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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण कार्य रुका, बिना वैध दस्तावेजों के बाहरी कामगारों को लगाने का आरोपमेघालय
21 सित॰ 2026, 6:55 pm (10 दिन पहले)· 0

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण कार्य रुका, बिना वैध दस्तावेजों के बाहरी कामगारों को लगाने का आरोप

जयंतिया नेशनल काउंसिल ने कैरांग गांव में एकलव्य मॉडल स्कूल साइट का औचक निरीक्षण किया। संगठन ने बद्री राय कंपनी पर जरूरी कागजात के बिना सैकड़ों गैर-जनजातीय बाहरी मजदूरों को काम पर रखने का आरोप लगाकर काम रुकवा दिया।

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित कैरांग गांव में निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) परियोजना पर काम रोक दिया गया है। जयंतिया नेशनल काउंसिल (JNC) के केंद्रीय कार्यकारी समिति के पदाधिकारियों ने कार्यस्थल का औचक मुआयना करने के बाद यह कदम उठाया। संगठन का कहना है कि परियोजना का ठेका संभालने वाली कंपनी ने राज्य के नियमों को ताक पर रखकर बिना जरूरी अनुमति और कागजी कार्रवाई के राज्य से बाहर के सैकड़ों गैर-जनजातीय मजदूरों को काम में लगा रखा था।

औचक निरीक्षण के बाद कार्यस्थल पर कार्रवाई

जयंतिया नेशनल काउंसिल की केंद्रीय कार्यकारी समिति के महासचिव वांशवा सुटिंग के नेतृत्व में एक टीम निर्माण स्थल पर पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान काउंसिल ने पाया कि परियोजना का जिम्मा बद्री राय कंपनी के पास है। सुटिंग ने जानकारी दी कि कंपनी ने निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मेघालय से बाहर के गैर-जनजातीय कामगारों को बड़ी तादाद में बुलवाया था। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर मौजूद ऐसे बाहरी मजदूरों की तादाद कई सौ से कम नहीं थी, लेकिन उनके पास राज्य में वैध तरीके से मजदूरी करने के लिए तय दस्तावेज मौजूद नहीं थे।

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राज्य के नियमों और पंजीकरण दस्तावेजों का उल्लंघन

संगठन के अनुसार, बाहरी गैर-जनजातीय श्रमिकों के रोजगार को लेकर मेघालय सरकार और स्थानीय स्वायत्त परिषदों ने स्पष्ट कानूनी प्रावधान तय किए हैं। वांशवा सुटिंग ने रेखांकित किया कि राज्य में बाहर से आने वाले किसी भी गैर-जनजातीय श्रमिक के पास MRSSA 2020 के तहत जारी पंजीकरण कार्ड होना अनिवार्य है। इसके अलावा, ऐसे श्रमिकों को पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में विधिवत पंजीकृत होना चाहिए और जयंतिया हिल्स जिला स्वायत्त परिषद ट्रेडिंग बाय नॉन-ट्राइबल्स रूल्स 2015 के अंतर्गत उनके पास वैध एम्प्लॉयी सर्विस लाइसेंस उपलब्ध होना जरूरी है। इन अनिवार्य कागजातों के अभाव के कारण संगठन ने कथित रूप से बिना दस्तावेजों वाले बाहरी श्रमिकों से कराया जा रहा काम रुकवा दिया, हालांकि स्थानीय मजदूरों को काम जारी रखने की अनुमति दी गई।

परियोजना के महत्व और स्थानीय रोजगार पर जोर

जयंतिया नेशनल काउंसिल ने यह स्पष्ट किया है कि वे एकलव्य आवासीय विद्यालय परियोजना के विरोधी नहीं हैं। काउंसिल ने इस बात को स्वीकार किया कि यह संस्थान जनजातीय समाज और पूरे इलाके के समग्र विकास के लिए बेहद मुफीद साबित होगा। इस शैक्षणिक परिसर में हॉस्टल की सुविधा, खेल मैदान और उपकरण, कौशल विकास कार्यक्रम और विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण अवसर जोड़े जाने हैं, जिससे जनजातीय युवाओं को सीधी मदद मिलेगी। इसके साथ ही, भविष्य में स्कूल के संचालन के दौरान अलग-अलग विभागों में स्थानीय युवाओं के लिए नियमित रोजगार की संभावनाएं भी पैदा होंगी।

स्थानीय कार्यबल की अनदेखी पर जताई चिंता

संस्थान के लाभ गिनाते हुए काउंसिल ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि इतने बड़े निर्माण स्थल पर स्थानीय लोगों को दरकिनार कर दिया गया था। सुटिंग ने कहा कि सबसे निराशाजनक बात यह रही कि मौके पर केवल गैर-जनजातीय मजदूर ही काम करते पाए गए। काउंसिल ने मेघालय के भीतर विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा कर रही तमाम कंपनियों को आगाह किया कि जब राज्य में काम करने योग्य स्थानीय कार्यबल सुलभ है, तो कंपनियों को बाहर से श्रमिकों को लाने की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए। यह पूरा स्कूल प्रोजेक्ट जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन आता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सवाल-जवाब

