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मणिपुर में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने चार महीने बाद हटाई आर्थिक नाकेबंदी, त्रिपक्षीय बैठक के बाद बड़ा फैसलामणिपुर
26 सित॰ 2026, 6:34 pm (31 दिन पहले)· 1

मणिपुर में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने चार महीने बाद हटाई आर्थिक नाकेबंदी, त्रिपक्षीय बैठक के बाद बड़ा फैसला

मणिपुर में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ हुई त्रिपक्षीय बातचीत के बाद नेशनल हाईवे पर जारी चार महीने लंबी आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित कर दिया है। यह फैसला गुवाहाटी में हुई बैठक के बाद लिया गया है।

मणिपुर में नागा जनजातियों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड नागा काउंसिल ने शनिवार को राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर पिछले चार महीने से चल रही आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित करने का आधिकारिक ऐलान किया है। केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार के प्रतिनिधियों के साथ गुवाहाटी में हुई त्रिपक्षीय बैठकों के दौर के बाद यह सकारात्मक कदम उठाया गया है।

त्रिपक्षीय बातचीत और शांति बहाली की पहल

गुवाहाटी में आयोजित इस उच्चस्तरीय त्रिपक्षीय बैठक के दौरान क्षेत्र में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति और शांति बहाली के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में भाग लेने वाले पक्षों के बीच बनी रजामंदी के बाद यूनाइटेड नागा काउंसिल की ओर से नाकेबंदी को वापस लेने की घोषणा की गई। संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि समझौते के तहत यह नाकेबंदी 26 सितंबर को शाम 6 बजे से प्रभावी रूप से स्थगित कर दी जाएगी।

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नाकेबंदी की शुरुआत और मुख्य वजह

मई के महीने में कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइपेई गांव से छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद यह आर्थिक नाकेबंदी शुरू की गई थी। इस विरोध प्रदर्शन के तहत इंफाल को दीमापुर से जोड़ने वाले एनएच-2 और एनएच-37 राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया गया था। बाद में 10 जून को उन सभी अपहृत नागरिकों के शव बरामद किए गए थे, जिसके बाद से तनाव और आंदोलन का दायरा बना हुआ था।

व्यापार, जरूरी सामान और आर्थिक असर

राजमार्गों के लंबे समय तक ठप रहने के कारण पूरे मणिपुर में आवश्यक वस्तुओं और खाद्य सामग्रियों की ढुलाई पर भारी असर पड़ा था, जिससे आम बाजारों में कई चीजों की कीमतें काफी बढ़ गई थीं। इस पूरे आंदोलन के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और वर्गों से मिले सहयोग तथा एकजुटता के प्रति यूनाइटेड नागा काउंसिल ने आभार व्यक्त किया है। सरकार और नागा प्रतिनिधियों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण चर्चा से राज्य में जनजीवन को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

यूनाइटेड नागा काउंसिल ने नाकेबंदी कब हटाने की घोषणा की?
संगठन ने 26 सितंबर को शाम 6 बजे से आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित करने की घोषणा की है।
यह त्रिपक्षीय बैठक कहां आयोजित की गई थी?
यह त्रिपक्षीय बैठक गुवाहाटी में आयोजित की गई थी।
आर्थिक नाकेबंदी की मुख्य वजह क्या थी?
मई में कांगपोकपी जिले से छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण और बाद में उनके शव मिलने के बाद यह नाकेबंदी शुरू की गई थी।
कौन से राष्ट्रीय राजमार्ग इस नाकेबंदी से प्रभावित थे?
इंफाल को दीमापुर से जोड़ने वाला एनएच-2 और एनएच-37 राजमार्ग इस नाकेबंदी से प्रभावित थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·30 दिन पहले

हाइवे खुलने से कम से कम दाल-चावल और सब्जियों की सप्लाई ठीक होगी, पिछले चार महीनों से ट्रांसपोर्ट बंद होने की वजह से रसोई चलाना और बाजार से सामान लाना बेहद मुश्किल हो गया था।

Ravikash Gupta@ravikash·30 दिन पहले

चार महीने तक रास्ते बंद रहने से जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कैसे होगी और क्या सरकार कोई मुआवजा देगी?

Meera Joshi@meera-joshi·30 दिन पहले

रविकेश जी, नुकसान की भरपाई तो मुश्किल है, पर कम से कम अब रास्ते खुलने से रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौट सकेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·30 दिन पहले

चार महीने की नाकेबंदी के बाद अचानक समझौता हो जाना थोड़ा अजीब लगता है। इतनी आसानी से सब ठीक कैसे हो गया, कुछ तो अंदरखाने तय हुआ होगा जो बाहर नहीं आया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·30 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने। मैं जब पिछली बार इंफाल गया था, तब हाईवे बंद होने से खाने-पीने का सामान कितना महंगा मिल रहा था, वो मैं भूला नहीं हूँ। अंदरखाने क्या डील हुई, ये तो वक्त ही बताएगा।

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