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मिठड़ी बायपास पर डंपर से कार कुचली, एक परिवार के तीन सदस्यों सहित चार की मौतराजस्थान
16 सित॰ 2026, 10:02 am (9 दिन पहले)· 1

मिठड़ी बायपास पर डंपर से कार कुचली, एक परिवार के तीन सदस्यों सहित चार की मौत

मिठड़ी बायपास पर बुधवार सुबह करीब 5 बजे मिट्टी और पत्थर की मुरड़ से भरा डंपर कार से भीषण रूप से टकरा गया, जिससे चारों कार सवारों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में लक्ष्मण सिंह, उनकी पत्नी तुलसी, पुत्री शीतल और कार चालक रामाकिशन शामिल हैं।

डीडवाना कुचामन जिले के नावां थाना क्षेत्र में मिठड़ी बायपास पर बुधवार सुबह करीब 5 बजे एक कार और भारी डंपर के बीच हुई टक्कर में कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई। चारों मृतकों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, और तीन मृतक एक ही परिवार से संबंधित थे।

मृतकों में पति, पत्नी और पुत्री शामिल

मृतकों की पहचान लक्ष्मण सिंह, उनकी पत्नी तुलसी, पुत्री शीतल तथा कार चालक रामाकिशन के रूप में हुई है। लक्ष्मण सिंह, तुलसी और शीतल एक ही परिवार के तीन सदस्य थे, जबकि रामाकिशन कार चला रहे थे। परिवार मूल रूप से मिठड़ी के पास स्थित पालड़ी गांव में किराए के मकान में रहता था। तुलसी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर तैनात थीं और कासेड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र में अपनी सेवाएं दे रही थीं। स्वास्थ्य कर्मी सहित उनके परिवार के तीन लोगों की अचानक मौत से विभाग और गांव में शोक का माहौल है।

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विपरीत दिशा से आए डंपर ने कार को पिचक दिया

बुधवार भोर में, जब इलाके में लोग नए दिन की शुरुआत कर रहे थे, यह दुर्घटना घटी। विपरीत दिशा से तेज रफ्तार पर एक भारी डंपर आ रहा था, जिसमें मिट्टी और पत्थर की मुरड़ भरी थी। डंपर बेकाबू हुआ तो कार उसकी चपेट में आ गई और भयंकर टक्कर हुई। इस टक्कर से वाहन टूटकर बिखर गया और उसका ढांचा पूरी तरह दब गया। कार में मौजूद चारों लोग ढांचे के बीच फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव निकालने के लिए कार के हिस्से काटने पड़े

सूचना फैलते ही स्थानीय निवासी घटनास्थल पर जमा हो गए और पुलिस तथा एंबुलेंस सेवा को खबर की। पुलिस कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस को तुरंत सूचित किए जाने के बाद नावां थाना पुलिस और 108 की टीम मौके पर पहुंची। चारों लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी, इसलिए अब मुख्य काम कार में फंसे शवों को बाहर निकालना था। कार इतनी अधिक क्षतिग्रस्त थी कि यह काम पुलिस के लिए आसान नहीं रहा। काफी मेहनत के बाद स्थानीय निवासियों के सहयोग से कार के हिस्से काटे गए और चारों मृतकों के शव बाहर निकाले गए।

चारों शव नावां उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में

मौके से चारों शवों को उठाकर नावां उपजिला अस्पताल ले जाया गया और वहां मोर्चरी में रखवाया गया। मृतकों के घरवालों को पुलिस ने दुर्घटना की जानकारी दे दी। जब परिवार वाले अस्पताल पहुंचेंगे, उसके बाद शवों की पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया होगी। इस प्रक्रिया के पूरे होने पर ही शव अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंपे जाएंगे। एक साथ चार लोगों को खोने से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

क्रेन से रास्ता खुला, जिम्मेदार डंपर जब्त

दुर्घटना के बाद मिठड़ी बायपास पर आवागमन गंभीर रूप से रुक गया। क्षतिग्रस्त कार और डंपर सड़क पर पड़े होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया और उसके बाद यातायात फिर चालू करवाया। हादसे के लिए जिम्मेदार माने जा रहे डंपर को जब्त कर थाने भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की असली वजह जानने के लिए विस्तृत छानबीन शुरु कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार, कोहरा और नींद में लगी झपकी जैसी संभावनाओं को देखा जा रहा है। फिलहाल किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

