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मणिपुर के लियांगमेई नागा गांवों पर हमला, कई घरों में लगाई गई आगमणिपुर
1 सित॰ 2026, 7:45 pm (56 दिन पहले)· 2

मणिपुर के लियांगमेई नागा गांवों पर हमला, कई घरों में लगाई गई आग

मणिपुर की राजधानी के पास इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर लियांगमेई नागा गांवों को निशाना बनाया गया, जहां कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया और एक पादरी गोली लगने से घायल हो गए।

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर स्थित लियांगमेई नागा गांवों को निशाना बनाया गया है। मंगलवार को हुई इस हिंसक घटना के दौरान कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है। इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और हमलों के पीछे के जिम्मेदार लोगों को लेकर लगातार विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं।

गांवों पर हमला और संपत्ति को नुकसान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हिंसा की चपेट में तापों और थोंगलांग अकुतपा गांव आए हैं। इसके अलावा मकुई से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पिपुरम नामक एक अन्य लियांगमेई नागा गांव को भी जलाए जाने की सूचना मिली है। इस पूरे घटनाक्रम में कई अन्य आवासीय मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय परिवारों का जीवन संकट में आ गया है.

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पादरी को लगी गोली और सुरक्षा पर उठे सवाल

इस भीषण गोलीबारी के दौरान तापों गांव के एक पादरी के पेट में गोली लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इन प्रभावित बस्तियों में लगभग 100 कमजोर और असहाय लियांगमेई नागा परिवार निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों का यह गंभीर आरोप है कि तापों गांव के मुखिया द्वारा बंग्लाबुंग कुकी गांव में स्थित नजदीकी सीआरपीएफ पोस्ट पर मदद के लिए सीधे फोन किए जाने के बावजूद, सुरक्षा बलों ने आश्वासन मिलने के बावजूद तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा नहीं संभाला.

सुरक्षा बलों की तैनाती और अनिश्चितता की स्थिति

मंगलवार तड़के कई इलाकों में ताबड़तोड़ गोलीबारी और हमलों का दौर शुरू हो गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घरों में आग लगाए जाने की सूचना दी। इस ताजा हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंफाल-तामेंगलोंग रोड के आसपास के लियांगमेई नागा गांवों में सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स सहित भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। हालांकि, इस हिंसा के सटीक कारणों, इसमें शामिल लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों को लेकर अब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया और व्यापक अशांति

स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके अलावा, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है जिसमें हताहतों, हमलों या संपत्ति के नुकसान का पूरा ब्योरा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया हो। यह ताजा हिंसा इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर कांगपोकपी में चल रही व्यापक अशांति के बीच सामने आई है, जहां हालिया हमलों में कुकी नागरिकों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की खबरें आई थीं। इन सभी घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह हिंसा मणिपुर में किस स्थान पर हुई?
यह हिंसा इंफाल-तामेंगलोंग रोड के पास स्थित लियांगमेई नागा गांवों में हुई।
किन-किन गांवों को इस हमले में निशाना बनाया गया?
इस हमले में तापों और थोंगलांग अकुतपा गांवों के अलावा पिपुरम गांव को भी निशाना बनाया गया।
इस घटना में कौन घायल हुआ है?
तापों गांव के एक पादरी के पेट में गोली लगी है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों पर क्या आरोप लगाया है?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तापों गांव के मुखिया द्वारा मदद मांगे जाने के बावजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई नहीं की।
किन सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया है?
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।
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