महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित बीएमसी संचालित कूपर अस्पताल के प्रवेश द्वार पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सुरक्षा कर्मियों ने बुर्का पहनकर आई दो महिलाओं को कथित तौर पर अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान महिलाओं और अस्पताल के सुरक्षा अमले के बीच तीखी बहस हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है।
अधिकारों का हनन और गरिमा का सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेशे से अधिवक्ता जहरा शेख अपनी एक सहेली के साथ अस्पताल में भर्ती किसी रिश्तेदार का हाल-चाल पूछने पहुंची थीं। मुख्य द्वार पर मौजूद गार्ड्स ने कथित तौर पर उन्हें परिसर में दाखिल होने से पहले बुर्का हटाने को कहा। इस मांग का कड़ा विरोध करते हुए जहरा शेख ने गार्ड्स से सवाल किया कि ऐसा नियम किस आधार पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत गरिमा, प्राइवेसी और धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया। इस पूरी घटना को उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने अपने फोन में कैमरे से रिकॉर्ड कर लिया।
सुरक्षा कारणों का हवाला और प्रशासनिक स्थिति
दूसरी तरफ, मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि अस्पताल परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, बच्चों की चोरी की घटनाओं को रोकने और आगंतुकों की पहचान की उचित पुष्टि करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम अथवा नकाब हटाने की मांग को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में अभी तक स्थानीय पुलिस स्टेशन में किसी भी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।



















