हाल ही में खुले बारापूला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर पर सफर करने वाले वाहन चालकों को सुबह के समय भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा लिंक रोड और मयूर विहार फेज 1 से बारापूला तथा रिंग रोड की दिशा में बढ़ने वाले हिस्से पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। सामान्य दिनों में जो दूरी केवल 15 मिनट में पूरी हो जाती थी, उसे पार करने में यात्रियों को करीब एक घंटे का समय लग रहा है। एलिवेटेड रोड की संरचना ऐसी होने के कारण एक बार कॉरिडोर पर चढ़ने के बाद चालकों के पास बीच में उतरने का कोई विकल्प नहीं बचता, जिससे लोग लंबे समय तक गाड़ियों में फंसे रहने को मजबूर हैं।
नेविगेशन ऐप पर जानकारी न दिखने से बढ़ी परेशानी
इस भारी जाम की एक बड़ी वजह डिजिटल नेविगेशन प्लेटफॉर्म पर ताजा स्थिति का अपडेट न होना भी सामने आई है। गूगल मैप्स जैसे नेविगेशन सिस्टम पर बारापूला फेज 3 के जाम की सही जानकारी नहीं दिखाई दे रही है। इस तकनीकी खामी के चलते जो लोग पुराने वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर सकते थे, वे भी इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर की ओर बढ़ रहे हैं। पुराने रास्तों के साथ नए कॉरिडोर का सारा दबाव बारापूला जंक्शन पर एक साथ आ जाने से पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक का भारी जमावड़ा हो गया है और रिंग रोड की तरफ जाने वाली गाड़ियां रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रही हैं।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और वाहनों का डायवर्जन
हालात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कर्मी मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं। कॉरिडोर पर गाड़ियों के दबाव को घटाने के मकसद से बारापूला फेज 3 से आने वाले वाहनों को NH-24 और DND की दिशा में डायवर्ट किया जा रहा है। अधिकारियों ने सड़क पर उतरने वाले यात्रियों को स्पष्ट परामर्श दिया है कि वे फिलहाल इस नए कॉरिडोर का रुख करने से बचें। भीड़भाड़ कम होने तक NH-24 और DND जैसे वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करना ही सुरक्षित रहेगा, ताकि इस पूरे स्ट्रेच पर ट्रैफिक का दबाव सामान्य स्तर पर लौट सके।























