्रभाव के साथ गिरने के कारण उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने उसे निकटतम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

लैंडमार्क सिटी हादसे की विस्तृत जांच में जुटी पुलिस

पीड़ित छात्रा मूल रूप से बिहार राज्य की रहने वाली है और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी के उद्देश्य से लगभग दो महीने पहले ही कोटा पहुंची थी। हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की सूचना कुन्हाड़ी थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्रा को दूसरी मंजिल से नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है। पुलिस अधिकारी अब इस वीडियो क्लिप और आसपास लगे अन्य कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रहे हैं। जांच अधिकारी इस मुख्य पहलू की पड़ताल कर रहे हैं कि छात्रा संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे गिरी थी या उसने स्वयं बालकनी से छलांग लगाई थी।

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कुन्हाड़ी थानाधिकारी देवेश भारद्वाज ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा दूसरी मंजिल से गिरते समय सबसे पहले वहां मौजूद 11 केवी बिजली की लाइन से टकराई थी। इस टक्कर के दबाव से बिजली का तार टूट गया, जिससे करंट का प्रवाह बाधित हो गया और छात्रा करंट लगने से सुरक्षित रह गई। थानाधिकारी के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा की हालत में सुधार है और वह चिकित्सकों की सतत निगरानी में है। पुलिस प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया है तथा प्रत्यक्षदर्शियों और हॉस्टल प्रबंधन के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

जून माह में हुई जेईई छात्र की आत्महत्या का मामला

कोटा के शिक्षण और हॉस्टल क्षेत्रों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक तनाव का मुद्दा पहले भी कई घटनाओं से उजागर होता रहा है। इसी वर्ष जून के महीने में कोटा के राजीव गांधी नगर स्थित एक पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में 17 वर्षीय जेईई अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। मृतक छात्र की पहचान उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर निवासी आर्यन ओझा के रूप में हुई थी। आर्यन इस वर्ष फरवरी महीने से कोटा के एक निजी कोचिंग संस्थान में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर के एक पीजी कमरे में रह रहा था।

3 जून की रात लगभग 10:45 बजे पीजी में रहने वाले अन्य साथी छात्रों ने आर्यन को उसके कमरे में पंखे से लटका देखा और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक योगेश शर्मा ने बताया था कि किशोर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उस मामले में भी कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था, जिसके चलते आत्मघाती कदम के सटीक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया था। पुलिस फिलहाल लैंडमार्क सिटी में हुई ताजा घटना के सभी तकनीकी और मानवीय पहलुओं का विश्लेषण कर रही है।

सवाल-जवाब

कोटा में यह हादसा किस स्थान और समय पर हुआ?
यह हादसा कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित लैंडमार्क सिटी में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुआ।
छात्रा की जान करंट लगने से कैसे बची?
दूसरी मंजिल से गिरते समय छात्रा 11 केवी की बिजली लाइन से टकराई जिससे तार टूट गया और वह करंट की चपेट में आने से बच गई।
पीड़ित छात्रा की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
हादसे में छात्रा के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और चोटें आई हैं, लेकिन अस्पताल में इलाज के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
क्या पुलिस को हादसे के संबंध में कोई वीडियो मिला है?
हां, घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसकी मदद से पुलिस यह जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या छलांग।
जून के महीने में कोटा में क्या घटना घटी थी?
जून में राजीव गांधी नगर स्थित एक पीजी में उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय जेईई अभ्यर्थी आर्यन ओझा ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 दिन पहले

यह घटना कोटा के आवासीय परिसरों में बुनियादी सुरक्षा और बालकनी के स्ट्रक्चरल मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 11 केवी हाईटेंशन लाइन का रिहायशी इमारतों के इतने करीब से गुजरना लोक सुरक्षा और नगर नियोजन पर भारी लापरवाही का संकेत है। पुलिस को केवल यह जांचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए कि छात्रा गिरी या कूदी, बल्कि यह भी देखना होगा कि इतनी खतरनाक विद्युत लाइनें छात्रों के आवासन क्षेत्रों के पास कैसे सक्रिय हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक उदासीनता पर भी कानूनी शिकंजा कसने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा परिस्थितियों से बचा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि कोटा के शिक्षण केंद्रों में केवल अकादमिक दबाव ही नहीं, बल्कि लचर बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक अनदेखी भी छात्रों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। हाईटेंशन लाइनों की यह विफलता और हॉस्टल इमारतों के संरचनात्मक मानक इस बात की तस्दीक करते हैं कि स्थानीय निकाय और विद्युत विभाग अपनी ज़िम्मेदारियों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुके हैं। यदि इन अनियोजित निर्माणों और असुरक्षित ऊर्जा वितरण तंत्र पर तत्काल सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही के चलते और अधिक भयावह रूप ले सकती हैं।

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