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मेघालय के विलियमनगर अस्पताल में डॉक्टरों ने निकाला 15 किलो का अंडाशय का ट्यूमरमेघालय
14 सित॰ 2026, 2:58 pm (17 दिन पहले)· 0

मेघालय के विलियमनगर अस्पताल में डॉक्टरों ने निकाला 15 किलो का अंडाशय का ट्यूमर

विलियमनगर सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने 45 वर्षीय महिला के पेट से 15 किलोग्राम का भारी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। हृदय रोग से पीड़ित मरीज की यह जटिल सर्जरी एपिड्यूरल एनेस्थीसिया तकनीक के तहत की गई।

मेघालय के विलियमनगर सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने 8 सितंबर को 45 वर्ष की एक महिला के पेट से 15 किलोग्राम का अंडाशय (ओवेरियन) ट्यूमर सफलता से निकाला। इस जटिल ऑपरेशन ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमता को साबित किया है और राज्य के भीतर ही बड़ी तथा गंभीर बीमारियों के इलाज का एक बेहतर उदाहरण पेश किया है।

मरीज की स्थिति और जटिलताएँ

यह महिला पिछले लगभग पांच सालों से पेट में लगातार सूजन और तेज दर्द से पीड़ित थी। उनके इलाज में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वे पहले से ही एक हृदय रोग (कार्डियक कंडीशन) से ग्रस्त थीं। इस कारण सर्जरी और एनेस्थीसिया दोनों के दौरान भारी जोखिम बना हुआ था। दिल की बीमारी से पीड़ित मरीज का इतने बड़े और भारी ट्यूमर के लिए ऑपरेशन करना किसी बड़े मेडिकल चमत्कार से कम नहीं था।

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एपिड्यूरल एनेस्थीसिया का अनूठा प्रयोग

हृदय संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए एपिड्यूरल एनेस्थीसिया तकनीक का सहारा लिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस विशेष तकनीक के तहत विलियमनगर अस्पताल में ओवेरियन ट्यूमर की यह पहली इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी थी। इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और मुख्य सर्जन डॉ विंस मोमिन ने किया, जबकि एनेस्थेटिस्ट डॉ सेंगराक मारक ने मरीज की हृदय स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए एनेस्थीसिया का संचालन किया।

इस महत्वपूर्ण सर्जरी में मेडिकल स्टाफ की भी सक्रिय भूमिका रही। ऑपरेशन थिएटर में स्टाफ नर्स यूलिन, यूजीन और दिनेया के साथ ओटी टेक्नीशियन त्रिंची ने सहयोग दिया। इसके अलावा, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ तन्मय मोमिन ने मरीज की सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और आईसीयू (ICU) में देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। सफल ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीज की हालत अब स्थिर है और वे डॉक्टरों की निगरानी में तेजी से ठीक हो रही हैं।

स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ता विश्वास

यह सफल ऑपरेशन मेघालय के सरकारी अस्पतालों की बढ़ती परिचालन और चिकित्सा दक्षता का प्रमाण है। स्थानीय स्तर पर ऐसी जटिल सर्जरी संभव होने से अब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों में बड़े मेडिकल केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की राहत मिलती है।

सवाल-जवाब

विलियमनगर सिविल अस्पताल में निकाले गए ट्यूमर का वजन कितना था?
डॉक्टरों की टीम ने 45 वर्षीय महिला के पेट से 15 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर निकाला।
यह सर्जरी इतनी जोखिम भरी क्यों थी?
मरीज को ट्यूमर के साथ-साथ पहले से हृदय रोग (कार्डियक कंडीशन) भी था, जिससे एनेस्थीसिया और सर्जरी दोनों में बड़ा जोखिम था।
इस ऑपरेशन में किस विशेष तकनीक का उपयोग किया गया?
डॉक्टरों ने मरीज की सुरक्षा के लिए एपिड्यूरल एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया, जो इस अस्पताल में इस प्रकार की पहली सर्जरी थी।
इस मेडिकल टीम का नेतृत्व किसने किया?
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ विंस मोमिन ने सर्जरी का नेतृत्व किया, जबकि एनेस्थेटिस्ट डॉ सेंगराक मारक और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ तन्मय मोमिन भी टीम में शामिल थे।
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