ईस्ट जयंतिया हिल्स में किस परियोजना का काम रोका गया है?
कैरांग गांव में निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) का निर्माण कार्य रोका गया है।
काम रोकने का मुख्य कारण क्या था?
ठेकेदार कंपनी द्वारा बिना आवश्यक पंजीकरण और लाइसेंस के सैकड़ों बाहरी गैर-जनजातीय मजदूरों को काम पर लगाने के आरोप के कारण काम रोका गया।
परियोजना का निर्माण किस कंपनी द्वारा कराया जा रहा था?
इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बद्री राय कंपनी के पास थी।
मेघालय में बाहरी गैर-जनजातीय कामगारों के लिए कौन से नियम अनिवार्य हैं?
श्रमिकों के पास MRSSA 2020 के तहत पंजीकरण कार्ड और जिला परिषद के 2015 नियमों के तहत एम्प्लॉयी सर्विस लाइसेंस होना अनिवार्य है।
क्या संगठन स्कूल परियोजना के निर्माण का विरोध कर रहा है?
नहीं, संगठन ने स्पष्ट किया कि वे विद्यालय परियोजना का समर्थन करते हैं, लेकिन स्थानीय श्रमिकों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ हैं।
एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल किस मंत्रालय के तहत आता है?
यह स्कूल परियोजना केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन संचालित होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·9 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में स्थानीय नियमों और श्रमिक पंजीकरण की अनदेखी किस तरह क्षेत्रीय तनाव और काम में बाधा का कारण बन सकती है। यद्यपि ऐसे शैक्षणिक संस्थान विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन वैधानिक अनुपालन और स्थानीय श्रमबल की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना ठेकेदारों द्वारा बाहरी कामगारों को थोपना प्रशासनिक और कानूनी चुनौतियां खड़ी करता है, जिससे भविष्य में ऐसी परियोजनाओं की समयसीमा और लागत दोनों प्रभावित होने की आशंका है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

मेघालय में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय परियोजना पर जेएनसी द्वारा काम रुकवाया जाना स्थानीय श्रम नियमों और एमआरएसएसए 2020 के कड़े अनुपालन की मांग को रेखांकित करता है। यद्यपि संगठन ने शैक्षिक अधोसंरचना का समर्थन किया है, लेकिन बद्री राय कंपनी द्वारा बिना पंजीकरण के सैकड़ों बाहरी गैर-जनजातीय श्रमिकों को नियुक्त करना वैधानिक संकट पैदा कर रहा है। यदि संविदा कंपनियों द्वारा स्थानीय कानूनों की ऐसी अनदेखी जारी रही, तो यह पूर्वोत्तर राज्यों में प्रशासनिक जटिलताओं और श्रमिक तनाव को और बढ़ा सकता है, जिससे समय पर सरकारी परियोजनाओं का पूरा होना मुश्किल हो जाएगा।

Michael Anderson@michael-anderson·9 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि देश के दूरदराज इलाकों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के दौरान स्थानीय श्रम कानूनों और वैधानिक अनुपालनों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। यदि निर्माण एजेंसियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया नहीं अपनाई, तो ऐसे प्रशासनिक गतिरोध न केवल सरकारी योजनाओं को समय पर पूरा होने से रोकेंगे, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों में स्थानीय समुदायों और बाहरी कामगारों के बीच तनाव को भी हवा देंगे। इससे केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

मेघालय में स्थानीय श्रम कानूनों और एमआरएसएसए 2020 के प्रावधानों का यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी को उजागर करता है। यदि निर्माण कंपनियों द्वारा वैधानिक अनुमति और पंजीकरण की अनदेखी इसी तरह जारी रही, तो यह कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ सकता है और सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है। आगामी दिनों में जिला प्रशासन और श्रम विभाग को इस मामले में हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी बाहरी कामगारों के दस्तावेजों की विधिवत जांच हो, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके और स्थानीय अधिकारों की रक्षा हो सके।

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक स्थानीय श्रम विवाद नहीं है, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तीय और कॉर्पोरेट प्रशासन पर गहरा सवाल उठाती है। जब बड़ी ठेका कंपनियां जैसे बद्री राय कंपनी वैधानिक अनुपालन और श्रम नियमों की अनदेखी करती हैं, तो न केवल परियोजना की समयसीमा और लागत प्रभावित होती है, बल्कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर भी निवेशक का भरोसा डगमगाता है। वित्तीय और कॉर्पेारेट न्यूज़ के दृष्टिकोण से, यदि ऐसी विनियामक चूकें जारी रहीं, तो भविष्य में इन क्षेत्रों में कॉर्पोरेट निवेश और अनुपालन संबंधी जोखिम काफी बढ़ सकते हैं, जिससे संपूर्ण आर्थिक विकास की गति बाधित हो सकती है।

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