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मणिपुर के डीजीपी मुकेश सिंह ने कामजोंग का किया दौरा, ताजा आगजनी के बीच सुरक्षा हालातों का लिया जायजामणिपुर
21 अक्तू॰ 2026, 9:42 pm (6 दिन पहले)· 2

मणिपुर के डीजीपी मुकेश सिंह ने कामजोंग का किया दौरा, ताजा आगजनी के बीच सुरक्षा हालातों का लिया जायजा

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने ताजे हिंसक हमलों और आगजनी के बीच कामजोंग जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शांति बहाली पर चर्चा की।

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने बुधवार को कामजोंग जिले का दौरा किया। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़े हुए सुरक्षा हालातों की समीक्षा करना और तमाम तैनात सुरक्षाबलों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत करना था। इस दौरान उनके साथ कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय मणिपुर के उप महानिरीक्षक भी मौजूद रहे।

अधिकारियों और जवानों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा

दौरे की शुरुआत में शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने जिले में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ विस्तृत बातचीत की। उन्होंने इलाके में मौजूदा कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। इसके बाद अधिकारियों ने 11 असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त सुरक्षा समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक में सुरक्षा परिदृश्य का मूल्यांकन किया गया और क्षेत्र में तैनात विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

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नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद

शीर्ष पुलिस नेतृत्व ने अपनी यात्रा के अगले चरण में कुकी और नागा नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों की चिंताओं को ध्यान से सुना और उनकी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। पुलिस प्रमुख ने सभी प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हरसंभव सहायता और सहयोग प्रदान किया जाएगा।

ताजा आगजनी की घटनाएं और पुरानी झड़पें

यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कामजोंग जिले में एक बार फिर हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में तड़के खोइकाई कुकी गांव में अज्ञात उग्रवादियों द्वारा कई घरों में आग लगाने की घटना घटी। इस ताजी हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।

पिछले हफ्तों के हिंसक संघर्ष

जिले में पिछले सप्ताह भी सुरक्षा संबंधी गंभीर घटनाएं दर्ज की गई थीं। उस दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने चासाद नामक कुकी पहाड़ी गांव पर हमला बोला था और कम से कम 15 मकानों को आग के हवाले कर दिया था। इस भीषण आगजनी के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को अपना घर छोड़कर नजदीकी जंगलों और एक सेना शिविर में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

गोलीबारी में हुई मौतों का सिलसिला

इस आगजनी की घटना से ठीक पहले दिन के समय इसी गांव पर एक और हमला हुआ था। उस हमले में संदिग्ध उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें एक कुकी नागरिक की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से गोली लगने से घायल हो गए थे। लगातार हो रही इन वारदातों के बाद से ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

मणिपुर के डीजीपी ने हाल ही में किस जिले का दौरा किया है?
मणिपुर के डीजीपी मुकेश सिंह ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए कामजोंग जिले का दौरा किया।
डीजीपी के साथ दौरे में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे?
उनके साथ कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय मणिपुर के उप महानिरीक्षक भी शामिल थे।
किन सुरक्षा बलों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई?
अधिकारियों ने 11 असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त सुरक्षा समन्वय बैठक की।
खोइकाई कुकी गांव में क्या घटना घटी थी?
इस गांव में अज्ञात उग्रवादियों द्वारा कई घरों में आग लगाने की घटना सामने आई।
चासाद गांव में पिछले सप्ताह क्या हुआ था?
संदिग्ध उग्रवादियों ने चासाद गांव पर हमला कर कम से कम 15 मकानों को आग के हवाले कर दिया था।
पिछले हफ्ते हुई गोलीबारी में कितने लोग हताहत हुए थे?
दिन के समय हुई गोलीबारी में एक कुकी नागरिक की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हो गए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·6 दिन पहले

पंद्रह मकान जलाए जाने और लोगों को जंगलों में छुपने की मजबूरी पढ़ना सचमुच दिल दहला देता है।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

कामजोंग में लगातार आगजनी और गोलीबारी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। डीजीपी के दौरे और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद क्या वाकई ज़मीन पर हालात सुधरेंगे या यह सिर्फ एक और औपचारिकता बनकर रह जाएगी?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·6 दिन पहले

रवि जी, सही कहा आपने। डीजीपी के दौरे से सुरक्षा का दिखावा तो हो जाता है, पर ज़मीन पर गोलीबारी और आगजनी रुकती नहीं दिखती।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

दौरे और बैठकों से ज़मीन पर हालात सुधरते दिख नहीं रहे हैं, सिर्फ कागज़ी कार्रवाई लग रही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

रोहन भाई, जब मैं खुद पिछले साल कामजोंग गया था, तब भी हालात ऐसे ही बिगड़े हुए थे। बैठकों से सच में ज़मीन पर कुछ नहीं बदलता।

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