देश के बड़े हिस्से में इस समय मौसम दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ कई राज्यों में दिन के वक्त तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं और शाम होते-होते उमस बढ़ जाती है, तो दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार जमीन पर अपना दायरा फैला रहा है। यही वजह है कि आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि मॉनसून के आगे बढ़ते ही चिलचिलाती गर्मी से राहत की उम्मीद बंध गई है।
कहां तक पहुंचा मॉनसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार तक मॉनसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से होकर देश के पूर्वी हिस्सों तक खिंच चुकी है। यह रेखा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारिपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का आकलन है कि अगले 4 से 5 दिनों तक वायुमंडलीय परिस्थितियां मॉनसून को और आगे धकेलने के लिए मुफीद बनी रहेंगी।
इन राज्यों में दस्तक देगा मॉनसून
इसी अवधि में मॉनसून के महाराष्ट्र के और बड़े हिस्से, कर्नाटक के बचे हुए इलाकों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ और क्षेत्रों तक फैलने की संभावना है। इसके साथ ही झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दाखिल होने के आसार बने हुए हैं। यानी मध्य से लेकर पूर्वी भारत तक का एक बड़ा भू-भाग जल्द ही बारिश की चपेट में आ सकता है।
बारिश बढ़ेगी, गर्मी टूटेगी
IMD का कहना है कि जैसे-जैसे मॉनसून आगे बढ़ेगा, इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होती जाएंगी और इससे महीनों से सता रही गर्मी पर ब्रेक लगने की उम्मीद है। मौसम विभाग पल-पल की स्थिति पर निगाह रखे हुए है और समय-समय पर ताजा अपडेट जारी कर रहा है, ताकि लोगों को मौसम के बदलते मिजाज की जानकारी मिलती रहे।
राजस्थान में जगह-जगह बरसे बादल
राजस्थान में भी मौसम ने करवट ली है। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में रविवार को बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ीं। राहत की बात यह रही कि इस दौरान राज्य में कहीं भी लू नहीं चली। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में दर्ज हुई, जहां 44 मिलीमीटर (मिमी) पानी बरसा। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ में 23 मिमी और भीलवाड़ा में 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग ने यह भी बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 4-5 दिनों तक बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभागों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।
फलौदी रहा सबसे तपता शहर
बारिश की इस गतिविधि के बीच भी राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में गर्मी अपना जोर दिखाती रही। राज्य में सबसे ज्यादा तापमान फलौदी में रहा, जहां पारा 42.8 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। इसके बाद जैसलमेर में दिन का तापमान 41.2 डिग्री, बाड़मेर में 41.1 डिग्री और चूरू में 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।













