पंजाब के मानसा में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार मुहिम चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पूरे राज्य में भारी तनाव और नाराजगी देखी जा रही है। इस सनसनीखेज वारदात के विरोध में 15 अक्टूबर को संपूर्ण पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद का यह सिलसिला सुबह 6 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। कार्यकर्ता के पिता भीम सिंह और उनके परिजनों के नेतृत्व में इस बंद की अपील की गई है, जिसके चलते जनजीवन और सामान्य व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना है।
सीबीआई जांच और इस्तीफे की मांग पर अड़े परिजन
नशे के अवैध धंधे के खिलाफ जान गंवाने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने मामले में अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे हत्याकांड की पड़ताल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराना चाहते हैं। इसके अलावा भीम सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग उठाई है। परिजनों का रोष इस हद तक है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उन्होंने परविंदर के शव का अंतिम संस्कार करने से भी साफ इनकार कर दिया है।
बंद के समर्थन में उतरे प्रमुख सियासी दल और किसान संगठन
इस राज्यव्यापी बंद को लेकर पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक समीकरण पूरी तरह लामबंद नजर आ रहे हैं। मुख्य विपक्षी दलों ने परिजनों की मांगों और बंद के आह्वान को खुला समर्थन दिया है। समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से ये दल और संगठन शामिल हैं
- पंजाब कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल
- अकाली दल वारिस पंजाब दे, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) और अकाली दल पुनर सुरजीत
- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से भी बंद को नैतिक समर्थन
- संयुक्त किसान मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा जैसे बड़े किसान संगठन
विभिन्न क्षेत्रीय और सामाजिक संगठनों ने भी आम नागरिकों और व्यापारियों से अपनी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद रखकर इस मुहिम में शामिल होने का अनुरोध किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी, तोड़फोड़ और बुलडोजर कार्रवाई
परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप एक स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार पर लगा है। वारदात के बाद फरार हुए आरोपी अश्विनी कुमार को पुलिस ने बुधवार को राजस्थान से हिरासत में लिया। इस बीच मानसा और आसपास के इलाकों में स्थानीय जनता का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साई भीड़ ने आरोपी के मेडिकल स्टोर पर धावा बोलकर वहां भारी तोड़फोड़ की और दुकान को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए झोटा के घर के एक बड़े हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।
फेसबुक लाइव के दौरान चलाई गई थीं गोलियां
मानसा क्षेत्र में केमिस्ट दुकानों के जरिए नशीली गोलियों और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मुखर थे। घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार को मेडिकल स्टोर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर नशे की दवा बेची जा रही थी। परविंदर मौके पर पहुंचे और इस गैरकानूनी गतिविधि का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव करने लगे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और मेडिकल स्टोर संचालक ने उन पर सीधी गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का आश्वासन और चेतावनी
इस गंभीर घटना और उससे उपजे जनआक्रोश पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री ने जनता से अमन-चैन और शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार नशा तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री मान ने चेतावनी दी कि इस हत्याकांड में शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी और इस आपराधिक साजिश के पीछे मौजूद किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।

