सवाल-जवाब

हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा डीडवाना कुचामन जिले के नावां थाना क्षेत्र में मिठड़ी बायपास पर बुधवार सुबह करीब 5 बजे हुआ।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
कार में सवार चार लोगों की मौके पर मौत हुई। मृतकों में दो महिलाएं और दो पुरुष थे।
मृतक कौन थे?
मृतक लक्ष्मण सिंह, उनकी पत्नी तुलसी, पुत्री शीतल और कार चालक रामाकिशन थे।
एक ही परिवार के कितने सदस्य मारे गए?
लक्ष्मण सिंह, तुलसी और शीतल एक ही परिवार के तीन सदस्य थे। रामाकिशन कार चालक थे।
परिवार कहां रहता था?
परिवार मिठड़ी के पास पालड़ी गांव में किराए के मकान में रहता था।
तुलसी कहां काम करती थीं?
तुलसी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम थीं और कासेड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र में सेवा दे रही थीं।
शवों को कैसे बाहर निकाला गया?
कार बेहद क्षतिग्रस्त थी, इसलिए पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से हिस्से काटकर चारों शव बाहर निकाले।
शवों को कहां रखा गया और आगे क्या होगा?
शव नावां उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए हैं। परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमॉर्टम होगा, फिर शव अंतिम संस्कार के लिए दिए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·8 दिन पहले

बायपास मार्गों पर भारी व्यावसायिक वाहनों का अनियंत्रित परिचालन मालवहन और बेड़ा प्रबंधन (फ्लीट मैनेजमेंट) में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। खनन और निर्माण सामग्री ढोने वाले डंपरों में ओवरलोडिंग, अनियंत्रित गति और ट्रैकिंग तकनीक का अभाव गंभीर जोखिम पैदा करता है। वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र में गति-सीमा नियामकों (स्पीड गवर्नर्स), जीपीएस मॉनिटरिंग और कड़े बीमा व परिचालन मानकों को लागू करना अनिवार्य है। ऐसे उपाय न केवल सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े वित्तीय और विधिक जोखिमों को भी कम करते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

यह दुखद हादसा ग्रामीण और अर्ध-शहरी बायपास मार्गों पर भारी वाणिज्यिक वाहनों के नियमन और लोक नीति के क्रियान्वयन में गंभीर कमियों को उजागर करता है। तेज रफ्तार डंपरों पर गति सीमा लागू करने, तकनीक से निगरानी और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग जैसे बुनियादी प्रशासनिक तंत्र का अभाव ऐसे हादसों को बढ़ाता है। शासन का ध्यान सिर्फ दुर्घटना के बाद राहत कार्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सड़क सुरक्षा ऑडिट और व्यावसायिक वाहनों की जवाबदेही तय करने वाले कड़े विधायी कदम उठाने पर होना चाहिए ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

अर्जुन की बात को आगे बढ़ाते हुए, यह हादसा बुनियादी ढांचा और खनन लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला में वाणिज्यिक वाहनों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ओवरलोडेड डंपरों का अनियंत्रित परिचालन केवल सड़क सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि फ्लीट मैनेजमेंट में डिजिटल ट्रैकिंग, स्पीड गवर्नर और कॉर्पोरेट जवाबदेही के क्रियान्वयन में विफलता को दर्शाता है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में तकनीक-आधारित ट्रैकिंग और व्यावसायिक दायित्व नियमों को कड़ा किए बिना ऐसे हादसों से होने वाली मानवीय और आर्थिक क्षति को रोकना असंभव है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

यह हादसा न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि बाईपास पर भारी वाहनों की बेलगाम गति और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की गंभीर समस्या को उजागर करता है। पुलिस जांच में यह देखना होगा कि क्या डंपर ओवरलोड था या चालक नशे में था। साथ ही, जिला प्रशासन को ऐसे मार्गों पर भारी यातायात के समय और गति नियंत्रण के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे, अन्यथा इस तरह की घटनाएं रुकेंगी नहीं।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

यह दर्दनाक हादसा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के बाईपास मार्गों पर लगातार बने रहने वाले सड़क सुरक्षा संकट को गहराई से रेखांकित करता है। सुबह के समय भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और अनियंत्रित आवाजाही बिना किसी प्रभावी ट्रैफिक पुलिसिंग के आम नागरिकों के लिए मौत का जाल बन चुकी है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर, ऐसे संवेदनशील मार्गों पर भारी वाहनों की गति सीमा तय करने और सघन गश्त बढ़ाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा इस तरह की जानलेवा दुर्घटनाओं पर रोक लगाना असंभव होगा।

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