चंदौली जिले के मुगलसराय इलाके में स्थित बीएसएनएल कार्यालय परिसर में स्थापित आधार सेवा केंद्र पर इन दिनों नागरिकों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है. प्रशासन की ओर से इस केंद्र को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों को निःशुल्क और सुलभ आधार सुविधाएं उपलब्ध कराना था, ताकि आम नागरिकों को दूर-दराज के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. इसके विपरीत, जमीनी हकीकत यह बन चुकी है कि केंद्र के मुख्य द्वार के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और नागरिक अपनी बारी आने के इंतजार में घंटों परेशान हो रहे हैं. सबसे बड़ी समस्या यह सामने आ रही है कि कतार में खड़े लोगों को यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा रहा है कि उनका नंबर कब आएगा और उनका काम कब तक पूरा हो सकेगा.
नियामताबाद ब्लॉक से स्थानांतरित हुआ केंद्र, उमड़ रही भीड़
मुगलसराय के इस बीएसएनएल दफ्तर में आधार सेवा केंद्र का संचालन कुछ ही दिनों पहले नए सिरे से शुरू किया गया है. इससे पूर्व यह सुविधा केंद्र नियामताबाद ब्लॉक परिसर में संचालित किया जा रहा था. दूरदराज के ग्रामीण इलाकों और शहर के लोगों को एक ही स्थान पर आधार पंजीकरण एवं संशोधन से संबंधित कामकाज की सुविधा देने के इरादे से इसे यहां स्थानांतरित किया गया. हालांकि, केंद्र के चालू होते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है. कार्यस्थल पर एक समय में लगभग 50 लोग कतार में अपनी बारी का इंतजार करते हुए देखे गए. केंद्र पर उमड़ रही इस भीड़ से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आधार कार्ड बनवाने, नाम या पते में सुधार कराने और बायोमेट्रिक अपडेट जैसे कार्यों के लिए क्षेत्र में लोगों की कितनी बड़ी संख्या आश्रित है.
चार दिनों से लगातार चक्कर काटने की मजबूरी
कतार में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों में व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष देखा जा रहा है. आधार संबंधी कार्य के सिलसिले में केंद्र पर पहुंचे सुदामा ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से लगातार इस केंद्र के चक्कर काट रहे हैं और भारी परेशानी झेल रहे हैं. सुदामा लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करके यहां पहुंचते हैं, लेकिन काम पूरा होने को लेकर कोई निश्चित व्यवस्था न होने की वजह से उन्हें बार-बार खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है. आम लोगों को यह उम्मीद रहती है कि सरकारी केंद्र पर जाने से उनका काम बिना किसी अड़चन के आसानी से हो जाएगा, परंतु घंटों का लंबा इंतजार उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है.
इसी कतार में मौजूद अशोक शर्मा ने बताया कि वह सुबह से ही लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कतारबद्ध लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए और काम की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट रूप से बताया जाए, तो आम जनता को इस अनावश्यक परेशानी से बड़ी राहत मिल सकती है. स्थिति की स्पष्ट जानकारी न होने से लोग असमंजस में खड़े रहने को मजबूर हैं.
कामकाज से छुट्टी लेकर पहुंचे लोग, प्रक्रिया की जानकारी का अभाव
केंद्र पर आधार बनवाने या उसमें सुधार कराने पहुंचे कई लोग अपने दैनिक कामकाज या नौकरी से अवकाश लेकर कतार में खड़े हैं. केंद्र पर मौजूद बब्लू कनौजिया ने बताया कि वह अपने जरूरी काम से छुट्टी लेकर यहां आधार संबंधी काम कराने आए थे. उन्हें यह भरोसा था कि सरकारी केंद्र पर लगभग आधे घंटे के भीतर उनका काम निपट जाएगा, लेकिन कतार की गति इतनी धीमी है कि यदि समय पर काम नहीं हुआ तो उन्हें बिना काम कराए ही लौटना पड़ सकता है. इस प्रकार लोगों का कीमती समय और काम की छुट्टी दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं.
कतार में खड़े अंसारी अहमद ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि लाइन में लगे लोगों को टोकन मिलने, नंबर जारी होने और कार्यालय के अंदर प्रवेश करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रही है. जब तक किसी नागरिक को यह पता नहीं होगा कि उसकी बारी कब आएगी, तब तक उसके लिए अनिश्चित समय तक कतार में खड़े रहना बेहद तनावपूर्ण बना रहता है. कतार में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष दोनों ही धूप और गर्मी में अपनी बारी की आस लगाए खड़े देखे जा सकते हैं.
सुचारू प्रबंधन और टोकन प्रणाली की दरकार
इस आधार सेवा केंद्र की शुरुआत आम नागरिकों को राहत और सहूलियत देने के लिए की गई थी, ताकि बिना किसी शुल्क के वे अपने आवश्यक पहचान पत्र से जुड़े कार्य निपटा सकें. मगर वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि केंद्र प्रबंधन कतार में खड़े लोगों को टोकन जारी करे, प्रतिदिन की निश्चित सीमा तय करे और काम पूरा होने की संभावित समय-सीमा के बारे में स्पष्ट बोर्ड या घोषणा के माध्यम से जानकारी दे. जब तक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक नागरिकों को अपना कामकाज छोड़कर बार-बार केंद्र के चक्कर काटने और घंटों लाइन में खड़े रहने के लिए विवश होना पड़ेगा.




















