पारंपरिक जर्दे में संतरे के छिलके का नया तड़का, गाजीपुर की छात्राओं ने तैयार की आसान विधिपश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी वायदा बाजार में सुस्ती, निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों परअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती के बीच सोने की रफ्तार थमी, जानिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरहवाई सफर होगा महंगा: इंडिगो ने घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ायाफ्रांस के कर्ज संकट से यूरो लगातार सातवें दिन पस्त, 0.8450 के स्तर पर टिकी बाजार की नजरेंअक्टूबर में यूरोपीय निवेशकों का भरोसा कमजोर, यूरो और प्रमुख मुद्राओं पर बढ़ा दबावयूरोपीय सेंट्रल बैंक के लेन ने दी धीमी आर्थिक वृद्धि की चेतावनी, वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में दिखा दबावयूरोपीय अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार पर ईसीबी की चेतावनी, कमजोर कच्चे तेल के बीच यूरो और कैनेडियन डॉलर में कड़ा मुकाबलाअमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में सीमित दायरे का कारोबार, प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों पर दबावबिग बॉस 20 में नई कैप्टन उदिति से भिड़ीं माही विज, बर्तनों की सफाई पर अरिशफा और कनिका में भी तकरार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन की अर्जी पर तुरंत रोक लगाने से शीर्ष अदालत का इनकार, केंद्र को नोटिसभारत
5 अक्तू॰ 2026, 1:36 pm (1 घंटे पहले)· 0

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन की अर्जी पर तुरंत रोक लगाने से शीर्ष अदालत का इनकार, केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है। तीन जजों की पीठ ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई 27 अक्टूबर तय की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को फौरी तौर पर पद से हटाने की मांग पर देश की शीर्ष अदालत ने कोई भी अंतरिम निर्देश देने से साफ मना कर दिया है। इसके चलते वह अपने पद पर यथावत कार्य करते रहेंगे। चुनाव आयोग तथा एसआईआर से जुड़े विवाद के संदर्भ में दायर इस याचिका पर शीर्ष अदालत ने विस्तृत बहस सुनने के उपरांत यह कदम उठाया। यद्यपि पीठ ने पद से हटाने की अंतरिम अर्जी खारिज कर दी, लेकिन पूरे विवाद के कानूनी पहलुओं की पड़ताल के लिए केंद्र सरकार एवं निर्वाचन आयोग को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलें और गंभीर चेतावनियां

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत से तुरंत दखल देने का आग्रह किया। उन्होंने जोरदार शब्दों में कहा कि यदि इस स्तर पर अंतरिम स्थगनादेश जारी नहीं हुआ तो स्थिति अत्यंत विस्फोटक हो सकती है। उनकी दलील थी कि संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और साख पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं, जिससे संस्थागत मर्यादा को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन को निष्पक्ष प्रक्रिया बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया।

ये भी पढ़ें

तीन न्यायाधीशों की पीठ का रुख और टिप्पणियां

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इस पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल रहे। बहस के दौरान जब अखबारों में छपी जानकारियों का हवाला दिया गया, तो पीठ ने स्पष्ट टिप्पणी की कि समाचार माध्यमों में प्रकाशित सामग्री सही भी साबित हो सकती है और गलत भी, इसलिए अदालत पूरे प्रकरण की स्वयं वस्तुनिष्ठ जांच कर रही है।

सर्वसम्मति पर सवाल और अगली तारीख

अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद अहम कानूनी संकेत देते हुए रेखांकित किया कि यदि आधिकारिक दस्तावेजों से यह स्थापित हुआ कि विवादास्पद निर्णय सर्वसम्मत राय से नहीं लिया गया था, तो न्यायिक समीक्षा के तहत उन आदेशों को निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। ECI और केंद्र सरकार का पक्ष सामने आने के बाद पीठ अब इस पूरे मसले पर 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई करेगी।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में क्या फैसला दिया?
अदालत ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से निलंबित करने के लिए अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है।
इस मामले की सुनवाई किस पीठ ने की?
इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में क्या दलील रखी गई?
वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलील दी कि अंतरिम आदेश न आने पर देश जल उठेगा और आयोग की साख से समझौता हुआ है।
अदालत ने आयोग के फैसलों को लेकर क्या टिप्पणी की?
अदालत ने कहा कि यदि रिकॉर्ड से यह साबित हुआ कि फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया था, तो वह उन आदेशों को रद्द कर देगी।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब निर्धारित की गई है?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को तय की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·19 मिनट पहले

अदालत ने अभी रोक तो नहीं लगाई, पर चुनाव आयोग के फैसलों पर बात दूर तक जाएगी।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·19 मिनट पहले

रविकेश जी, 27 अक्टूबर की तारीख तक अंक 9 का प्रभाव रहेगा, जो किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

अदालत ने नोटिस तो दे दिया है, पर चुनाव आयोग जैसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति पर रोक न लगाना थोड़ा अजीब लगा। जब तक फैसला आएगा, तब तक बहुत देर न हो जाए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

करण भाई, अदालत ने भी तो साफ कह दिया है कि अगर फैसला सर्वसम्मत नहीं हुआ तो आदेश रद्द हो जाएगा। 27 अक्टूबर तक इंतजार करना ही होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp