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मणिपुर के अशांत इलाकों में बिजली कर्मचारी की गोली मारकर हत्या, 24 घरों में लगाई गई आगमणिपुर
23 सित॰ 2026, 8:20 pm (34 दिन पहले)· 2

मणिपुर के अशांत इलाकों में बिजली कर्मचारी की गोली मारकर हत्या, 24 घरों में लगाई गई आग

मणिपुर के लसान गांव में बिजली लाइन दुरुस्त कर रहे 36 वर्षीय कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि कांगपोकपी जिले के दो नगा गांवों में 24 मकानों को आग के हवाले कर दिया गया।

मणिपुर के संवेदनशील पर्वतीय इलाकों में अशांति की ताजा घटनाओं के बीच एक बिजली कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और दो अलग-अलग गांवों में दो दर्जन मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा की पहली घटना इंफाल-तामेंगलॉन्ग मार्ग पर स्थित लसान गांव में बुधवार को उस समय घटी, जब वहां बिजली व्यवस्था को बहाल करने का काम चल रहा था।

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को बनाया गया निशाना

मृतक की पहचान वाकोतफाई गांव के निवासी 36 वर्षीय पाओजांगम चोंगलोई के रूप में हुई है। घटना के वक्त वह अपने नियमित कार्य के तहत बिजली की लाइन ठीक कर रहे थे। एक ग्रामीण प्राधिकरण ने इस मामले को लेकर पुलिस से संपर्क साधा है और जीरो एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू करने की मांग उठाई है। शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि हमले में एनएससीएन-आईएम के कैडर और लांगका गांव के स्वयंसेवक शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस हमलावरों की सही पहचान स्थापित करने के लिए तहकीकात कर रही है।

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स्वतंत्र जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

इस नृशंस हत्या की कुकी सिविक एक्शन कमेटी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने केंद्र सरकार और मणिपुर प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की अपील की है। समिति ने जोर देकर कहा कि किसी भी सशस्त्र समूह को कानून से ऊपर काम करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए, चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो या वे संघर्ष विराम समझौते के दायरे में आते हों।

कांगपोकपी में सुबह-सुबह 24 घरों को फूंका गया

हिंसा की दूसरी वारदात कांगपोकपी जिले के अंतर्गत आने वाले दो नगा बहुल बस्तियों में सामने आई। चलवा पुलिस स्टेशन की सीमा में पड़ने वाले माकुई खुमान और माकुई थानम्बा (चमरूइओइउ) गांवों में तड़के करीब 5 बजे हथियारबंद उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने दोनों बस्तियों में मौजूद आवासीय ढांचों को निशाना बनाते हुए कम से कम 24 घरों में आग लगा दी।

इन बस्तियों के निवासी पहले से ही विस्थापित चल रहे थे और उन्होंने पास के माकुई खुनजाओ इलाके में शरण ले रखी थी। जिस समय यह आगजनी हुई, उस दौरान घटनास्थल पर सुरक्षा बलों की कोई तैनाती मौजूद नहीं थी। घटना के बाद माकुई विलेज अथॉरिटी ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल दखल देने, संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने, नुकसान का आधिकारिक आकलन करने और प्रभावित इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

सवाल-जवाब

मणिपुर में मारे गए बिजली कर्मचारी की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान वाकोतफाई गांव के रहने वाले 36 वर्षीय पाओजांगम चोंगलोई के रूप में हुई है, जो लसान गांव में बिजली लाइन ठीक कर रहे थे।
यह गोलीबारी किस जगह और किस मार्ग पर हुई?
यह घटना हिंसा प्रभावित इंफाल-तामेंगलॉन्ग मार्ग पर स्थित लसान गांव में उस समय हुई जब कर्मचारी ड्यूटी पर था।
कांगपोकपी में आगजनी की घटना में कितने घरों को नुकसान पहुंचा?
कांगपोकपी जिले के माकुई खुमान और माकुई थानम्बा गांवों में हथियारबंद उपद्रवियों ने कम से कम 24 मकानों को आग के हवाले कर दिया।
आगजनी के वक्त क्या प्रभावित गांवों में सुरक्षा बल तैनात थे?
घटना के समय इन दोनों गांवों में सुरक्षा बलों की कोई तैनाती नहीं थी और वहां के निवासी पहले ही विस्थापित होकर माकुई खुनजाओ में रह रहे थे।
कुकी सिविक एक्शन कमेटी ने प्रशासन से क्या मांग की है?
कमेटी ने केंद्र और राज्य सरकार से हत्या की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने तथा किसी भी सशस्त्र समूह को कानून से ऊपर न रहने देने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·34 दिन पहले

डिफेंस और सिक्योरिटी बीट कवर करते हुए ऐसे कई मामले देखे हैं, जहां रिमोट एरिया में ड्यूटी पर तैनात लोगों को इस तरह निशाना बनाया जाता है। मणिपुर में बिजली ठीक कर रहे कर्मचारी की हत्या और घरों का जलना बहुत डरावना है। आम इंसान आखिर कहां जाए?

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

ड्यूटी कर रहे एक गरीब कर्मचारी को मार देना और खाली घरों में आग लगाना कौन सी जंग है? क्या सरकार के पास इन इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने का कोई पक्का प्लान नहीं है?

Riya Menon@riya-menon·34 दिन पहले

रवि जी, सही कहा आपने। जो इंसान लोगों के घरों में बिजली बहाल करने की ड्यूटी पर था, उसे ही निशाना बना दिया गया। ऐसे में आम लोग कैसे चैन से खाना पकाएंगे या सुरक्षित महसूस करेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

लाइनमैन की मौत बहुत दुखद है, पर बिना जांच के फौरन किसी संगठन का नाम ले लेना थोड़ा जल्दबाजी लगता है। पुलिस को पहले हर एंगल से तसल्ली से जांच कर लेनी चाहिए, तभी सच सामने आएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रोहन जी, आपकी बात ठीक है। मैं पिछले साल जब इंफाल गया था, तब वहाँ एक लाइनमैन से मिला था जो ऐसी ही जान जोखिम में डालकर काम कर रहा था।

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