शादी से चार हफ्ते पहले चेहरे की चमक बढ़ाएं दूल्हे, इन 5 आसान घरेलू स्किनकेयर आदतों से पाएं निखारसेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के पुनर्वास पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा विस्तृत ब्योरापारंपरिक जर्दे में संतरे के छिलके का नया तड़का, गाजीपुर की छात्राओं ने तैयार की आसान विधिसगाई में दिखना है सबसे जुदा, तो चुनिए मनीष मल्होत्रा के ये शानदार साड़ी डिजाइन्सबिग बॉस 20 में नई कैप्टन उदिति से भिड़ीं माही विज, बर्तनों की सफाई पर अरिशफा और कनिका में भी तकरारपश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी वायदा बाजार में सुस्ती, निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों परअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती के बीच सोने की रफ्तार थमी, जानिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरहवाई सफर होगा महंगा: इंडिगो ने घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ायाफ्रांस के कर्ज संकट से यूरो लगातार सातवें दिन पस्त, 0.8450 के स्तर पर टिकी बाजार की नजरेंएंथ्रोपिक का बड़ा कदम, भारत में ही प्रोसेस होगा क्लॉड एआई का डेटा
नंदीग्राम चोट विवाद पर पश्चिम बंगाल में गरमाई सियासत, ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रबंधन को थमाया कानूनी नोटिसपश्चिम बंगाल
5 अक्तू॰ 2026, 2:04 pm (22 मिनट पहले)· 0

नंदीग्राम चोट विवाद पर पश्चिम बंगाल में गरमाई सियासत, ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रबंधन को थमाया कानूनी नोटिस

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने के बाद एसएसकेएम अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कानूनी नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान पैर में फ्रैक्चर न होने का दावा किया था।

पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में गोपनीय स्वास्थ्य दस्तावेजों के अचानक बाहर आ जाने से जबर्दस्त हलचल देखने को मिल रही है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यक्तिगत उपचार और सेहत से जुड़े निजी कागजात उनकी इजाजत के बिना उजागर किए जाने पर अब कानूनी कदम उठा लिया गया है। इस पूरे प्रकरण में उनके कानूनी सलाहकार की ओर से एसएसकेएम अस्पताल प्रशासन के अलावा राज्य के स्वास्थ्य महकमे के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को सीधे तौर पर विधिक नोटिस प्रेषित किया गया है।

भेजे गए इस नोटिस में साफ तौर पर यह दलील दी गई है कि पूर्व मुख्यमंत्री के चिकित्सीय उपचार से जुड़े संवेदनशील ब्योरे को बिना किसी पूर्व अनुमति के सार्वजनिक पटल पर रख दिया गया। नोटिस के अनुसार ऐसा आचरण मरीज की गोपनीयता की रक्षा करने वाले स्थापित कानूनों के साथ-साथ चिकित्सा जगत की पेशेवर आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। इस गंभीर कदम के जरिए दस्तावेजों के इस तरह अनधिकृत प्रसारण पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है।

ये भी पढ़ें

गोपनीय रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री का दावा और जांच की बात

इस ताजा विवाद ने तब बड़ा मोड़ लिया जब पश्चिम बंगाल के वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पैर में किसी भी किस्म की हड्डी टूटने या फ्रैक्चर का मामला वास्तव में था ही नहीं। उनका कहना था कि अस्पताल के अधिकृत ब्योरे के अनुसार पैर की हड्डी खिसकने या किसी फ्रैक्चर का कोई तथ्यात्मक प्रमाण मौजूद नहीं है। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की गहन पड़ताल करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के इसी आक्रामक रुख और दावों के जवाब में ममता बनर्जी के पक्ष से कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की गई है। उनका पक्ष यह मान रहा है कि गोपनीय रिकॉर्ड का इस तरह राजनीतिक आरोपों के लिए इस्तेमाल किया जाना सीधे तौर पर निजता और विधिक मर्यादाओं की अनदेखी है।

तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को बताया चुनावी चाल

दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से पेश किए गए तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी की ओर से इन बयानों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और स्तरहीन करार दिया गया। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आगामी उपचुनावों के माहौल को जानबूझकर प्रभावित करने के इरादे से ऐसे आधारहीन दावे पेश किए जा रहे हैं ताकि जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाया जा सके।

वर्ष 2021 के नंदीग्राम घटनाक्रम की पृष्ठभूमि

यह पूरा टकराव असल में 10 मार्च 2021 की उस चर्चित घटना से जुड़ा हुआ है, जब तीन बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकीं ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के बिरुलिया स्थित रेयापारा में प्रचार अभियान पर निकली थीं। उसी दौरान उनके बाएं पैर में चोट लगी थी। घटना के तत्काल बाद उन्होंने कहा था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धक्का दिए जाने के कारण वह अपनी कार के खुले दरवाजे से टकरा गईं और उनका बायां पैर चोटिल हो गया।

बाद के दिनों में एक वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया था कि जनसंपर्क के दौरान अत्यधिक भीड़ के दबाव और धक्के की वजह से यह हादसा हुआ। इसके बाद उन्हें तुरंत एसएसकेएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने पाया था कि उनके बाएं टखने, पैर की हड्डी और लिगामेंट में काफी गंभीर चोटें आई थीं। उस चोट के पश्चात ममता बनर्जी को पूरे चुनाव अभियान के दौरान व्हीलचेयर के सहारे रैलियां करते हुए देखा गया था। अंततः उस चुनावी मुकाबले में टीएमसी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 210 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) केवल 77 सीटों पर सिमट कर रह गई थी।

सवाल-जवाब

ममता बनर्जी के वकील ने किसे कानूनी नोटिस भेजा है?
ममता बनर्जी के वकील ने एसएसकेएम अस्पताल प्रबंधन और पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है।
अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग को नोटिस क्यों भेजा गया?
बिना अनुमति के पूर्व मुख्यमंत्री के निजी मेडिकल रिकॉर्ड और इलाज के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने के विरोध में यह नोटिस भेजा गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या दावा किया था?
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक 2021 चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पैर में किसी फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का सबूत नहीं था, और इसकी जांच कराई जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
टीएमसी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें दुर्भाग्यपूर्ण बताया और उपचुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया।
ममता बनर्जी के पैर में चोट कब और कहां लगी थी?
ममता बनर्जी को 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम के बिरुलिया इलाके के रेयापारा में चुनाव प्रचार के दौरान बाएं पैर में चोट लगी थी।
वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का क्या परिणाम रहा था?
2021 के चुनाव में टीएमसी ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 210 से ज्यादा सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp