देशभर के मौसम चक्र में एक साथ दो बड़े मौसमी तंत्रों के प्रभाव से व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। पंद्रह अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के सभी हिस्सों से पूरी तरह विदा हो चुका है, लेकिन इसके तुरंत बाद उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने से विभिन्न प्रांतों में वर्षा का एक नया दौर शुरू हो गया है। इस मौसमी बदलाव के चलते इक्कीस अक्टूबर तक देश के अलग-अलग भूभागों में बादलों की आवाजाही, तेज आंधी और मूसलाधार पानी गिरने की संभावना बनी हुई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर दक्षिणी प्रायद्वीप तक वातावरण में ठंडक और तेज हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी और उत्तर भारत में तेज हवाएं
पहाड़ी राज्यों में पिछले तीन दिनों से लगातार हिमपात का सिलसिला बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर ताजा बर्फबारी दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोलह अक्टूबर को भी इन पर्वतीय क्षेत्रों के ऊंचे शिखरों पर बर्फ गिरने के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के निचले इलाकों में बारिश का अनुमान जताया गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों पर सोलह और सत्रह अक्टूबर के दौरान छिटपुट पानी बरसने की संभावना है।
मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में बादलों की गरज के साथ तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सतही हवाएं चलने का अनुमान है, जो कुछ चुनिंदा स्थानों पर पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक भी पहुंच सकती हैं। इस बदलाव से हवा में ठंडक घुलने लगी है और सुबह-शाम के पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है।
दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट
उत्तर-पूर्वी मानसूनी हवाओं की आमद के साथ दक्षिणी प्रायद्वीप में मौसमी गतिविधियां बेहद तीव्र हो गई हैं। सोलह से उन्नीस अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विस्तृत इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस समयावधि में तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं, जिनकी गति चरम पर साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने मछुआरों और आम नागरिकों को तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
तमिलनाडु के आंतरिक और पश्चिमी जिलों में मौसम विशेष रूप से उग्र रहने का अनुमान है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, नमक्कल, धर्मपुरी और तिरुवन्नामलाई जिलों में अगले अड़तालीस घंटों के दौरान तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। दूसरी ओर राज्य की राजधानी चेन्नई और उससे सटे उपनगरीय क्षेत्रों में मध्यम दर्जे की वर्षा होने की बात कही गई है, जबकि राज्य के उत्तरी हिस्सों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम रह सकता है।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में बिजली और बारिश की चेतावनी
पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने जा रहा है। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के लिए सत्रह और अठारह अक्टूबर को येलो अलर्ट घोषित किया गया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र मुंबई के मुताबिक इस दौरान नांदेड़ और आसपास के इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने, बादलों की तेज गड़गड़ाहट और हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। इन दो दिनों में जिले के कई इलाकों में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है, जिससे फसलों और कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।














