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लखीमपुर खीरी में बाढ़ का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने 41 चौकियां और 14 मोबाइल टीमें उतारींभारत
25 अग॰ 2026, 9:21 am (2 घंटे पहले)· 2

लखीमपुर खीरी में बाढ़ का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने 41 चौकियां और 14 मोबाइल टीमें उतारीं

लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देश पर 41 बाढ़ चौकियां और 14 मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, साथ ही गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ और जलभराव के दौरान स्थानीय नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के कुल 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, जिन पर प्रशासन की विशेष नजर है। इन सभी चुनिंदा केंद्रों पर डॉक्टरों की टुकड़ियों के साथ-साथ आपातकालीन औषधियों का अतिरिक्त स्टॉक भी सुरक्षित रखवा लिया गया है ताकि किसी भी आपदा से तुरंत निपटा जा सके।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए गए नियंत्रण कक्ष और चौकियां

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने जानकारी दी है कि जिले भर में बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कुल 41 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन सभी चौकियों पर कुल 32 अधिकारियों और 140 कर्मचारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात किया गया है और सभी को लगातार अलर्ट मोड में रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, जिला मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय में चौबीसों घंटे यानी 24 गुणा 7 काम करने वाला बाढ़ और संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है।

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संवेदनशील तहसीलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष इंतजाम

जिले की पांच प्रमुख तहसीलों जिनमें लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन और धौरहरा शामिल हैं, के अंतर्गत आने वाले 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को चिन्हित किया गया है। इन केंद्रों में नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ और गोला शामिल हैं। इन सभी जगहों पर मरीजों को तुरंत और प्रभावी इलाज देने के लिए विशेष रैपिड रिस्पॉन्स टीमें बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, दूरदराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर इलाज देने के उद्देश्य से 14 मोबाइल मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।

जीवन रक्षक दवाएं और एम्बुलेंस सेवाएं

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वितरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष मेडिसिन किट, ओआरएस के पैकेट और क्लोरीन की गोलियां पहले ही उपलब्ध करा दी हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा केंद्रीय औषधि भंडार में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं, एंटी स्नेक वेनम यानी सांप के काटने पर दी जाने वाली दवा और एंटी रेबीज वैक्सीन यानी कुत्ते के काटने के इलाज के टीके पर्याप्त स्टॉक में रखे गए हैं। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को भी चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है।

गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा और निगरानी

लखीमपुर खीरी के बाढ़ प्रभावित और संभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की विशेष देखभाल के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 38 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार की गई है, जिनमें कुल 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में उन महिलाओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है जिनकी डिलीवरी आगामी 3 महीनों के भीतर होने की उम्मीद है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका

बाढ़ की आपदा के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए मैदानी स्तर पर काम कर रही आशा कार्यकर्ताओं को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये आशा कार्यकर्ता चिन्हित की गई सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि प्रसव का समय नजदीक आने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए इन कार्यकर्ताओं को कुछ जरूरी दवाएं भी मुहैया कराई गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा सके और गंभीर मामलों में उन्हें बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किया जा सके। विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बाढ़ के कारण रास्तों के बंद होने और आवागमन ठप होने की स्थिति में भी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में कोई रुकावट न आए।

सवाल-जवाब

लखीमपुर खीरी में बाढ़ नियंत्रण के लिए कितनी चौकियां बनाई गई हैं?
लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए कुल 41 चौकियां बनाई गई हैं जिन पर 32 अधिकारियों और 140 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
जिले में बाढ़ और संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए क्या विशेष व्यवस्था है?
सीएमओ कार्यालय में 24 घंटे काम करने वाला बाढ़ और संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, साथ ही सभी सीएचसी पर जीवन रक्षक दवाएं और एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने 38 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान की है और अगले 3 महीने में डिलीवरी वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
कितनी मोबाइल मेडिकल टीमें और प्रभावित सीएचसी हैं?
जिले में प्रभावित इलाकों के लिए 14 मोबाइल मेडिकल टीमें बनाई गई हैं और 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

लखीमपुर खीरी में स्वास्थ्य विभाग की यह अग्रिम प्रशासनिक तैयारी सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से बेहद सराहनीय कदम है, विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में 202 गर्भवती महिलाओं और संक्रामक रोगों की रोकथाम पर दिया गया फोकस आपदा प्रबंधन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 घंटे पहले

लखीमपुर खीरी में बाढ़ प्रबंधन के तहत चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना और विशेषकर संवेदनशील गांवों की 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान करना इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस बार केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि स्वास्थ्य जोखिमों को न्यूनतम करने की रणनीति पर काम कर रहा है। नौ संवेदनशील सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और जीवन रक्षक दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक रखना जलजनित और संक्रामक बीमारियों के खतरे से निपटने में प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है, जिससे आपदा के समय स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने की आशंका कम होगी।

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